एक प्रेमी युगल ने शादी क्या कर ली. गांव वाले उसके जान के दुश्मन बन गए. उसके परिजनों को गांव वालों ने जीना मुहाल कर दिया है. उसे समाज से बहिष्कृत कर दिया है. उसके परिवार से गांव का कोई भी व्यक्ति नहीं बोलता है. आ़खिर उस प्रेमी युगल का क़सूर क्या है. स़िर्फ यही न कि उसने प्यार किया और उससे शादी कर ली है, तो क्या प्यार करने की उसे सजा मिली है. प्रेमी युगल पंचायत के फरमान के डर से अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर भागते फिर रहे हैं. यह घटना है वाल्मीकि नगर थाना के संतपुर गांव की. जहां की पंचायत ने इस नवविवाहित जोड़े पर एक लाख इक्कावन हज़ार रुपये जुर्माना के साथ ही गांव के अंदर हुक्का पानी तक बंद कर दिया है. एक बार फिर समाज के ठेकेदारों ने इन्हें निर्वासित जीवन जीने क लिए बाध्य कर दिया है. पंचायत और मुखिया का फरमान ही इस गांव में कानून की तरह है. पंचायत ने इस शादी को नाजायज़ करार दे दिया. पंचायत ने उसके परिजनों को धमकी दी है कि गांव से भागकर शादी करने वाले बेटा-पुतोहु को गांव की पंचायत में हाज़िर करो वरना तुम सबकी खैर नहीं है. चौथी दुनिया ने गांव पहुंचकर छानबीन की तो पता चला कि भागने वाले प्रेमी का नाम इंद्रदेव मरदनिया और उसके पिता का नाम भिखारी मरदनिया हैं. लड़की का नाम फुलमती और उसके पिता का नाम रामचंद्र काजी है. फुलमती के माता-पिता से मिलना चाहा तो पता चला है कि घर पर कोई नहीं है. फिर इंद्रदेव मरदनिया के घर पर उसके पिता भिखारी मरदनिया से मुलाकात हुई. वह पंचायत के डर से कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं था. काफी हिम्मत देने के बाद उसने बताया कि दो माह पहले गांव के पंचायत ने मुझे बुलाया. पंचायत में गांव के उप मुखिया जगनारायण गुरु, बंशराज महतो गुमश्ता, धनराज महतो, बृजराज महतो, रामचंद्र काजी आदि उपस्थित थे. उन्होंने कहा कि तुम्हारा बड़ा लड़का इंद्रदेव रामचंद्र काजी की लड़की को भगा ले गया है. दोनों को बुलाओ, नहीं तो इंद्रदेव की लाश भी हम मंगवा सकते हैं. तुम पर एक लाख इक्कावन हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाता है. इसके साथ ही गांव के अंदर तुम्हारा हुक्का पानी भी बंद किया जाता है. गांव के कुएं से तुम्हार पानी पीना बंद किया जाता है. गांव का कोई दुकानदार तुमको सामान नहीं देगा. भीखारी की पत्नी रेशमी ने कहा कि मेरे दो लड़के हैं. इंद्रदेव बड़ा है. उसकी शादी दोन जंगल के शेरवा गांव में हुआ था. दो साल पहले उसकी पत्नी की मौत हो गई और अपने पीछे दो वर्ष के बेटे दीपक को छोड़ गई. दीपक को गांव के लोग बिस्कुट तक दुकान से नहीं लेने देते हैं. मेरी दो बेटी भी है. बड़ी बेटी का नाम धनराजी और छोटी का नाम कनकलता है. भीखारी ने आगे बताया कि फुलमती ने पंचायत के सामने अपने पिता के पास रहने से इंकार कर दिया है. उसने बताया कि हम दोनों कोर्ट में शादी कर लिए हैं. फिर भी पंचायत का फरमान पूर्ववत जारी हैं. 13 अप्रैल को एसपी के जनता दरबार में उन्होंने अपनी सुरक्षा का गुहार और गांव से हुक्का पानी बंद करने के विषय में बताया है, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है. जब गांव की मुखिया गीरजा देवी के पति से मोबाइल पर बात हुई तो कहा कि जाति बिरादरी का मामला है. गांव के उपमुखिया जगनारण गुरु का कहना था कि अब किसी भी लड़की के जीवन को बर्बाद नहीं होने देंगे. इंद्रदेव बहुत खराब लड़का है. वह गांव की कई लड़कियों का जीवन तबाह कर चुका है.
प्रेमी युगल का क़सूर क्या है. स़िर्फ यही न कि उसने प्यार किया और उससे शादी कर ली है, तो क्या प्यार करने की उसे सजा मिली है. प्रेमी युगल पंचायत के फरमान के डर से अपनी जान बचाने के लिए इधर उधर भागते फिर रहे हैं. यह घटना है वाल्मीकि नगर थाना के संतपुर गांव की. जहां की पंचायत ने इस नवविवाहित जोड़े पर एक लाख इक्कावन हज़ार रुपये जुर्माना के साथ ही गांव के अंदर हुक्का पानी तक बंद कर दिया है.
यह कहने पर कि उन दोनों ने कोर्ट मैरिज कर लिया है तो उनका जबाब था कि दोनों झुठ बोलते हैं. अगर शादी की है तो पंचायत के समक्ष हाजिर होकर कागज क्यों नहीं दिखलाते. मैं चाहता हूं कि पुलिस इसकी छानबीन करे. इस मसले पर पुलिस मुख्यालय स्थित डीएसपी एसडी रजक का कहना था कि पुलिस के सामने मामला आया है. इस पर कार्रवाई की जा रही है.
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