हम किसी से कम नहीं

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बिहार के चुनावी महाभारत में हर कोई अपनी ताक़त आजमाने सड़कों पर उतर चुका है. रणनीति बनाने का काम ख़त्म कर आमने-सामने की लड़ाई के लिए ताल ठोंकी जा रही है. हर दल आम जनता को यह बताने में जुट गया है कि हमसे बड़ा आपका हितैषी कोई नहीं. इन्हीं तैयारियों में इस बार हर दल की महिला इकाइयों ने भी का़फी बढ़-चढ़कर अपनी भूमिका खोजी है और यह कोशिश जारी है कि उनकी पार्टी तो जीते, साथ ही साथ ज़्यादा से ज़्यादा महिलाएं विधानसभा पहुंच जाएं. राजधानी पटना से लेकर सुदूर गांवों तक महिला मोर्चा की नेताओं एवं कार्यकर्ताओं की फौज अपनी-अपनी पार्टी के नारे बुलंद कर रही हैं. राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पारित हो जाने से उन्हें लग रहा है कि अब व़क्त आ गया कि विधानसभा में महिलाओं को उनका वाजिब हक़ मिले. महिलाओं को टिकटों में कितना हिस्सा मिलेगा, इस पर सभी दलों की महिला इकाइयों की अध्यक्षों की राय लगभग एक जैसी है कि 33 प्रतिशत से कम नहीं मांगेंगे, पर इसके साथ वे यह भी कह डालती हैं कि जो मिलेगा, उसे स्वीकार कर चुनावी अखाड़े में कूद पड़ेंगे.

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की महिला इकाई की प्रमुख नीतू सिंह की मानें तो नीतीश सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है और आगामी चुनाव में जनता जदयू-भाजपा गठबंधन को सबक सिखाने जा रही है. अपनी पार्टी की चुनावी तैयारियों के संबंध में उनका कहना है कि एनसीपी का महिला मोर्चा इस बार पूरे दम-खम के साथ चुनावी अखाड़े में उतरने जा रहा है. हम लोग इस बार दिखा देंगे कि महिलाओं की ताक़त क्या होती है.

जदयू महिला इकाई की प्रमुख प्रो. ऊषा सिन्हा की मानें तो इस चुनाव में महिलाओं की ताक़त अपना निर्णायक रोल अदा करेगी. पार्टी को मज़बूत करने के सिलसिले में लगभग सभी ज़िलों का दौरा कर चुकीं ऊषा सिन्हा को लगता है कि पिछले चुनाव की तुलना में इस बार महिलाओं में उत्साह कहीं ज़्यादा है. राज्यसभा में महिला बिल पारित हो जाने के बाद से तो महिलाओं को लग रहा है कि प्रदेश में भी उनकी भागीदारी बढ़ने वाली है. यही वजह है कि सभा-सम्मेलनों में उनकी आवाज़ ज़्यादा गूंज रही है. जदयू के राजनीतिक सम्मेलनों में महिला मोर्चा ने बढ़-चढ़कर भाग लिया. ऊषा सिन्हा का दावा है कि लोग नीतीश को पसंद करते हैं, इसलिए अगली सरकार भी जदयू-भाजपा गठबंधन की ही बनेगी. लेकिन लोजपा की महिला इकाई की प्रमुख डॉ. ललिता देवी यादव का कहना है कि बिहार के लोगों ने नीतीश कुमार को अच्छी तरह पहचान लिया है. पिछले पांच सालों में जनता को ठगने वाली यह सरकार अब बस जाने ही वाली है. लोजपा की महिलाएं नीतीश सरकार के घोटालों से जनता को अवगत कराने के लिए दिन-रात गांवों में घूम रही हैं. इस शासन में महिलाओं पर अत्याचार का़फी बढ़ा है. ख़ासकर दलित महिलाओं की परेशानी का़फी बढ़ गई है. ललिता देवी ने रामविलास पासवान से महिलाओं के लिए ज़्यादा से ज़्यादा टिकट देने की अपील करते हुए घोषणा की कि नीतीश सरकार को उखाड़ फेंकने में लोजपा की महिला इकाई कोई कसर नहीं छोड़ेगी. चुनावी तैयारी के सिलसिले में ललिता देवी अपनी टीम के साथ ज़िलों का दौरा कर रही हैं. जनता का मिजाज़ भांपने की इस कसरत में ललिता देवी इस नतीजे पर पहुंच रही हैं कि बिहार में अगली सरकार लोजपा-राजद गठबंधन की बनने जा रही है. पर बात अगर भाजपा महिला मोर्चा की प्रमुख हेमलता वर्मा की करें तो उन्हें लगता है कि बिहार की जनता एक बार फिर भाजपा-जदयू गठबंधन को मौक़ा देने जा रही है. हेमलता वर्मा कहती हैं कि मैं आपको पूरी ज़िम्मेदारी के साथ बता रही हूं कि बिहार के लोग क्या चाह रहे हैं. उन्होंने कहा कि विकास हमारा प्रमुख मुद्दा रहेगा, क्योंकि बिहार की जनता इसे पसंद करती है. हेमलता वर्मा ने कहा कि भाजपा-जदयू गठबंधन सरकार में महिलाओं को सम्मान मिला, उनके दिलों से भय भागा और आज वे पूरी आज़ादी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वाह कर रही हैं. देर रात तक महिलाएं बाज़ार में घूमें, पांच साल पहले कोई ऐसा सोच भी नहीं सकता था, लेकिन इस सरकार ने भय के माहौल को ख़त्म कर महिलाओं को जीने की आज़ादी दी है. चुनाव के लिए भाजपा से जुड़ी महिलाओं ने कमर कस ली है और उम्मीद है कि इस बार भाजपा की ज़्यादा से ज़्यादा महिला प्रत्याशी चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचेंगी.

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की महिला इकाई की प्रमुख नीतू सिंह की मानें तो नीतीश सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है और आगामी चुनाव में जनता जदयू-भाजपा गठबंधन को सबक सिखाने जा रही है. अपनी पार्टी की चुनावी तैयारियों के संबंध में उनका कहना है कि एनसीपी का महिला मोर्चा इस बार पूरे दम-खम के साथ चुनावी अखाड़े में उतरने जा रहा है. हम लोग इस बार दिखा देंगे कि महिलाओं की ताक़त क्या होती है. एनसीपी महिलाओं के मान-सम्मान का पूरा ख्याल रखेगी और कोशिश करेगी कि बिहार की ग़रीब से ग़रीब महिला को भी उसका वाजिब हक़ मिले. कांग्रेस की महिला इकाई की प्रमुख विनीता विजय कहती हैं कि सारे दलों की लड़ाई कांग्रेस के साथ है. बिहार की जनता चाहती है कि यहां कांग्रेस की सरकार बने, ताकि सही मायने में विकास की गाड़ी आगे बढ़ सके. विनीता का मानना है कि कांग्रेस ने जो सम्मान महिलाओं को दिया, उसके बारे में कोई दल सोच भी नहीं सकता है. सोनिया गांधी ने राज्यसभा में महिला बिल को पारित कराके यह दिखा दिया कि कांग्रेस ही महिलाओं की सच्ची हितैषी है. पटना में प्रदेश भर की महिलाओं के सफल सम्मेलन से उत्साहित विनीता विजय का दावा है कि इस बार राज्य में कांग्रेस की सरकार बनेगी और पार्टी की महिला इकाई इसमें अहम रोल अदा करेगी. विनीता विजय का कहना है कि प्रदेश के लोग नीतीश की सच्चाई जान चुके हैं, इसलिए अब वे उन्हें दोबारा मौक़ा नहीं देने जा रहे. पूरे बिहार में सोनिया एवं राहुल गांधी के प्रति ज़बरदस्त आकर्षण है. लोग उन्हें देखना और सुनना चाह रहे हैं. राजद की महिला इकाई की प्रमुख भारती श्रीवास्तव का कहना है कि कांग्रेस चुनाव में वोटकटवा की भूमिका निभाएगी. कांग्रेस के नेता हवा में बात कर रहे हैं. जहां तक लोकप्रियता का सवाल है तो आज भी इस मामले में लालू प्रसाद को कोई नहीं छू सकता. बिहार के लोग नीतीश के क्रियाकलापों से अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं. नीतीश कुमार अमीरों की बात सुनते हैं, जबकि लालू प्रसाद ग़रीबों का दर्द समझते हैं. राजद की महिला इकाई इस बार चुनाव में बिहार की जनता से यह कहेगी कि पांच साल पहले आपने नीतीश कुमार को चुनकर जो ग़लती की, उसे मत दोहराइए और इस बार राजद-लोजपा गठबंधन की सरकार बनवाइए. लालू प्रसाद एवं रामविलास पासवान हर क़ीमत पर महिलाओं के मान-सम्मान की रक्षा करेंगे. उनका कहना है कि दुष्प्रचार करके राजद की छवि ख़राब की गई, पर जनता सच्चाई जान चुकी है.

अब कोई निष्कर्ष निकालें तो यह बात समझ में आती है कि लगभग सभी दलों की महिला इकाइयों ने चुनावी अखाड़े में छलांग लगा दी है और उनका मक़सद अपनी पार्टी की जीत में अहम भूमिका अदा करना है. राज्यसभा में महिला बिल पारित हो जाने से उनका विश्वास बढ़ा है और इस बार के चुनाव में उनकी पूरी कोशिश टिकटों में ज़्यादा से ज़्यादा हिस्सेदारी हासिल कर विधानसभा में दस्तक देने की है.

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