मनीषा कोइराला की मुश्किल

फिल्म सौदागर से इंडस्ट्री में पहचान बनाने वाली मनीषा कोइराला ने बॉलीवुड को कई बेहतरीन फिल्में दीं. बॉम्बे, अकेले हम अकेले तुम एवं खामोशी आदि ऐसी फिल्में हैं, जिनमेंइस नेपाली बाला के काम को बहुत सराहा गया, लेकिन पिछले कुछ समय से वह रुपहले पर्दे से लगभग ग़ायब हो गई थीं. अब उनके प्रशंसकों के लिए खुश़खबरी यह है कि वह शीघ्र ही शादी के बंधन में बंधने जा रही हैं. कुछ टूटे-पुराने रिश्तों को भुलाकर आखिरकार चालीस वर्ष की उम्र में उन्होंने घर बसाने का फैसला कर लिया है. उनके भावी पति सम्राट दहल नेपाल में चमड़े का व्यापार करते हैं. उनका व्यवसाय काठमांडू के अलावा भारत में कोलकाता, चेन्नई, आगरा, दिल्ली और कानपुर में भी फैला हुआ है. वह और मनीषा दोस्तों के जरिए मिले थे और फिर उन्होंने जीवन भर एक-दूसरे का साथ देने के लिए शादी करने का फैसला कर लिया. उन्होंने अपने मन की बात अपने-अपने माता-पिता को बताई और शादी तय हो गई. आम पत्नियों की तरह ही मनीषा अपने होने वाले पति की शिक़ायत करती हैं कि वह हमेशा व्यस्त रहते हैं, लेकिन वह एक अच्छे, सच्चे और बुद्धिमान इंसान हैं. मनीषा कहती हैं कि सम्राट को फिल्मों में कोई दिलचस्पी नहीं है. उन्होंने शायद ही उनकी फिल्म 1942-ए लव स्टोरी देखी हो, लेकिन वह उन्हें एहसास दिलाना चाहती हैं कि बॉलीवुड केवल मस्ती और ग्लैमर का जहां नहीं है, बल्कि यहां कायम रहने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. इसलिए मनीषा सम्राट को कई बार सेट पर शूटिंग देखने के लिए बुला लेती हैं. जब सम्राट मनीषा को ऐक्टिंग करते हुए देखते हैं, तो वह भी महसूस करते हैं कि फिल्मों में काम करना कितना मुश्किल होता है. अपने घर-परिवार से दूर भारत में अकेले रहने को लेकर सम्राट के मन में मनीषा के लिए कई सवाल उमड़ रहे थे. 2001 में नेपाल में ऑस्ट्रेलिया के राजदूत क्रिस्पिन कॉन रॉय और पिछले साल अमेरिकी लेखक क्रिस्टॉफर डोरिस के साथ संबंधों की चर्चा की वजह से मनीषा ने सम्राट को मुंबई में अपने दोस्तों से मिलवाया. अच्छी बात यह है कि सम्राट को मनीषा के दोस्त बहुत पसंद आए. शादी के बाद मनीषा अपने पति के साथ नेपाल में रहेंगी या भारत में, यह उन्होंने अभी सोचा नहीं है, पर उन्होंने यह तय कर लिया है कि बॉलीवुड में काम करना नहीं छोड़ेंगी. वह रुपहले पर्दे पर एक नई पारी खेलने के लिए बिल्कुल तैयार हैं. उनके पास एक नहीं, कई फिल्में हैं. उनकी आने वाली एक फिल्म मायावती पर आधारित है. इसके अलावा इस साल रिलीज होने वाली फिल्मों में दो पैसे की धूप-चार आने की बारिश, चेहरे और एक सेकंड-जो ज़िंदगी बदल दे आदि शामिल है.