कभी नहीं से देर भली

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि वन और पर्यावरण मंत्रालय के अंतर्गत वन एवं वन्य जीवों और पर्यावरण मामलों के लिए अलग-अलग विभाग होंगे. मौजूदा व्यवस्था में पर्यावरण मंत्रालय के अधीन वन्यजीवों के लिए एक अलग शाखा है, जिसके मुखिया पर्यावरण सचिव विजय शर्मा हैं. हाल के दिनों में पन्ना और रणथंभौर बाघ अभयारण्यों में बाघों की लगातार घटती संख्या के मद्देनज़र काफी शोरशराबा हुआ है. संभव है, प्रधानमंत्री का यह फैसला इसी परिप्रेक्ष्य में लिया गया हो. वेटलैंड्‌स के रखरखाव और उस पर निगरानी रखने के लिए नई नीति बनाई गई है और संरक्षित क्षेत्रों में माइनिंग पर रोक लगाने की दिशा में भी कार्ययोजना बनाई जा रही है. अगला नंबर कहीं जंगलों के समीप रहने वाले लोगों के लिए नौकरियों के मुद्दे का तो नहीं है!

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