दिल व खजाना दोनों खोले केंद्र: भीम सिंह


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ग्रामीण कार्य विभाग का कार्यभार संभालने के साथ ही लगता है डॉ. भीम सिंह में छात्र राजनीति के वक़्त का जोश भर आया है. बिना आराम के काम का मंत्र खुद पढ़ रहे हैं और अपने विभाग के अधिकारियों को भी पढ़ा रहे हैं. पूछने पर कहते हैं कि जनता ने इतना भारी जनादेश देकर हमलोगों को चुनौतियों से लाद दिया है. इसलिए दिन रात काम करना बेहद ज़रूरी है. चुनाव के कारण सड़कों का निर्माण प्रभावित हुआ, इसके अलावा केंद्र सरकार की उपेक्षा ने भी कार्यगति पर ब्रेक लगाएं हैं. यही वजह है कि मेरे विभाग का टास्क बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है. अपनी कार्ययोजना पर इन्होंने ढेर सारी बातें कहीं, प्रस्तुत है कुछ खास अंश.

प्रश्‍न : ग्रामीण कार्य विभाग जनसरोकार से जुड़ा विभाग है. जनता की अपेक्षाओं को आप किस तरह पूरा करेंगे?

उतर: नीतीश सरकार ने तमाम बाधाओं के बावजूद अपने पिछले कार्यकाल में भी प्रदेश में सड़कों का जाल बिछाने का काम किया. केंद्र सरकार की अड़चनों के कारण बहुत सारे काम अधूरे रह गए. लेकिन मेरा प्रयास रहेगा कि हर हाल में गांवों में अच्छी सड़कें समय पर बनें. मैंने फैसला लिया है कि कामों को समय सीमा के भीतर निपटाया जाएगा. नीतीश कुमार ने पांच सौ आबादी के गांवों के लिए मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना लागू की है. इस योजना को गति देने के लिए दिन-रात काम किया जाएगा.

प्रश्‍न : केंद्र सरकार की तऱफ से आ रही बाधाओं से आप कैसे निपटेंगे?

उतर: मेरा मानना है कि राजनीतिक कारणों से बिहार के लोगों का अहित नहीं होना चाहिए. चुनाव खत्म हो गए हैं और अब तो काम का समय है. इसलिए केंद्र सरकार को अपना दिल व खजाना दोनों बिहार के लिए खोलना चाहिए. कुछ सड़कों का निर्माण इस कारण रुका पड़ा है कि केंद्र ने इसके लिए आवंटित धन जारी नहीं किया है. गांव में भी कहावत है कि कमाने वाले बेटे को बाप ज़्यादा दुलार करता है. बिहार तो कमाने वाला बेटा है, इसलिए केंद्र सरकार को चाहिए कि बिहार को उसका वाज़िब हक़ तो दे ही, इसके अलावा प्रावधान से इतर भी कुछ धन दे ताकि बिहार देश का नंबर वन राज्य बन सके.

प्रश्‍न : समय पर सड़कों का निर्माण हो जाए ताकि इसकी लागत नहीं बढ़े इसके लिए क्या कर रहे हैं?

उतर: समय पर सड़कों का निर्माण मेरी पहली प्राथमिकता है. मैं यह बता देना चाहता हूं कि सड़कों का निर्माण समय पर ही होगा और इसकी गुणवत्ता पर भी पूरा ध्यान दिया जाएगा. विभाग के लोगों को मैंने सा़फ कह दिया है कि गांवों तक अच्छी सड़क पहुंचाने के लिए टीम वर्क के साथ काम करना है और कोई भी दिक्कत आती है तो इसके समाधान के लिए मैं 24 घंटे उपलब्ध हूं. मैं अपने स्तर पर सड़क निर्माण की गहन समीक्षा करूंगा, ताकि कोई भी संवेदक या अधिकारी काम में कोई कोताही न बरत सके. मेरे विभाग का हर आदमी पहले ही दिन से काम में जुट गया है. इसलिए मुझे पूरी उम्मीद है कि जनता के सपनों को हम समय सीमा से पहले ही साकार कर देंगे.

प्रश्‍न : भ्रष्टाचार कहीं न कहीं सड़कों की सेहत को खराब करता है. इससे आप कैसे निपटेंगे?

उतर: आप जानते ही हैं कि नीतीश कुमार ने भ्रष्टाचार के खात्मे का संकल्प ले रखा है. इसलिए यह बीमारी तो हर हाल में दूर करनी ही है. कई क़ानून भी बनाए गए हैं, कई भ्रष्टाचारी पकड़े भी गए हैं. मैं बिहार के लोगों को यह भरोसा दिला सकता हूं कि भ्रष्टाचार से जुड़े लोग बहुत जल्द हाशिये पर नज़र आएंगे. जनता का पैसा जनता के काम में लगेगा. कोई इसमें सेंधमारी की कोशिश करेगा तो उसको सज़ा मिलनी तय है.

प्रश्‍न : नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण हमेशा से सरकार के लिए चुनौती रही है. आपकी क्या कार्ययोजना है?

उतर:आप जनादेश तो देखिए, सभी लोग विकास चाहते हैं. नक्सलियों की अपील को उन्होंने खारिज़ कर दिया. सभी समझने लगे हैं कि विकास ही वह मूल मंत्र है जो जीवन को आगे ले जा सकता है. इसलिए सभी इलाकों में काम होगा और युद्धस्तर पर होगा.

प्रश्‍न : आपको मंत्री बनने की उम्मीद थी, ज़िम्मेदारी संभालने के बाद आप कैसा महसूस कर रहे हैं?

उतर: मैं तो पार्टी का एक साधारण कार्यकर्ता हूं. नीतीश जी ने मेरे कंधे पर इतनी बड़ी ज़िम्मेदारी दी, इसके लिए मैं उनका आभार प्रकट करता हूं. इसके साथ ही साथ उन्हें यह भरोसा दिलाना चाहता हूं कि दिन रात मेहनत करके उनके और बिहार के लोगों के सपनों को साकार करने की कोशिश करूंगा. अभी क्या खुशी होगी, जब कुछ कर लेंगे और राज्य की जनता आशीर्वाद देगी तब खुशी होगी.

प्रश्‍न :क्या आपको लगता था कि विपक्ष की इतनी करारी शिकस्त होगी और आप प्रचंड बहुमत से जीतेंेगे?

उतर: नीतीश कुमार की विकास करने वाली छवि को विपक्ष समझ नहीं पाया. नीतीश कुमार ने जो काम किया उससे जनता में यह संदेश गया कि बिहार के विकास का सपना अब जल्द ही पूरा होने वाला है. दूसरी तरफ विपक्ष जाति-पात की राजनीति से उबर नहीं पाया. वह यह नहीं समझ पाया कि बिहार की जनता अब जाति-पात के बजाय विकास को अहम मानती है. यही कारण है कि आज विपक्षी पार्टियों का यह हाल है. न्याय के साथ विकास नीतीश सरकार का मूलमंत्र है और हम इसी पर आगे बढ़ रहे हैं.


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