रॉकेट कार सोडा ईंधन से चलेगी

फार्मूला वन रेस में इस्तेमाल होने वाली कारें अगर भविष्य में सोडा-कैंडी के मिश्रण से तैयार ईंधन से दौड़ें तो आश्चर्य नहीं होगा. जी हां, कुछ ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है फ्रिट्ज ग्रोब और स्टीफन वोल्ट्ज ने. उन्होंने कोक, मेंटोस और सोडा से तैयार तरल कैंडी मिश्रण के ईंधन से एक ऐसी कार तैयार की, जो 239 फीट तक दौड़ने में सफल रही. इस सिंगल सीटर रॉकेट कार को दौड़ाने के लिए दोनों ने क़रीब 100 से भी ज़्यादा प्रयोग किए. ग्रोब और वोल्ट्ज के मुताबिक़, पिछले साल इस प्रयोग में रॉकेट कार क़रीब 220 फीट तक दौड़ी थी, जबकि इस बार उन्हें इसे क़रीब 20 फीट ज़्यादा दौड़ाने में सफलता मिली. ग्रोब और वोल्ट्ज का यह प्रयोग आगे भी जारी रहेगा. अगर सब कुछ ठीक रहा तो भविष्य में ईंधन के लिए स़िर्फ पेट्रोल, डीजल पर निर्भरता कम होने की उम्मीद है. वोल्ट्ज के मुताबिक़, उन्होंने एक साधारण पिस्टन और सिलेंडर को एक मशीनी प्रक्रिया के तहत जोड़ा. इसके बाद कार को गति देने के लिए ईंधन के तौर पर कोक जीरो और मेंटोस के साथ सोडा व कैंडी पाउडर के मिश्रण का इस्तेमाल किया. इस प्रयोग में कोक जीरो, मेंटोस और सोडा के मिश्रण के चलते एक रासायनिक क्रिया होती है, जिसे न्यूक्लियस कहते हैं. इस प्रक्रिया में सोडा से निकलने वाली कार्बन डाई ऑक्साइड मेंटोस को अपनी ओर तेज़ी से खींचती है. परिणामस्वरूप दबाव बनने के कारण सोडा तेज़ी से उड़ने लगता है. सोडा में मौजूद कार्बाइड ऑक्साइड किसी भी सतह पर बबल्स बना सकती है, जिससे दबाव बढ़ जाता है.

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