खेलों में पहला भारत रत्न दिए जाने के लिए पूरे देश में ध्यानचंद और सचिन तेंदुलकर के नामों पर चर्चा चल रही है, लेकिन इस दौड़ में आधिकारिक रूप से शामिल होने वाले पहले खिलाड़ी शूटर अभिनव बिंद्रा बन गए हैं. इस बीजिंग ओलंपिक गोल्ड मेडिलिस्ट के पक्ष में ख़ुद नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) उतर आया है. उसने अभिनव को भारत रत्न दिए जाने के लिए खेल मंत्रालय को पत्र लिखा. इसमें अभिनव की उपलब्धियां गिनाने के साथ उन्हें देश का एकमात्र व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण विजेता बताया गया. हालांकि भारत रत्न के लिए आवेदन गृह मंत्रालय के ज़रिए होना है, लेकिन एनआरएआई के एडवाइज़र बी एस सेठी का कहना है कि खेल मंत्रालय की हरी झंडी मिलने पर वह गृह मंत्रालय को भी लिखेंगे. सेठी ने कहा कि अभिनव की उपलब्धियां किसी से कम नहीं हैं. जो उन्होंने किया है, देश के खेलों के इतिहास में किसी दूसरे खिलाड़ी ने नहीं किया. एनआरएआई ने खेल मंत्री अजय माकन से अनुरोध किया है कि भारत रत्न के लिए एकमात्र दावा इस युवा शूटर का बनता है. खेल मंत्री को लिखे पत्र में एनआरएआई ने कहा है कि सब जूनियर, जूनियर स्तर की हर विश्वस्तरीय प्रतियोगिताएं जीतने के साथ शूटिंग में वर्ल्ड चैंपियन बनने वाले अभिनव पहले शूटर हैं. उन्होंने छह वर्ल्ड कप के गोल्ड अपने नाम किए हैं. सबसे बढ़कर बीजिंग ओलंपिक में उन्होंने देश को गोल्ड दिलाया. सेठी कहते हैं कि उन्हें पूरी उम्मीद है कि फेडरेशन की इस पहल को स्वीकार किया जाएगा.
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