सियासत में रियासत

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में इस बार एक दर्जन से ज़्यादा राजघरानों के सदस्य अपना भाग्य आजमा रहे हैं. हाल में कांग्रेस से अलग हुए राजा बुंदेला अपनी पार्टी बुंदेलखंड विकास कांग्रेस के टिकट पर झांसी से चुनाव मैदान में हैं. उन्होंने बुंदेलखंड को पृथक राज्य बनाए जाने की मांग को लेकर बुंदेलखंड मुक्ति मोर्चा का गठन किया. रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया पांचवी बार प्रतापगढ़ के कुंडा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं. इससे पहले वह 1993, 1996, 2002 एवं 2007 में निर्वाचित हुए. उन्हें कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह, राम प्रकाश गुप्ता एवं मुलायम सिंह यादव जैसे मुख्यमंत्रियों के साथ काम करने का मौक़ा मिला. इसी तरह भाजपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे आगरा के भदावर राजघराने के महेंद्र अरिदमन सिंह तीन बार जनता दल और दो बार भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते. इस बार वह सपा के उम्मीदवार हैं. इससे पूर्व वह 1989, 1991, 1993, 1996 एवं 2002 में चुनाव जीत चुके हैं. गोंडा जिले की मनकापुर रियासत के राजा आनंद सिंह नवसृजित गौरा सीट से चुनाव मैदान में हैं, जबकि महराजगंज की सिसवां सीट से, जहां मतदान हो चुका है, सिसवां के कुंवर शिवेंद्र प्रताप सिंह सपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में हैं. शिवेंद्र सिंह के पिता यादवेंद्र सिंह उत्तर प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष रह चुके हैं. शिवेंद्र सिंह पिछले कई चुनावों में जीत दर्ज करा चुके हैं. वह भाजपा सरकार में राज्यमंत्री रहे. रायबरेली के तिलोई विधानसभा क्षेत्र से मयंकेश्वर शरण सिंह लगातार चौथी बार चुनाव मैदान में हैं. वह पिछला चुनाव सपा से जीते थे, लेकिन उससे पहले केदोनों चुनाव वह भाजपा के टिकट पर जीते थे. इसी ज़िले की अरखा रियासत के कुंवर अजय पाल सिंह कांग्रेस से दूसरी बार चुनाव मैदान में हैं. पिछले चुनाव में उन्होंने डलमऊ से बसपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य को पराजित किया था. वहां की रानियां भी चुनाव मैदान में हैं.

गोंडा के परसपुर स्टेट राजघराने के दो लोग एक-दूसरे के ख़िला़फ चुनाव मैदान में ताल ठोंक रहे हैं. कर्नेलगंज सीट से सपा उम्मीदवार के रूप में योगेश प्रताप सिंह और बसपा उम्मीदवार के रूप में अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला चुनाव मैदान में हैं.

गोंडा के परसपुर स्टेट राजघराने के दो लोग एक-दूसरे के ख़िला़फ चुनाव मैदान में ताल ठोंक रहे हैं. कर्नेलगंज सीट से सपा उम्मीदवार के रूप में योगेश प्रताप सिंह और बसपा उम्मीदवार के रूप में अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला चुनाव मैदान में हैं. दोनों ही पहले इसी क्षेत्र से विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं. योगेश सपा सरकार में राज्यमंत्री रहे हैं. पिछले चुनाव में इस सीट से अजय प्रताप सिंह कांग्रेस के टिकट पर निर्वाचित हुए थे, लेकिन बाद में उन्होंने विधायकी एवं कांग्रेस दोनों छोड़ दी और उपचुनाव में उनकी बहन बृज कुंवरि बसपा उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित हुईं. सुल्तानपुर के सांसद डॉ. संजय सिंह की पत्नी अमिता सिंह एक बार फिर अमेठी विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं. वह 2002 में सामान्य, फिर 2004 में उपचुनाव जीतीं और 2007 में पुन: विधानसभा चुनाव जीत गईं. विधानसभा में सपा की सदस्य रहीं उर्मिला यादव इस बार कांग्रेस से चुनाव लड़ रही हैं. वह मैनपुरी के भारसौल राजघराने की सदस्य हैं. वह 1993 में मैनपुरी की घिरौर सीट से सपा उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित हुई थीं.

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