फिल्म बना रहे है विवेक

मेनस्ट्रीम सिनेमा में सफलता की ऊंचाइयों तक न पहुंच पाने वाले एक्टर्स बॉलीवुड में ही रहकर कुछ न कुछ ऐसा करने की कोशिश करते हैं जिससे वे सफलता के क़रीब पहुंच सकें. फीमेल एक्टर्स आइटम सॉन्ग, बॉडी शो या लीक से हटकर फिल्म में रोल प्ले करके खुद को स्थापित करना चाहती हैं तो मेल एक्टर्स भी अलग तरह के रोल अदा करके खुद को इंडस्ट्री और दर्शकों के बीच प्रूव करने की कोशिश करते हैं. सफलता के क़रीब पहुंचने की कोशिश करने वाले अभिनेता विवेक ओबरॉय ने भी खुद को रीइस्टैबलिश करने के लिए कुछ हटकर करने की कोशिश की है. दरअसल वह एक खास तरह की फिल्म निर्माण की तैयारी में हैं. विवेक ओबरॉय का कहना है कि वह वास्तविक भारत को दिखाने के लिए सिनेमा बना रहे हैं. उन्होंने कहा, मैं अपनी सफलता का इस्तेमाल उन चीज़ों में कर रहा हूं, जो बॉलीवुड नहीं करता है. उन्होंने कहा, मेरी फिल्म की कहानी वैसी नहीं है, जैसी कि लोग अब तक देखते आए हैं. यह चीज़ों को अलग नज़रिये से देखने से जुड़ा हुआ है न कि धन कमाने से. बतौर निर्माता वॉच इंडियन सर्कस विवेक की पहली फिल्म है. फिल्म को लोकप्रिय बनाने के लिए उन्होंने फिल्म का प्रीमियर एक फिल्म समारोह में ही शेड्‌यूल कर दिया. इस समारोह के मुख्य पुरस्कार न्यू करेंट्‌स की दौड़ में शामिल हैं. विवेक की इस फिल्म का निर्देशन मंगेश हादावले ने किया है और इसमें ग़रीबी में जीवन गुज़ार रहे एक दंपत्ति की कहानी है. इस दंपत्ति का सपना है, अपने बच्चों के साथ सर्कस देखना. विवेक ने कहा, मेरा मानना है कि यह फिल्म भारत की आत्मा का प्रतीक है.