पसंदीदा गेम्‍स फ्री डाउनलोड करें

रोल प्लेइंग गेम्स के प्रति प्लेयर्स के क्रेज को देखते हुए रोल प्लेइंग गेम्स की वेबसाइट पर इसे फ्री कर दिया गया है. इसका दूसरा फायदा यह है कि इससे समय की भी बचत होगी. पहले की तरह अब प्लेयर्स को अपना पसंदीदा गेम्स खोजने के लिए समय बर्बाद करने ज़रूरत नहीं है, क्योंकि अब कई विजुअल वेबसाइटों पर रोल प्लेइंग गेम्स के लेटेस्ट और मशहूर डिजाइन मौजूद हैं, जिन्हें आप बेहद आसानी से खोज सकते हैं.

प्रत्येक गेम के फीचर अल्फाबेटिकल रूप में साइट पर दिए गए हैं, जिन्हें समझना प्लेयर्स के लिए आसान होगा. साथ ही प्रत्येक गेम का पिक्चर भी उपलब्ध है, जिससे पता चल सकेगा कि खेलने के दौरान वह कैसा दिखेगा. इसके अलावा गेम से संबंधित कुछ क्लू भी गेमर्स को मालूम हो सकेंगे कि कैसे इसे खेला जाए.

गेम से संबंधित कुछ क्लू भी गेमर्स को मालूम हो सकेंगे कि कैसे इसे खेला जाए. साइट पर आपको यह भी जानकारी मिलेगी कि कैसे आप इसे डाउनलोड करें.

साइट पर आपको यह भी जानकारी मिलेगी कि कैसे आप इसे डाउनलोड करें. इसके अलावा आप गेम के दौरान खुद ही एनालाइज कर सकेंगे कि कैसे आप विजयी हों. अगर आप भी रोल प्लेइंग गेम्स के शौक़ीन हैं तो इसे आप www.roleplayinggamesfree.com साइट पर फ्री डाउनलोड कर सकते हैं.

 

 

  • rajeev ranjan

    बिहार का इलेक्सन मतलब है, साफ़ – सुथरे बुरे राजनीतिग्य + खूंखार बाहुबली ( पर सजायाफ्ता नहीं ) + पवार ऑफ़ ब्लैक मनी + नेता जी के चंद शरीफ दलाल + बाहुबली के चंद सजायाफ्ता सूटर + समाज के चंद सिक्के में या शराब और शबाब इमान बेचने वाले चंद सफेदपोसो की फ़ौज = एक बिधायक और पांच बिधायक मिल जाय तो एक सांसद
    ये है हमारे इलेक्सन का समीकरण
    ये सारे लोग मिल कर हमारी जनता जनार्दन को ऐसी ठगते है की पांच वर्ष के लिए ताड़ के पेड़ पर चहर कर बैठ जाते है किसी की भी आवाज उन तक नहीं पहुचती और नेता जी के केमेस्ट्री जुड़े लोगो चांदी रहती है बाकि जनता जनार्दन अपने आप को ठगा सा महसूस करते है और नेता जी अपने अगले इलेक्सन के लिये नयी केमेस्ट्री में नए सिरे से नई समीकरण के तयारी में जुट जाते है एक नया मुद्दा तैयार कर फिर से लोगो को बेवकूफ बनाने जुट जाते है और हमारी जनता इतनी भोली है की पिछली सारी गलती भुला कर फिर से जीता देते है फिर अफ़सोस करते है पर होना क्या है सिवाए अफ़सोस के…… इसमे जनता का दोष नहीं दोषी तो नेता जी के वो सफेद भेड़िये जो जनता के बीच रह कर नेता जी के राह आसान करते है हमारा बिहार इसी इलेक्सन का परिदृश्य है
    आवशयकता है सिर्फ अपने चरित्र को सुधरने की है नेता तो अपने आप सुधर जायँगे जय हिन्द ,जय बिहार ….