अलविदा 2011

शीर्ष भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल को भले ही विभिन्न टूर्नामेंट्‌स में हार का सामना करना पड़ा हो, लेकिन वह मानती हैं कि उनकी चोटों को देखते हुए 2011 उनके लिए अच्छा रहा. साइना ने हाल में दिए गए एक इंटरव्यू में कहा कि बीता साल (2011) शानदार था. 2011 उनके लिए भले ही चुनौतीपूर्ण रहा हो, क्योंकि उन्होंने टखने की चोट से वापसी की, लेकिन फिर चार फाइनल खेले और जापान ओपन के सेमी फाइनल तक पहुंचीं. हां, उन टूर्नामेंट्‌स में जीत दर्ज नहीं कर पाईं और फाइनल में हार गईं. इसलिए लोग सोचते हैं कि यह निराशाजनक है, लेकिन वह सचमुच अच्छा खेलीं. वह चीन में सत्र की अंतिम विश्व सुपर सीरीज के फाइनल में एक गेम से आगे थीं, लेकिन उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा. साइना कहती हैं कि वह अपने प्रयास से खुश थीं. उन्होंने कहा, मैं इस बात से ख़ुश हूं कि मैंने सत्र का अंत अच्छे टूर्नामेंट से किया, जिसमें अच्छे मैच जीते और फाइनल मैच भी कठिन रहा. इसमें थोड़ी रणनीति की समस्या रही, लेकिन मुझे लगता है कि मैंने सुपर सीरीज के फाइनल में अच्छा खेल दिखाया.

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