पर्यावरण के अनुकूल आवासीय परिसर

रेक की इच्छा होती है-एक घर हो सपनों का. लेकिन इस महंगाई के दौर में हरेक की इच्छा पूरी नहीं हो पाती. लेकिन दिल छोटा मत कीजिए. आपके सपनों को पूरा करने लिए लोटस बुलवर्ड ने ग्रीन रेसिडेंसियल इस्टेट प्रोजेक्ट शुरू करने की घोषणा की है, जो हर मायने में आपके मानदंडों पर खरा उतरेगा. यह कम क़ीमत, स्वस्थ माहौल के साथ ही पर्यावरण के प्रति आपकी संवेदनशीलता के उद्देश्य को भी पूरा करता है. यह इसके नाम से भी पता चल जाता है. ग्रीन बिल्डिंग के क्षेत्र में भारत और नोएडा में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं आईटी ऑफिस निर्माण क्षेत्र की अग्रणी कंपनी 3सी ने लोटस बुलवर्ड के नाम से भारत की सबसे ग्रीन रेसिडेंसियल इस्टेट प्रोजेक्ट शुरू करने की घोषणा की है. 40 एकड़ भूमि पर तैयार होने वाले इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 1550 करोड़ रुपये है. पहले चरण में वह 30 एकड़ ज़मीन पर निर्माण के लिए रेड फोर्ट कैपिटल (एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय रियल इस्टेट प्राइवेट इक्विटी फंड) के साथ निवेश करेगी. लोटस बुलवर्ड, नोएडा सेक्टर-100 में स्थित होगा. यह ग्रीन रेसिडेंसियल इस्टेट नोएडा के प्रमुख स्थानों जैसे डीएनडी, टोल ब्रिज, सेक्टर-18 के बाज़ार, प्रस्तावित मेट्रो स्टेशन, स्कूल और हॉस्पिटल आदि जगहों से यातायात के सभी साधनों से जुड़ा है. इस प्रोजेक्ट की घोषणा करते हुए 3सी कंपनी के निदेशक विदुर भारद्वाज ने कहा कि लोटस बुलवर्ड द्वारा एकीकृत ग्रीन डेवलेपर के रूप में एक ऐसा भवन  का निर्माण करना है, जिसकी कार्यप्रणाली से लेकर इस्तेमाल तक भरोसेमंद साबित हो. 3सी कंपनी ने वातावरण को हरियाली से युक्त रखने में एक और प्रमुख कड़ी जोड़ी है. 3सी ग्रुप के अंतर्गत यह एशिया की एकमात्र ऐसी टीम है, जिसने प्लेटिनम आधारित लीड सर्टिफाइड दो ग्रीन बिल्डिंग्स तैयार की है, जो  गुड़गांव की विप्रो टेक्नोलॉजी और नोएडा स्थित पटनी कैंपस है. लोटस बुलवर्ड को कई स्तर पर तैयार किया जाएगा. इसमें दो और तीन बेडरूम वाले फ्लैट होंगे. इसका कुल क्षेत्रफल 987 वर्ग फुट से लेकर 1820 वर्ग फुट तक होगा. इसकी शुरुआती क़ीमत 2825 प्रति वर्ग फुट होगी.

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