विश्नाथन आनंद का मानना है कि भारत में खेल के प्रति लोगों की आम धारणा में बदलाव आया है और इसका फायदा उठाना होगा. इंडियन ग्रां प्री की सफलता पर ज़ोर देते हुए आनंद ने कहा कि मुझे महसूस हो रहा है कि पिछले कुछ समय में खेलों के प्रति भारतीयों के रवैये में बदलाव आया है. हाल में फार्मूला वन ही नहीं, बल्कि आप देख सकते हैं कि लोग धीरे-धीरे विविध खेलों को पसंद कर रहे हैं, इसलिए मुझे लगता है कि शतरंज में हमें भी इसका फायदा उठाना चाहिए. अपने विश्व खिताब की रक्षा के लिए अगले साल मई में मास्को के निकट स्कोलकोवो फाउंडेशन में कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के विजेता इस्राइल के बोरिस गलफेंड का सामना करने वाले आनंद ने कहा कि यह मुश्किल मुक़ाबला होगा और उन्हें इस मुक़ाबले के लिए तैयार होने की ज़रूरत है. यहां एनआईआईटी विश्वविद्यालय के तीसरे वार्षिक समारोह के इतर आनंद ने कहा कि विरोधी का़फी कड़ा है, आपको अच्छी तैयारी करनी होगी. लेकिन आप कितनी भी तैयारी करो, बाज़ी का फैसला शतरंज बोर्ड पर ही होता है. इसलिए आपको स़िर्फ कड़ी मेहनत ही हारने से बचा सकती है.
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