मध्‍य प्रदेशः आडवाणी की रथ यात्रा, जब चौथी दुनिया में प्रकाशित कार्टून बन गया विपक्ष का हथियार

पत्रकारिता की ही एक विधा कार्टून अपनी तीक्ष्ण भाषा और कल्पना के सहारे ब़डी से ब़डी कहानी को आसानी से लोगों के दिलो-दिमाग़ तक पहुंचा देता है. राजनीति की कठिन और अबूझ पहेलियों को सुलझाने में कार्टून का एक ब़डा रोल है. राजनीतिक सरोकार को आम आदमी और आम आदमी के सरोकार को राजनीति तक पहुंचाने के एक सशक्त माध्यम के रूप में चौथी दुनिया में मेरी दुनिया कॉलम के तहत प्रकाशित कार्टून भी अपनी भूमिका ब़खूबी निभा रहा है.

कटनी के कांग्रेस नेता राकेश जैन को चौथी दुनिया में प्रकाशित यह कार्टून रथ यात्रा के विरोध के लिए इतना उपयुक्त लगा कि उन्होंने हज़ारों की संख्या में इसकी कॉपी करवा ली. इसके बाद रथ यात्रा के रास्ते में इसे सार्वजनिक जगहों पर लगवा दिया.

उदाहरण के लिए, चौथी दुनिया में आडवाणी की रथ यात्रा पर प्रकाशित कार्टून (आडवाणी और रथ यात्रा…) ने न स़िर्फ आम आदमी के मन को बल्कि राजनीतिक परिदृश्य को भी झकझोरने का काम किया. आडवाणी की रथ यात्रा जैसे ही मध्य प्रदेश की सीमा में घुसी वैसे ही उनकी यात्रा का विरोध कर रहे वहां के कुछ स्थानीय नेताओं ने चौथी दुनिया में प्रकाशित कार्टून को दिखाकर उनका विरोध करना शुरू कर दिया. कटनी के कांग्रेस नेता राकेश जैन को चौथी दुनिया में प्रकाशित यह कार्टून रथ यात्रा के विरोध के लिए इतना उपयुक्त लगा कि उन्होंने हज़ारों की संख्या में इसकी कॉपी करवा ली. इसके बाद रथ यात्रा के रूट यानी सतना, मैहर, बरही, कटनी, उमरिया, जबलपुर के रास्ते में इसे सार्वजनिक जगहों पर लगवा दिया. हालांकि बाद में पुलिस ने राकेश जैन को गिरफ्तार भी किया और जब तक रथ यात्रा कटनी ज़िले को पार नहीं कर गई, उन्हें छो़डा नहीं गया. लेकिन कार्टून के ज़रिये रथ यात्रा का विरोध यहीं नहीं थमा. भोपाल तक इस कार्टून की धूम मचती रही. भोपाल में पहले से ही कई जगहों पर यह कार्टून चर्चा का विषय बन चुका था. राज्य भर के मीडिया में भी चौथी दुनिया में प्रकाशित इस कार्टून की चर्चा हुई और यह कार्टून अ़खबारों की सुर्खियां बना.