उत्तराखंड के कांग्रेस भवन में आयोजित राहुल गांधी के युवा प्रतिभा खोज कार्यक्रम में अपने-अपने बायोडाटा एवं समाज को दिए गए योगदानों की फाइलों के साथ सैकड़ों युवा पहुंचे. हालांकि राहुल गांधी के सामने इंटरव्यू देने की पूरी तैयारी के साथ पहुंचे सैकड़ों युवक निराश भी हुए. .
भारतीय युवक कांग्रेस ने महासचिव और युवा संासद राहुल गांधी के निर्देश पर राहुल के विश्वास पात्रों के पांच सदस्यीय पैनल ने देवभूमि उत्तराखंड पहुंच कर टैलेंट सर्च कार्यक्रम को आयोजित किया. कार्यक्रम के आयोजन से पहले इसे राहुल गांधी और युवा कांग्रेस से जुड़ने के सुनहरे अवसर के रूप मे प्रचारित किया गया. ऐसे कार्यक्रम राहुल गांधी के निर्देश पर देश के कई राज्यों में आयोजित किए गए हैं. उत्तराखंड की बारी 25वें नंबर पर रहा. इस कार्यक्रम में को सांसद जितेंद्र सिंह, सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष व संासद अशोक तंवर, पूर्व केंद्रीय मंत्री और संजय गांधी के क़रीबी सहयोगी रहे जगदीश टाइटलर ने हिस्सा लिया.
राहुल गांधी देश के पढ़े-लिखे युवाओं में खासे लोकप्रिय हैं, इसका पता इसी बात से चलता है कि अल्प सूचना के बावजूद खासी संख्या में युवक-युवतियां इंटरव्यू देने आए. इनमें अधिकतर उच्च शिक्षा प्राप्त स्नातक एवं स्नातकोत्तर युवक थे. इसमें आने वाले मात्र पांच प्रतिशत युवा ही ऐसे रहे जिन्होंने स्नातक तक शिक्षा नहीं प्राप्त की थी. टैलेन्टसर्च में हिस्सा लेने आये युवाओं में कई तो एमबीए एवं बीटेक जैसी प्रोफेशनल डिग्री ले चुके लोग भी थे. इन युवाओं का मानना है कि राजनीति में भी अच्छे व टैलेंटेड लोगों की ज़रूरत हैं. अमेरिका से उच्चशिक्षा प्राप्त करके भारत लौटी नेहा शर्मा भी इस सर्च कार्यक्रम में भाग लेने सुबह ही कांग्रेस भवन पहुंची. उनसे जब राजनीति में आने की उनकी मंशा पर सवाल किया गया, तो इन्होंने साफ किया कि वह तो राहुल गांधी से बेहद प्रभावित हैं और उन्हीं की कार्यप्रणाली से प्रभावित होकर राजनीति में संभावनाओं को तलाशने कांग्रेस भवन तक आई हैं. इसी क्रम में लंदन स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स से पढ़ाई कर चुके अजीम प्रेमजी ने भी इस टैलेन्ट सर्च कार्यक्रम में आकर साक्षात्कार दिया. राहुल गांधी के युवाओं से जुड़े कार्यक्रमों से प्रभावित प्रेमजी का मानना है कि जब तक राजनीति में अच्छे लोग नही आएंगें तब तक भारत की राजनीति का भला होने वाला नही है.
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