निशिकांत कामत एक बेहद सुलझे हुए निर्देशक हैं, जिनकी पहली हिंदी फिल्म मुंबई मेरी जान को समीक्षकों ने काफी सराहा. इसके पहले उन्होंने मराठी में डोबिंवली फास्ट नामक फिल्म बनाई थी, जिसकी काफी प्रशंसा हुई थी. इसी फिल्म को उन्होंने तमिल में भी बनाया. अपनी दूसरी हिंदी फिल्म फोर्स उन्होंने कामर्शिल फॉर्मेट को ध्यान में रखकर बनाई है. निशिकांत की इस फिल्म से सभी को बेहद उम्मीद है. फोर्स एक स्टाइलिश एक्शन और थ्रिलर मूवी है, जो सुपर हिट तमिल फिल्म काखा-काखा का हिंदी रीमेक है. इस एक्शन फिल्म के लिए जॉन अब्राहम ने ख़ास तौर पर अपना शरीर बनाया है और स्टंट्स करते समय वह कई बार घायल भी हुए. कहानी है यशवर्द्धन (जॉन अब्राहम) नामक सीनियर नारकोटिक्स ऑफिसर की. वह बेहद सख्त ऑफिसर है और अपराध को ख़त्म करने के उसके अपने सिद्धांत हैं. उसके अनुसार, दुनिया से अपराध तभी मिट सकता है, जब हर अपराधी को मार गिराया जाए. ड्रग माफिया के ख़िला़फ एक स्पेशल ऑपरेशन में यश की भिड़त एक ख़तरनाक अपराधी से होती है. यह अपराधी नारकोटिक्स टीम से अपना बदला लेना चाहता है, क्योंकि उसकी वजह से उसे नुक़सान उठाना पड़ता है. इसी दौरान यश की मुलाक़ात माया (जेनेलिया) से होती है. माया से मिलने के बाद यश को ज़िंदगी के मायने समझ में आते हैं. एक ज़िंदगी वह, जो यश अब तक जी रहा था और एक वह, जो माया के साथ वह गुजारना चाहता है, जिसमें ख़ुशियां ही ख़ुशियां हैं. यश माया का साथ चुनता है और उसके बाद उसकी ज़िंदगी हमेशा के लिए बदल जाती है. फॉक्स स्टार स्टूडियो और सनशाइन पिक्चर्स के बैनर तले बनी इस फिल्म के निर्माता हैं विपुल शाह. फिल्म में संगीत दिया है एच जयराज और ललित पंडित ने.
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