दिल्ली के रामलीला मैदान हादसे से उबरने के बाद बाबा रामदेव एक बार फिर हुंकार भरने लगे हैं. भारत स्वाभिमान यात्रा के दूसरे चरण में बाबा रामदेव का केंद्र के प्रति हमला और भी तेज हो गया है. बाबा की दूसरे दौर की यात्रा वीरांगना लक्ष्मीबाई की कर्मभूमि झांसी से शुरू हुई. यात्रा में उमड़ती भीड़ देख बाबा गदगद हैं. वह मौक़ा देखकर बात करना सीख गए हैं. यात्रा के दौरान बाबा रामदेव जनता को अन्ना और अपने आंदोलन में फर्क़ बताना नहीं भूलते. वह कहते हैं, अन्ना हजारे व्यवस्था परिवर्तन के माध्यम से भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जबकि उनका आंदोलन भ्रष्टाचार के समूल नाश के लिए है. विदेशों में जमा 400 लाख करोड़ रुपये का काला धन वापस आ गया तो लोग अवैध कमाई और घोटाले करना ख़ुद ही भूल जाएंगे. स्वाभिमान यात्रा की शुरुआत से पूर्व बाबा ने ग्वालियर जाकर रानी लक्ष्मीबाई की समाधि पर पुष्प अर्पित किए. रामदेव की स्वाभिमान यात्रा की शुरुआत बुंदेलखंड क्षेत्र से हुई. इस दौरान वह योग कार्यक्रमों से भी दूर नहीं रहे. जहां से उनकी यात्रा शुरू होती है, वहां पहले सुबह योग शिविर लगाया जाता है, उसके बाद बाबा यात्रा लेकर आगे बढ़ते हैं. झांसी से शुरू हुई यह यात्रा 21 नवंबर को चित्रकूट में संपन्न होगी. दस हजार किलोमीटर की यह यात्रा इस दौरान तीन राज्यों में 63 जिलों से गुजरेगी.
स्वाभिमान यात्रा के दौरान ही रामदेव की शिष्या राजबाला की मौत की ख़बर आई. राजबाला रामलीला मैदान में अनशन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज से घायल होने के बाद कोमा में चली गई थीं और उनका इलाज चल रहा था. राजबाला की मौत की ख़बर सुनकर बाबा रामदेव का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया और वह बोले, रामलीला मैदान में पुलिस कार्रवाई गृहमंत्री पी चिदंबरम के कहने पर हुई थी. वह सोनीपत में राजबाला की अंत्येष्टि में भी शामिल हुए. रामदेव ने कहा, राजबाला की मौत सरकार के माथे पर कलंक है. सरकार सत्ता में बने रहने का नैतिक आधार खो चुकी है.
रामदेव ने यात्रा के दौरान जगह-जगह दोहराया कि यह संग्राम सड़क से लेकर संसद तक चलेगा. उन्होंने कहा कि सिंहनाद अब उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड होते हुए पंजाब के रास्ते पूरे देश में गूंजेगा. मैं देश को भ्रष्टाचार के ख़िला़फ जगाने के लिए निकला हूं. बीते जून माह में दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन के दौरान कथित रूप से पुलिस ज़्यादती के शिकार हुए बाबा रामदेव ने झांसी से यात्रा शुरू करने के लिए उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती को धन्यवाद दिया. रामदेव के सहयोगी बालकृष्ण ने कहा कि जनता को यह संकल्प लेना होगा कि अब हम इस देश को और नहीं लुटने देंगे. रामदेव ने कहा कि वर्ष 2012 में जनक्रांति होगी, जिसकी कमान युवा वर्ग संभालेगा. बाबा रामदेव अपने शिष्य बालकृष्ण का बचाव करना नहीं भूले. उन्होंने कहा कई लोग उनके कार्यक्रम को विफल करने की कोशिश कर रहे हैं. हालांकि वह मंच से किसी पार्टी और नेता का नाम लेने से बचते रहे. उनकी भाषण शैली काफी परिपक्व लग रही थी. वह लगभग एक चौथाई यात्रा पूरी कर चुके हैं.
स्वाभिमान यात्रा के दौरान ही रामदेव की शिष्या राजबाला की मौत की ख़बर आई. राजबाला रामलीला मैदान में अनशन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज से घायल होने के बाद कोमा में चली गई थीं और उनका इलाज चल रहा था. राजबाला की मौत की ख़बर सुनकर बाबा रामदेव का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया और वह बोले, रामलीला मैदान में पुलिस कार्रवाई गृहमंत्री पी चिदंबरम के कहने पर हुई थी. वह सोनीपत में राजबाला की अंत्येष्टि में भी शामिल हुए. रामदेव ने कहा, राजबाला की मौत सरकार के माथे पर कलंक है. सरकार सत्ता में बने रहने का नैतिक आधार खो चुकी है. मैं किसी का नाम नहीं लेना चाहता, क्योंकि इससे मुद्दे पीछे छूट जाते हैं, लेकिन चिदंबरम इस कुटिलता के लिए सीधे तौर पर ज़िम्मेदार हैं. कपिल सिब्बल भी कुटिल हैं. ऐसे लोगों को मंत्री क्यों बनाया गया. रामदेव ने कहा कि उच्चतम न्यायालय में स्वेच्छा से उनका मुक़दमा लड़ रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी ने कहा है कि राजबाला की मौत के लिए ज़िम्मेदार लोगों पर हत्या का मुक़दमा दर्ज होना चाहिए. रामदेव ने रामलीला मैदान पर लाठीचार्ज न होने के दावे पर कहा कि दिल्ली पुलिस को सामने रखकर केंद्र सरकार और ख़ासकर गृह मंत्रालय ने उच्चतम न्यायालय में झूठ बोला कि लाठीचार्ज नहीं हुआ था. सरकार ने देश को धोखे में रखा.
बहरहाल, झांसी से शुरू हुई बाबा रामदेव की भारत स्वाभिमान यात्रा महोबा, हमीरपुर, रमाबाई नगर (कानपुर देहात), उन्नाव एवं फर्रुखाबाद होते हुए कोटद्वार पहुंचेगी. कोटद्वार से फिर चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़ एवं अल्मोड़ा होते हुए फिर उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर जाएगी और इटावा, एटा, नोएडा एवं मुज़फ़्फरनगर के रास्ते पंजाब के भटिंडा पहुंचेगी, जहां से जालंधर, होशियारपुर एवं तरनतारन के बाद पुन: उत्तर प्रदेश में गाजीपुर, वाराणसी, मिर्जापुर एवं इलाहाबाद होते हुए चित्रकूट में 21 नवंबर को समाप्त हो जाएगी. यात्रा के दौरान बाबा काले धन के मुद्दे के अलावा जनता से जुड़ी सभी समस्याएं उठा रहे हैं. वह ग़रीबों की बात करते हैं और भारत को विश्व शक्ति बनने का सपना भी दिखाते हैं. अन्ना हजारे के आंदोलन में जिस तरह युवा वर्ग ने भाग लिया, उससे बाबा रामदेव काफी प्रभावित दिखते हैं और बात-बात पर वह युवाओं पर भरोसा जताना नहीं भूलते. उनका दावा है कि स्वाभिमान यात्रा में दस करोड़ से अधिक लोग जुड़ेंगे. बाबा की यात्रा में अच्छी-खासी भीड़ जुट रही है, लेकिन कांगे्रस इसके पीछे संघ का हाथ बताती है. उसका कहना है कि संघ अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा पूरी करने के लिए बाबा रामदेव को आगे बढ़ा रहा है और बाबा भी संघ की भाषा बोल रहे हैं.
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बाबा सही कर रहे हैं |