आपकी समस्याएं और सुझाव

आपके पत्र हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं. इस अंक में हम उन पाठकों के पत्र शामिल कर रहे हैं, जिन्होंने बताया है कि आरटीआई के इस्तेमाल में उन्हें किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है और सूचना अधिकार क़ानून को लेकर उनके अनुभव क्या हैं. इसके अलावा इस अंक में मनरेगा योजना और जॉब कार्ड से संबंधित एक आवेदन भी प्रकाशित किया जा रहा है, ताकि आप इसका इस्तेमाल समाज के ग़रीब तबक़े के हित में करके भ्रष्ट व्यवस्था को सुधारने की एक कोशिश कर सकें. आशा है, हमने इस अंक में जो सलाह/सुझाव दिए हैं, आप उनका इस्तेमाल करते हुए ज़ंग लगी  सरकारी व्यवस्था को अपने सवालों से सा़फ करने की कोशिश करेंगे यानी आरटीआई आवेदन दा़खिल करके अपनी और आम आदमी की परेशानियों के बारे में ज़रूर सूचना मांगेंगे.

आपके पत्र

आरटीआई कार्यकर्ता बनना चाहता हूं

मैं सेवानिवृत्त अभियंता हूं और आरटीआई कार्यकर्ता बनना चाहता हूं, इसके लिए मुझे क्या करना चाहिए. इससे संबंधित जानकारी व पुस्तिका इत्यादि हो तो कृपया उपलब्ध कराएं. मैं इस क़ानून का इस्तेमाल करना चाहता हूं, सूचना सार्वजनिक करने की इच्छा रखता हूं.

– हरि नारायण दास, हजारीबाग़, बिहार.

यह खुशी की बात है कि आप आरटीआई का इस्तेमाल करना चाहते हैं. आप इस क़ानून से संबंधित जानकारियां चौथी दुनिया के इस साप्ताहिक कॉलम से प्राप्त कर सकते हैं. इसके अलावा आप चौथी दुनिया की वेबसाइट से भी आरटीआई के बारे में संपूर्ण जानकारी हासिल कर सकते हैं.

रेलवे अधिकारियों की सुस्ती

मैंने समस्तीपुर रेलवे की परिसंपत्तियों पर अवैध क़ब्ज़े के संबंध में समस्तीपुर मंडल से आरटीआई के तहत सवाल पूछे थे, लेकिन कोई भी सूचना नहीं मिली. मैंने इसके बारे में शिकायत भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.

– राजन कुमार पांडेय/अजय कुमार सिन्हा, समस्तीपुर, बिहार.

सूचना न मिलने की स्थिति में आपको इस क़ानून के तहत प्रथम अपील करनी चाहिए. अगर उससे भी बात न बने तो द्वितीय अपील करनी चाहिए.

जानकारी कैसे मांगें

विभिन्न विभागों से सूचना मांगने पर कई समस्याएं आती हैं. बेसिक शिक्षा विभाग, ग्राम पंचायत, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य विभाग और पशुपालन विभाग से सूचना कैसे मांगी जाए, सूचना शुल्क कैसे और कितना जमा किया जाएं, इसके बारे में जानकारी दें.

– अब्दुल क़ादिर, गोंडा, उत्तर प्रदेश

चौथी दुनिया के इस नियमित कॉलम में हम आरटीआई से जुड़ी हर सूचना मसलन, सूचना शुल्क, शुल्क भुगतान के तरीके और आवेदन के प्रारूप आदि प्रकाशित कर चुके हैं और आगे भी प्रकाशित करते रहेंगे. जहां तक हेल्पलाइन नंबर की बात है तो स्थानीय कार्यालय से आप इसकी जानकारी ले सकते हैं. विशेष और पूर्व में प्रकाशित जानकारी आप चौथी दुनिया की वेबसाइट www.chauthiduniya.com पर देख सकते हैं.

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  • Aman Kandera

    चौथी दुनिया में RTI के सम्बन्ध में इतनी सारी जानकारिया आप हमेशा आम जनता के लिए देते रहते है इसके लिए मैं आपका दिल से धन्यवाद करता हूँ ,और यदि आप मेरा msg पढ़ रहे है तो Dr. मनीष व् संतोष भारतीय को तो मैं इस देश के बेस्ट पत्रकार मानता हूँ साथ ही यह कहना चाहूँगा की विश्वबंधु गुप्ता जैसे बेबाक बोलने वाले लोग बहुत कम होते है मेरी नजर में तो वो बेस्ट विश्लेषक है ! Thanks for very good msg to public.