अब हमारा काम बोलेगा-अर्जुन मुंडा

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राजनैतिक अस्थिरता और विपरीत परिस्थितियों के कारण ही झारखंड का समुचित विकास नहीं हो पाया. बुनियादी समस्याओं का पूरी तरह निराकरण नहीं हो सका. यहां विकास की रफ़्तार उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ की तुलना में धीमी रही. एक पूरा दशक बीत गया और हमें अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई. लेकिन अब और प्रतीक्षा नहीं करेंगे. यदि अब हम नया झारखंड बनाने की आकांक्षाओं को पूरा नहीं कर पाए तो समय की धारा में बहुत पीछे छूट जाएंगे. आने वाली पीढ़ियां हमें कभी मा़फ नहीं करेंगी. झारखंड स्थापना दिवस समारोह के बाद चौथी दुनिया के साथ एक विशेष बातचीत के क्रम में झारखंड के मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने यह बातें कहीं.

मैंने शपथ ग्रहण के दौरान ही कहा था कि भ्रष्ट लोगों को बख्शा नहीं जाएगा. आप देखिए, एसएस फंड दुरुपयोग मामले की सीबीआई जांच के लिए नोटिफिकेशन करने का निर्देश आया तो हमने उसे किया. जांच होगी तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा. जो दोषी होंगे, चाहे जितने भी ऊंचे पद पर क्यों न हों, ज़रूर दंडित किए जाएंगे.

वह का़फी उत्साहित और आत्मविश्वास से लबरेज दिख दे रहे थे. अपनी सरकार की उम्र के संदर्भ में विपक्ष की टिप्पणियों पर उन्होंने कहा कि सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी और इसका प्रदर्शन अब तक की तमाम सरकारों से बेहतर होगा. उनके मुताब़िक झारखंड के चतुर्दिक विकास का ब्लूप्रिंट तैयार है और उसे अमली जामा पहनाने के लिए कार्यपालिका सक्रिय है. सहयोगी दलों की भूमिका का़फी सकारात्मक है. कुछ कर गुज़रने का ज़ज़्बा सभी के अंदर है. सभी विकास की गति तेज़ करने के लिए कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हैं. सरकार में रचनात्मक प्रवृत्ति का संचार होने के कारण ही आपसी खींचातानी, राजनैतिक सौदेबाज़ी या एक दूसरे पर कीचड़ उछालने की घटनाएं कहीं नहीं दिख रही हैं. पूर्व की सरकारों में यह दृश्य आम थे.

भ्रष्टाचार और घोटालों के संबंध में पूछे जाने पर कहते हैं कि जो कुछ भी हुआ है, उसकी गहन जांच कराई जा रही है. जांच एजेंसियां अपना काम कर रही हैं. उन पर किसी तरह का कोई दबाव नहीं है. मैंने शपथ ग्रहण के दौरान ही कहा था कि भ्रष्ट लोगों को बख्शा नहीं जाएगा. आप देखिए, एसएस फंड दुरुपयोग मामले की सीबीआई जांच के लिए नोटिफिकेशन करने का निर्देश आया तो हमने उसे किया. जांच होगी तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा. जो दोषी होंगे, चाहे जितने भी ऊंचे पद पर क्यों न हों, ज़रूर दंडित किए जाएंगे. आय से अधिक संपत्ति मामले के आरोपी मंत्रियों की संपत्ति ज़ब्त की जा रही है. भ्रष्ट लोगों को कहीं पनाह नहीं मिल रही है.

सरकार के गठन के पीछे पूंजीपतियों का हाथ होने के आरोपों से संबंधित प्रश्न पर प्रतिप्रश्न दाग़ते हुए मुंडा पूछते हैं कि क्या बीपीएल परिवारों को एक रुपया प्रति किलो अनाज देने की योजना, समाज के सबसे निचले तबके की जीवन स्थितियों को बेहतर बनाने का प्रयास पूंजीपतियों के इशारे पर किया जा सकता है. हम ऐसा कौन सा काम कर रहे हैं जिससे किसी पूंजीपति का हित सधता हो. हम तो आम लोगों की समस्याओं को दूर करने, उन्हें बेहतर नागरिक सुविधाएं प्रदान करने का प्रयास कर रहे हैं. पलायन को रोकने, रोज़गार के अवसरों को बढ़ाने, कृषि और उद्योग को विकसित करने की कोशिश कर रहे हैं. पूंजीपतियों के सहयोग से बनी सरकारों का क्या यही एजेंडा होता है?

चालू वित्तीय वर्ष में विभिन्न विभागों की योजनाओं की राशि का 40 प्रतिशत भी खर्च नहीं हो पाने और मात्र तीन चार महीने का समय शेष रहने पर उनका उपयोग हो पाने की संभावनाओं के संबंध में मुंडा ने कहा कि चार महीने में भी कम से कम डेढ़ महीने पंचायत चुनाव के कारण लगी आचार संहिता की बंदिश में गुज़र जाएंगे. उसके बावजूद आवंटित राशि का पूरा उपयोग होगा. इसीलिए, मैं और हमारे मुख्य सचिव एके सिंह लगातार सभी विभागों की समीक्षा बैठक कर योजनाओं को मूर्त रूप देने के काम में तेज़ी लाने की रणनीति तैयार करने में लगे हैं. सभी विभागों के अधिकारी कामकाज की गति तेज़ करने को चुनौती के रूप में ले रहे हैं. आप देखेंगे कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक किस रफ्तार से काम होता है.

माओवादी हिंसा में इज़ा़फा और आपराधिक वारदातों में बढ़ोतरी के कारण विधि व्यवस्था की गंभीर स्थिति के संबंध में मुंडा कहते हैं कि माओवादी नेता लगातार आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में आने का प्रयास कर रहे हैं. ऑपरेशन ग्रीन हंट सही ढंग से चल रहा है. क़ानून-व्यवस्था के प्रति आम जनता का विश्वास बढ़ा है. पुलिस पब्लिक फ्रेंडली होने की दिशा में आगे बढ़ रही है. उसे जनता का सहयोग मिल रहा है. अपराधियों पर लगाम कसने का काम भी ब़खूबी हो रहा है. रंगदारी वसूली और अपहरण तथा फिरौती की मांग की घटनाओं में कमी आई है. अपराधियों के अंदर क़ानून का भय बढ़ा है. झारखंड को उग्रवाद और अपराध से मुक्त प्रदेश बनाने की कोशिश पूरी ईमानदारी और गंभीरता से की जा रही है. अभी इसमें थोड़ा व़क्त लगेगा, लेकिन इस दिशा से अच्छी प्रगति है.

हम निवेश के लिए अनुकूल माहौल बनाने में लगे हुए हैं. इसके लिए आधारभूत संरचना को विकसित करने का काम किया जा रहा है. हम दूरस्थ गावों तक सड़कों का जाल बिछाने में लगे हैं. विद्युत उत्पादन को जीरो पावर कट की स्थिति तक पहुंचाने और झारखंड को पावर हब बनाने के लिये हम बंद थर्मल पावर प्लांटों को चालू कराने, उनकी क्षमता बढ़ाने और नए प्लांट लगाने का काम प्राथमिकता के आधार पर कर रहे हैं. खाद्यान्न उत्पादन के मामले में आत्मनिर्भर होने के लिए कृषि क्षेत्र को विकसित किया जा रहा है. इस वर्ष के सूखे और अकाल की स्थिति को देखते हुए हमने लंबित सिंचाई परियोजनाओं को जल्द पूरा कराने, लघु सिंचाई योजनाओं को धरातल पर लाने, किसानों को समय पर उन्नत बीज, खाद, कीटनाशक उपलब्ध कराने और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने की कोशिश तेज़ कर दी है. ग्रामीण इलाक़ों में पशुपालन, मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन, कुटीर उद्योग जैसे स्वरोज़गार प्रदायी कार्यक्रमों को बढ़ावा देने का प्रयास लगातार कर रहे हैं. जल्द ही विकास और खुशहाली के मामले में झारखंड देश का अग्रणी राज्य बन जाएगा. आ़खिर में मुंडा कहते हैं कि हम काम में विश्वास करते हैं, विरोधियों की आलोचना पर ध्यान नहीं देते. अब हम नहीं हमारा काम बोलेगा.

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