गवली का संन्यास

भारतीय टीम के डिफेंडर महेश गवली ने हाल में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास की घोषणा कर दी. 82 इंटरनेशनल मैच खेल चुके 31 वर्षीय गवली पिछले लंबे समय से टीम की डिफेंस की अहम कड़ी थे. अपने इस फैसले के बारे में उन्होंने कहा कि फुटबॉल काफी डिमांडिंग गेम है. इसलिए उन्होंने अपने परिवार से सलाह की और पाया कि इंटरनेशनल फुटबॉल को अलविदा कहने का समय आ गया है. हालांकि वह कुछ वर्षों तक क्लब फुटबॉल खेलते रहेंगे. उन्होंने सहयोग देने के लिए अपने कोचों, साथियों, क्लबों और अधिकारियों का शुक्रिया अदा किया. गवली ने कहा कि प्रयाग यूनाइटेड के अर्णब मंडल में वह अच्छा डिफेंडर देखते हैं. इसके अलावा राजू गायकवाड़, क्रिसेंटर अंटोओ और गुरमांगी सिंह भी काफी मज़बूत डिफेंडर हैं. उन्होंने कहा कि 15 सालों के अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान देश के लिए हर मैच खेलना उनके जीवन का सबसे अनमोल क्षण रहा है. यह कुछ ऐसा है, जो उनके जेहन से कभी नहीं जाएगा, क्योंकि हर किसी को देश की ओर से खेलने का मौक़ा नहीं मिलता. वह कई टूर्नामेंट जीतने वाली टीम के सदस्य रहे, लेकिन एएफसी चैलेंज कप की खिताबी जीत उनके लिए बहुत अहम है. इसके अलावा एशियन कप में हिस्सेदारी को भी वह एक उपलब्धि मानते हैं. आई लीग में डैंपो स्पोट्‌र्स क्लब की ओर से खेलने वाले गवली ने कहा कि अब उन्हें अपना पूरा फोकस क्लब फुटबॉल पर लगाना होगा. वह पांच-छह सालों तक यह प्रतिस्पर्धी फुटबॉल खेलना चाहेंगे.

loading...