मोटी मम्मियां सावधान रहें

एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि मोटी मम्मियों के बच्चे भी मोटे हो सकते हैं. लंदन स्थित गाइज एंड सेंट थॉमस हॉस्पिटल के अनुसंधानकर्ताओं ने एक अध्ययन में पाया है कि जिन महिलाओं का वजन अत्यधिक होता है, उनके शरीर में वजन नियंत्रक हार्मोन में त्रुटि होती है. इसका मतलब यह है कि उनके बच्चे भी मोटे हो सकते हैं. अनुसंधानकर्ताओं का कहना है कि मोटी महिलाओं में खाने की इच्छा नियंत्रित करने वाले हार्मोन लेप्टिन का अत्यधिक उत्पादन होता है. लेप्टिन का अधिक स्तर भ्रूण में भी वजन नियंत्रित करने वाली ग्रंथि को नुक़सान पहुंचाता है. इससे जन्म के बाद बच्चे की वजन नियंत्रित करने की क्षमता ख़त्म हो सकती है. अस्पताल की प्रमुख अनुसंधानकर्ता प्रो. लूसिला पोस्टन के हवाले से कहा गया है कि यह चिंताजनक पहलू है, क्योंकि महिलाओं में मोटापा उस उम्र में बढ़ रहा है, जिसमें वे बच्चे को जन्म देती हैं.

अगर आप आधुनिक आहार खाना ज़्यादा पसंद करते हैं और उसके बिना एक पल भी नहीं रह सकते, तो होशियार हो जाइए. हो सकता है, आधुनिक आहार का प्रभाव आपके दांतों पर पड़ता हो. इसके अलावा एक नए अध्ययन में दावा किया गया है कि दांत की ज़्यादातर समस्याएं आधुनिक आहार के कारण होती हैं. शोधकर्ताओं का कहना है कि सॉफ्ट फूड खाने से जबड़े की वृद्धि प्रभावित होती है. ऐसे लोगों का जबड़ा उनके दांत के मुक़ाबले छोटा रह जाता है. शोधकर्ताओं ने कहा कि आधुनिक आहार लेते व़क्त जोर से चबाने की ज़रूरत नहीं पड़ती, जिससे जबड़े पर कम दबाव पड़ता है. ऐसे में जबड़े का विकास रुक जाता है. केंट विश्वविद्यालय की डॉक्टर नोरीन वोन क्रैमन ताउबादेल ने कहा कि इस अध्ययन से पता चला है कि इंसान की खोपड़ी के आकार का विकास आनुवांशिक होता है, जबकि जबड़े का विकास खाने की शैली से प्रभावित होता है.