निर्माता राम गोपाल वर्मा की रंगीला गर्ल उर्मिला मातोंडकर उनकी अगली फिल्म नॉट एक लव स्टोरी में रंग बिखेरने फिर से आ रही हैं. रामू की सुपर हिट फिल्म रंगीला और सत्या से करियर की बुलंदियों को छूने वाली उर्मिला एक बार फिर वापसी कर रही हैं. उर्मिला ने 2007 में राम गोपाल वर्मा की सुपर फ्लॉप फिल्म आग में आइटम सांग भी किया था. 80 और 90 के दशक में बॉलीवुड में ऐसे कई चेहरे थे, जिन्हें देख दर्शकों के चेहरे खिल जाते थे और उनमें से एक थीं उर्मिला मातोंडकर. रोल चाहे सिंपल गर्ल का हो या बिंदास बाला का, उर्मिला सबमें फिट हो जाती हैं. आज भले ही वह उम्र के कारण फीकी नज़र आ रही हों, पर एक समय ऐसा था जब बॉलीवुड उनकी अदाकारी का क़ायल था. उर्मिला का जन्म 4 फरवरी, 1974 को मुंबई में हुआ था. उर्मिला उन चंद अभिनेत्रियों में से हैं, जिन्होंने अपना करियर बतौर बाल कलाकार शुरू किया. उन्होंने 1980 में फिल्म कलयुग में बतौर बाल कलाकार अभिनय की शुरुआत की और फिर 1991 में फिल्म नरसिम्हा से उन्होंने लीड रोल करना शुरू किया. चमत्कार में शाहरु़ख के साथ उनकी जोड़ी को सबने पसंद किया, वहीं 1995 में आई फिल्म रंगीला के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड हेतु नामांकित किया गया. फिल्म रंगीला का उनके करियर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा, साथ ही उनके और राम गोपाल वर्मा के बीच लव अफेयर की खबरें आने लगी थीं. रंगीला में काम करने के बाद उर्मिला रातोंरात स्टार बन गईं. उर्मिला को लेकर राम गोपाल वर्मा ने मस्त, दौड़, जंगल, भूत और एक हसीना थी जैसी फिल्में बनाईं और उर्मिला के करियर को संवारने में अहम भूमिका निभाई. लेकिन जैसा कि हमेशा से होता है, कोई रिश्ता बॉलीवुड में हमेशा के लिए नहीं टिकता. यहां भी ऐसा ही हुआ. फिल्म रंगीला के बाद दूसरी बार उर्मिला मातोंडकर को फिल्म जुदाई के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड हेतु नामांकित किया गया. इसके साथ 2001 में प्यार तूने क्या किया में उन्हें निगेटिव रोल के लिए भी फिल्मफेयर नॉमिनेशन मिला. उर्मिला को अपना इकलौता फिल्मफेयर अवॉर्ड (क्रिटिक्स) 2002 में फिल्म भूत के लिए मिला. उर्मिला ने कई तरह के रोल निभाए. उनकी कई भूमिकाओं को आज भी लोग पसंद करते हैं.
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