प्रेशर बहुत टाइट है

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर पर लगता है कि महाशतक का प्रभाव इस कदर हावी हो गया है कि पिछले पांच साल में पहली बार वह साल का आगाज सैकड़े से करने में नाकाम रहे. तेंदुलकर आस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच की पहली पारी में मंगलवार को 41 रन बनाकर आउट हो गए. यह 2008 के बाद पहला अवसर है जबकि यह स्टार बल्लेबाज नए साल की अपनी शुरुआती पारी में शतक नहीं लगा पाया. तेंदुलकर अगर सैकड़ा जड़ने में सफल रहते तो यह उनका 100वां अंतरराष्ट्रीय और सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर चौथा शतक होता. तेंदुलकर ने 2008 में आस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में दो जनवरी से खेले गए मैच की पहली पारी में नाबाद 154 रन बनाए थे. इसके एक साल बाद 2009 में उन्होंने अपना पहला टेस्ट मैच मार्च में न्यूजीलैंड के खिलाफ हैमिल्टन में खेला था और उसमें पहली पारी में ही 160 रन बनाए थे. इस चैंपियन बल्लेबाज ने वर्ष 2010 का शुरुआती टेस्ट मैच बांग्लादेश के खिलाफ 17 जनवरी से चटगांव में खेला था और उसमें उन्होंने नाबाद 105 रन बनाए थे. उन्होंने 2011 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ केपटाउन में दो जनवरी से शुरू हुए सीरीज के तीसरे और अंतिम टेस्ट मैच में 146 रन की पारी खेलकर साल का शानदार आगाज किया था. तेंदुलकर पिछली 20 अंतरराष्ट्रीय पारियों से शतक नहीं लगा पाए हैं, जिससे उनके शतकों के शतक का इंतजार भी बढ़ गया है. कुल मिलाकर आजकल तेंदुलकर बहुत प्रेशर में हैं.