महिलाओं के अधिकार और क़ानून


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हर व्यक्ति जन्म से ही कुछ अधिकार लेकर आता है, चाहे वह जीने का अधिकार हो या विकास के लिए अवसर प्राप्त करने का. मगर इस पुरुष प्रधान समाज में महिलाओं के साथ लैंगिक आधार पर किए जा रहे भेदभाव की वजह से महिलाएं इन अधिकारों से वंचित रह जाती हैं. इसी वजह से महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चित करने हेतु हमारे संविधान में अलग से क़ानून बनाए गए हैं और महिलाओं को अपनी ज़िंदगी जीने में ये क़ानून भरपूर मदद कर सकें, इसके लिए समय-समय पर इनमें संशोधन भी किए गए हैं.

सामाजिक तौर पर महिलाओं को त्याग, सहनशीलता एवं शर्मीलेपन का प्रतिरूप बताया गया है. इसके भार से दबी महिलाएं चाहते हुए भी इन क़ानूनों का उपयोग नहीं कर पातीं. बहुत सारे मामलों में महिलाओं को पता ही नहीं होता कि उनके साथ जो घटनाएं हो रही हैं, उससे बचाव का कोई क़ानून भी है. आमतौर पर शारीरिक प्रताड़ना यानी मारपीट, जान से मारना आदि को ही हिंसा माना जाता है और इसके लिए रिपोर्ट भी दर्ज कराई जाती है. लेकिन महिलाओं और लड़कियों को यह नहीं पता कि मनपसंद कपड़े न पहनने देना, मनपसंद नौकरी या काम न करने देना, अपनी पसंद से खाना न खाने देना, बालिग़ व्यक्ति को अपनी पसंद से विवाह न करने देना या ताने देना, मनहूस आदि कहना, शक करना, मायके न जाने देना, किसी खास व्यक्ति से मिलने पर रोक लगाना, पढ़ने न देना, काम छोड़ने का दबाव डालना, कहीं आने-जाने पर रोक लगाना आदि भी हिंसा है, मानसिक प्रताड़ना है.

यहां तक कि घरेलू हिंसा अधिनियम के बारे में भी महिलाएं अनभिज्ञ हैं. घरेलू हिंसा अधिनियम का निर्माण 2005 में किया गया और 26 अक्टूबर, 2006 से इसे लागू किया गया. यह अधिनियम महिला बाल विकास द्वारा ही संचालित किया जाता है. यह क़ानून ऐसी महिलाओं के लिए है, जो कुटुंब के भीतर होने वाली किसी क़िस्म की हिंसा से पी़डित हैं. इसमें अपशब्द कहने, किसी प्रकार की रोक-टोक करने और मारपीट करना आदि शामिल हैं. इस अधिनियम के अंतर्गत महिलाओं के हर रूप मां, भाभी, बहन, पत्नी एवं किशोरियों से संबंधित प्रकरणों को शामिल किया जाता है. घरेलू हिंसा अधिनियम के अंतर्गत प्रताडित महिला किसी भी व्यस्क पुरुष को अभियोजित कर सकती है अर्थात उसके विरुद्ध प्रकरण दर्ज करा सकती है. भारतीय दंड संहिता की धारा 498 के तहत ससुराल पक्ष के लोगों द्वारा की गई क्रूरता, जिसके अंतर्गत मारपीट से लेकर क़ैद में रखना, खाना न देना एवं दहेज के लिए प्रताड़ित करना आदि आता है. घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत अपराधियों को 3 वर्ष तक की सज़ा दी जा सकती है, पर शारीरिक प्रताड़ना की तुलना में महिलाओं के साथ मानसिक प्रताड़ना के मामले ज़्यादा होते हैं. यहां हम कुछ ऐसे अपराध और क़ानूनी धाराओं का ज़िक्र कर रहे हैं, जिनकी जानकारी रहने पर महिलाएं अपने खिला़फ होने वाले अत्याचारों के खिला़फ आवाज़ उठा सकती हैं.

अपहरण, भगाना या महिला को शादी के लिए मजबूर करने जैसे अपराध के लिए अभियुक्त के खिला़फ धारा-366 लगाई जाती है, जिसमें 10 वर्ष तक की सज़ा का प्रावधान है. पहली पत्नी के जीवित रहते दूसरा विवाह करना धारा-494 के तहत जघन्य जुर्म है और अभियुक्त को 7 वर्ष की सज़ा मिल सकती है. पति या उसके रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता बरतने पर धारा-498 के तहत 3 साल की सज़ा दी जा सकती है. अगर कोई व्यक्ति या रिश्तेदार किसी महिला का अपमान करता है और उस पर झूठे आरोप लगाता है तो उसे धारा-499 के तहत दो साल की सज़ा का भागी बनना पड़ सकता है. दहेज मांगना और उसके लिए प्रताड़ित करना बेहद जघन्य है, जिसके लिए भारतीय क़ानून में आजीवन कारावास की सज़ा का प्रावधान है, जो धारा-304 के तहत सुनाई जाती है. दहेज मृत्य के लिए भी अभियुक्त पर धारा-304 ही लगाई जाती है. किसी लड़की या महिला पर आत्महत्या के लिए दबाव बनाना भी संगीन अपराध की श्रेणी में आता है, जिसके लिए धारा-306 के तहत 10 वर्ष की सज़ा मिलती है. सार्वजनिक स्थान पर अश्लील कार्य एवं अश्लील गीत गाने के लिए धारा-294 और 3 माह क़ैद या जुर्माना या दोनों का प्रावधान है. महिला की शालीनता भंग करने की मंशा से की गई अश्लील हरकत के लिए धारा-354 और 2 वर्ष की सज़ा, महिला के साथ अश्लील हरकत करना या अपशब्द कहने पर धारा-509 और 1 वर्ष की सज़ा, बलात्कार के लिए धारा-376 लगाई जाती है और 10 वर्ष तक की सज़ा या उम्रक़ैद मिलती है. महिला की सहमति के बग़ैर गर्भपात कराना भी उतना ही बड़ा अपराध है, जिसके लिए अभियुक्त को धारा-313 के तहत आजीवन कारावास या 10 वर्ष क़ैद और जुर्माने की कड़ी सज़ा का प्रावधान है.

सरकार ने महिलाओं को पुरुषों के अत्याचार, हिंसा और अन्याय से बचाने के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग का गठन तो किया, पर वह अपने मक़सद में ज़्यादा सफल नहीं हो पा रहा है. यह ठीक है कि आयोग में शिकायत दर्ज कराने वाली महिलाओं की संख्या बढ़ रही है, लेकिन यहां ग़ौर करने वाली बात यह है कि आयोग में शिकायत लेकर पहुंचने वाली महिलाओं में अधिकांश संख्या उनकी है, जो न केवल पढ़ी-लिखी हैं, बल्कि आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होने के साथ-साथ अपने अधिकारों को पहचानती भी हैं. लेकिन गांवों की अनपढ़, कम पढ़ी-लिखी और दबी-कुचली महिलाओं की आवाज़ इस आयोग में नहीं सुनी जाती.

राष्ट्रीय महिला आयोग यह कहकर उनकी आवाज़ अनसुनी कर देता है कि उनके लिए राज्यों में आयोग है, पर राज्यों के आयोग किस भरोसे चल रहे हैं और इस मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग क्या क़दम उठा रहा है, इस सवाल पर आयोग पल्ला झाड़ लेता है. किसी घटना के होने पर महिला आयोग तुरंत प्रतिक्रिया तो देता है, लेकिन वास्तव में वह उस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता है. आरुषि हत्याकांड मामला हमारे सामने है. इस मामले में तो आयोग की कार्यशैली पर ही सवाल उठ गए. आयोग में शिकायतों का ढेर लगा है, लेकिन निपटाने वाला कोई नहीं है. इसलिए सरकार के सामने इस मसले पर बेशुमार चुनौतियां हैं और इन क़ानूनों के अलावा भी कुछ बातें बेहद ज़रूरी हैं, ताकि महिलाओं के साथ हो रहे अपराधों में कमी आ सके. मसलन सरकार द्वारा महिलाओं के संरक्षण का क़ानून पारित होना चाहिए. सरकार महिलाओं से संबंधित इन प्रकरणों के बेशुमार मामलों के निपटारे के लिए विशेष अदालतों का गठन करे. सबसे खास और अहम बात कि खुद महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों.

काटजू का विवादित बयान

महिला अधिकारों के हनन और उससे जुड़े क़ानूनों को लेकर न स़िर्फ हमारा पुरुषवादी समाज, बल्कि हमारी न्यायपालिका में सर्वोच्च पदों पर बैठे न्यायाधीशों तक का नज़रिया हैरान कर देने वाला है. आमतौर पर यह धारणा है कि इस देश की अदालतें वीमेन फ्रेंडली हैं, लेकिन हक़ीक़त में ऐसा है नहीं. इस बात का एक बड़ा ज्वलंत प्रमाण भी मौजूद है. हम आपको एक वाक़िया बताते हैं. लिव इन रिलेशनशिप के सवाल पर सुप्रीम कोर्ट में 21 अक्टूबर, 2010 को सुनवाई चल रही थी. सुनवाई के बाद जस्टिस मार्कंडेय काटजू और टीएस ठाकुर ने अपनी राय दी कि अगर एक मर्द अपनी यौन भूख मिटाने के लिए कोई रखैल या नौकरानी रखता है और इसके बदले उसकी आर्थिक क़ीमत चुकाता है, तो हमारी राय में इस रिश्ते में विवाह की प्रकृति का कोई संबंध नहीं है और एक रात गुज़ारने या सप्ताहांत बिताने वाली महिलाओं को घरेलू हिंसा क़ानून-2005 के तहत कोई भी सुरक्षा पाने का हक़ नहीं है. अगर वे इस क़ानून के तहत मिलने वाले फायदे उठाना चाहती हैं तो उन्हें हमारे द्वारा उल्लेख की गईं शर्तों के हिसाब से सबूतों के साथ साबित करना होगा. जस्टिस काटजू ने अपना फैसला तो सुना दिया, पर उन्होंने बात यहीं खत्म नहीं की. अगले ही दिन किसी और मामले की सुनवाई के दौरान महिलाओं के खिला़फ घरेलू हिंसा क़ानून को ज़मीन पर उतारने में मुख्य भूमिका निभाने वाली उप महाधिवक्ता इंदिरा जयसिंह जब अदालत में ख़डी हुईं, तब जस्टिस काटजू ने बड़े ही व्यंग्यात्मक लहजे में उनसे कहा कि कहिए, घरेलू हिंसा क़ानून की सर्जक, क्या कहना है. जस्टिस काटजू का यह कटाक्ष उप महाधिवक्ता इंदिरा जयसिंह को अंदर तक भेद गया. वह एक न्यायाधीश के इस तरीक़े के संबोधन से अचंभित तो हुईं, लेकिन चुप नहीं रहीं. इंदिरा जयसिंह ने रखैल या एक रात गुज़ारने जैसे शब्दों का इस्तेमाल करने वाले दोनों जजों को यह कहते हुए आड़े हाथों लिया कि किसी भी मामले में ऐसे जजों की बेंच के सामने कोई बात कहने की बजाय मैं बाहर जाना पसंद करूंगी.

देश में महिला अधिकारों के हनन की खौ़फनाक तस्वीर पेश करने के लिए यह एक उदाहरण का़फी है. जब न्यायपालिका में बेहद उच्च पदस्थ और रुतबे वाली जागरूक और जुझारू उप महाधिवक्ता इंदिरा जयसिंह को भरी अदालत में माननीय जजों से कटाक्ष का सामना करना प़ड सकता है, तो फिर एक आम महिला की बिसात ही क्या. इसलिए सबसे ज़रूरी यही है कि महिलाएं खुद अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों. अपने साथ हो रहे अत्याचार के खिला़फ आवाज़ उठाएं. क़ानून की जानकारी हासिल करें और उनका वाजिब इस्तेमाल करें.


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42 Responses to “महिलाओं के अधिकार और क़ानून”

  • मेरी बहन की शादी को १४ महीने हुवे है उसे ४ ननदे १ देवर और सास सासरा ऐसा ९ १० लोगो का परिवार है मेरी बहन टीचर है उसकी २ नन्दो की शादी हुई है पर वो इनके यही रहती १ ननद का२बर तलाक हुआ
    haiमेरी बहन अपनी मर्जी से कुछ भी नहीं कर सकती १ महीना पहलेउसकी सास और इस ननद ने मेरी बहन को हकल दिए जेवर और पैसे सब कुछ छिन लिए और उल्टा उसके पति ने उसपर केस करदिया के वो सब जेवर लेकर चली गई और अब उसको घर भी नहीं आने डेरे क्या करे कुछ उपाए बताए

  • sapna chauhan says:

    मेरी शादी २०१२ में हुई थी उसके बाद मेरे हस्बैंड रोज मुझसे लड़ते है कभी खाने को लेकर तो कभी घर को
    लेकर मेरी सांस तो मुझसे डेली लड़ती है एक दन ही इस यही ओत जिस इन वो मुझ से लड़ती नहीं मई अपने हसबैंड से बहुत प्यार करती हो इसलिए कछ बी नहीं कर पति मैं उन्हें बेयर पीने को
    मन करती हु पे वो मानते नहीं और वो जैसे ही ऑफिस से आते हा वैसे हिलाड़ना शुरू कर दते
    है हम तो apni मम्मी स भी कुछ नहीं बताते वरना वो भी परेशान हो जाएगी
    कुछ उपाए बताइये किया करे जो मेरे पति मुझे समझे मेरी इज़्ज़त करे

  • nikita kumari says:

    aap chup mat raho aawaj utthao kyu ki aapke sath sath aapki betti ke bhveysh ka sawal hai ase gnde aadmi ko saja dilwo jab ye aapko mare to use pehle hi phone ko recording mai lga do taki aapke pas prof ho police ko dikhane ko cup mat raho inse mat dabo plz aawj uttho

  • neelam says:

    मेरी शादी को ४ साल हो गए है मेरी लव मेर्रिज हुई है अब उसका किसी और लड़की के साथ अफेयर है जब मुझे पता चला तो मेरे हस्बेंड ने मुझे छोड़ने का फैसला किया और मुझे बहुत मरते भी है जब मैंने पुलिस कपलिअन किया तो मुझे जान से मरने की धमकी भी दी चार साल से घर मैं ही चलती हु नौकरी कर के वो कुछ नही करता है प्लस मुझे बताओ मैं किया करू

  • deexa dani says:

    मेरा नाम deexa है मेरे पिताजी की डेथ के बाद हम 1 भाई,३ बहन है हम मे से भाई और दो बहनो की सादी हो चुकीं है, मैं और मेरी माँ साथ रहते है, भाई को पापा की आश्रित की नौकरी मिल गई है जिसके बाद वो केवल अपनी और अपने पत्नी व बच्चे का लालन पालन कर रहा है हमारा नहीं . अब आगे वो प्रॉपर्टी को केवल अपने नाम पर करने की तैयारी कर रहा है पटवारी के साथ मिलकर,
    लेकिन मैं चाहती हु की हम सब मैं पापा की प्रॉपर्टी का बराबर भाग हो जाये.
    और क्या पापा की प्रोपर्टिं का ५०%ही हम भाई बहन में बटेगा और बाकि ५०% माँ के नाम पर होगा |
    तो इसके लिए मैं आगे क्या कदम लू.
    मैं नैनीताल, उत्तराखंड से हु.

  • tejbinder says:

    मैं अपने सुसराल वालो से दुखी हु,मेरे पति मेरा साथ देते है तो उनको बेदखल करने को कहते है ,हमारी लव और अरेंजमर्रिज है,वो मुझे तने मरते है.जब मेरे पति आपने हक्क मांगते है तो वो मना करते है.यह २ बाही और१ बहिन है दोनों उनमर्रिएद है.यह छोटे है .वो बी ताने मरते है.दोनों बाही बहिन के बहार अपने चक्र चलते हैै,घर वाले उन्हे कुछ नहीं कहते.मेरी हेल्प करो प्लीज़.मेरा १ साल का बीटा hai

  • pradeep says:

    मै अपनी पतिनी से परसन हो रहा हु मरने के धमकी देती है माता पिता से अलग रहा रहा हु माता पिता का घर मत जाया कर कहती है . मेरे माता पिता अकेले रहा है पिता जी बीमार है . पत्नी को ईर्षा घमंड है तलाक भी नै देती है मै पूरा ख़र्च दनो को तैयार हो. मै क्या करो गलती करती है कुस बोलो तो मरने के धमकी देती है . परसन करती है

  • jaya says:

    Mere pati mujhe Baal khich Kr ghasite hue marte hai mere do chchote bachche unke khilaph koi complain nahi Kr sakti Mai kya kru

    • nikita kumari says:

      plz meri help kre i m in trouble.. Meri shdi ko dedh sal ho gye mujhe nai ptatha ki mera pati eklouti hone k karan lalach me shdi krha h jb shdi ho gai tb asli rng dikhane lga ab ek beti v ho gai h wo mujhe marta h or jan se marne ki dhamki v deta h bus beti k karan chup hu, but educated ho k ye sb sahne me thik nai lgta mujhe mayke walo se bat tk nai krne deta or hmesa apne pita ji se bat sunwata h kal hi usne mujhe palang me dhakka de k mara h lg rha h jan de du

  • suman says:

    mai ek larki se pyar karta hu lekin unke mata pita nahi chahte ki mera sadi usse ho but mai sadi nahi kiya to mai mar jaunga plzzzzz mera help kare uska sadi kahi or kiya ja raha hai plzZzzzzzzzzzz help

  • shashi yadav says:

    यदी ऐक महिला के घर में कुछ दबंग लोग बलवा करने की कोशिश करते हैं तो महिला शिकायत करने पुलिस थाने जा ती है और पुलिस यह कह कर वापस कर देती की आप के साथ कुछ नहीं हुआ फिर महिला थाने जाती है वहां भी वही उत्तर मिलता है फिर महिला काेट के शरण में जाती है वहां महिला उत्पीड़न का धारा 354 जैसी और भी धाराएं तो लग जा ती है उसके बाद शुरू होता है दबंग का फिर जलवा उनके वकील के द्वारा डेट पर डेट पर डेट।।। ंंंंंंंंंंंंं मैं आप से पूछना चाहती हूं कि ऐसे में महिला को गुनडाे काे दंबगाे काे सजा कैसे दिलाए खुद को कैसे बचाए कृपा कर मार्ग दिखाए।। ंं

  • kavita kumari says:

    मेरा मानना है अन्याय किसी के साथ हो वो लड़की हो या लड़का सबको सही न्याय मिलना चाहिए.मै ऊपर लिखे बहुत सरे कमेंट को पढ़ा तो मुझे ऐसा लगा यहा भी लड़के लड़कियों पे और लडकिया लड़को पे कटाछ कर रहे है जबकि हमारा मकसद लोगो तक सही बात पहुचना होना चाहिए ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके मेरी शादी को ५ साल हो गए मेरा पति मुझे शादी के एक वीक बाद से ही मारना शुरू कर दिया और इसमें उसके माता पिता भी उसका साथ देते है पहले वो दहेज़ के लिए मरता था और दो बार जबरदस्ती मेरा अबॉरशन करा दिया पहले मेरे पति को जॉब नहीं था अब उसे सरकारी जॉब हो गयी है तो मेरे ससुराल वाले मुझे मर देना चाहते है ताकि मेरा पति दूसरी शादी कर पाये और इनसब में उसकी बहन भी शामिल है क्योकि उसका उसके भाई के साथ नाजायज सम्बन्ध है मुझे इस न्याय वयवथा से इतना ही जानना है क्या ये जो मेरे साथ हो रहा है क्या वो सही है क्या हमारे समाज में पीड़ित को कभी न्याय नहीं मिलेगा कब तक उचे पदो पे बैठे लोग अपनी आँखे बंद रखेंगे और हम बेटियां इनकी बलि चढ़ती रहेगी ………..फ्रॉम चंडी थाना इन बिहार

  • rashmi kumari says:

    मेरा मानना है अन्याय किसी के साथ हो वो लड़की हो या लड़का सबको सही न्याय मिलना चाहिए.मै ऊपर लिखे बहुत सरे कमेंट को पढ़ा तो मुझे ऐसा लगा यहा भी लड़के लड़कियों पे और लडकिया लड़को पे कटाछ कर रहे है जबकि हमारा मकसद लोगो तक सही बात पहुचना होना चाहिए ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके मेरी शादी को ५ साल हो गए मेरा पति मुझे शादी के एक वीक बाद से ही मारना शुरू कर दिया और इसमें उसके माता पिता भी उसका साथ देते है पहले वो दहेज़ के लिए मरता था और दो बार जबरदस्ती मेरा अबॉरशन करा दिया पहले मेरे पति को जॉब नहीं था अब उसे सरकारी जॉब हो गयी है तो मेरे ससुराल वाले मुझे मर देना चाहते है ताकि मेरा पति दूसरी शादी कर पाये और इनसब में उसकी बहन भी शामिल है क्योकि उसका उसके भाई के साथ नाजायज सम्बन्ध है मुझे इस न्याय वयवथा से इतना ही जानना है क्या ये जो मेरे साथ हो रहा है क्या वो सही है क्या हमारे समाज में पीड़ित को कभी न्याय नहीं मिलेगा कब तक उचे पदो पे बैठे लोग अपनी आँखे बंद रखेंगे और हम बेटियां इनकी बलि चढ़ती रहेगी ………..फ्रॉम चंडी थाना इन बिहार

  • अगर कोई महीला कीसी शारीरीक पीडा से अवसान होजा ए तो उसका दहेज उसके पती पास रहना चाहीये की उसके मा बाप पास

  • nirupama says:

    अगर कोई आप के मायके से आए सामन को कम और बेकार कहे या बदल कर लाने के लिए कहे तो क्या यह गलत है ? आप के मायके वालो के बारे मे बुरे सबद बोले तो क्या ?

  • dilip rana says:

    Mere against domestic violence ka case chal raha he wo bhi meri patni ke mamiji ne dala he jabki mera isme door tak koi samband nahi batae me kya karu

  • shikha says:

    sarkar ko aise kadam uthane chahiye jisse ladkiyo ko unke adhikar ka gyan ho sake ar aise kanun banaye ki ladkiya unka use kar sake

  • goverdhan mudgal says:

    कन्याओ का भला चाहते हे तो सरकार ५० प्रतिशत आरक्षण दे | नही तो दिखावटी नोटंकी न करे | माँ बाप अपनी सामर्थ के हिसाव से शिक्षा दे रहे | लेकिन सरकार से क्या मिल रहा हे | सरकार को शिक्षण संस्थाओ आदि में भी आरक्षण देना चाहिए | तभी देश में कन्या भ्रूण हत्या दहेज प्रथा आदि स्वत ही समाप्त हो जाएगी | यदि सरकार देश के लिए कुछ करना चाहती हे तो महिलाओ ५० प्रतिशत आरक्षण दे |

  • satrughna pandey says:

    merit bahan ko sadi ke 8 mahine bad sasural se nikal diya gaya hai mai kya karoo

  • geedi roco says:

    बो जो करता है उसकी विडिओ बनाओ और उसकी रिपोर्ट ठाणे में कर दो सरे सबूतों के साथ .

  • geedi roco says:

    मैं कोटद्वार से हु . मेरी सिस्टर को उसके ससुराल वाले परेसान कर रहे है . उसके हस्बैंड रोज दारू पी के आते है और केहेते है में तुझे झेल रहा हु . मैं तुझसे तलाक चाहता हु . उनकी दो बेटी है वो बीटा चाहते थे . बेटा न होने पर वो रोज दारू पिके घर में हंगामा करते है . इसी दीपावली मैं उसने मेरी बहन के बाल खीच के डांस करवाया . और मायके वालो को रोज गली देना . सायद वो बेटा न होने के चकर में उसे परेसान कर रहे है . ऐसे मैं मुझे क्या करना चाहिए . एक भाई का क्या फ़र्ज़ होना चाहिए ….

  • Rachna says:

    meri bahin k jeth jethani usko bahut paresan katte h aur uske bachchon ko jan se marne ki dhamki dete h. mere jijaji unse kuch nahi bolte kya kare kuch samajh mai nahi aa raha.

  • rajendra says:

    kya patiyo ki suraksha ke liye hamare desh mai koi kanun ni hai agar hai to pls mujhe bataye mai apni bibi or uske ghar balo se bahut jayda manshik or saririkh paresan hu.pls help me.

  • sonia says:

    मैं पिछले दस सालो से घरेलू हिंसा से पीड़ित रही हूँ अब मेरी नौकरी लग गयी हैं और मैं इस नरक से निकलना चाहती हूँ मुझे क्या कदम उठाना चाहिए

  • MANOJ KUMAR says:

    HINSA KISI BHI ROOP ME UHIT NAHI HAI. HINSA KISI SAMASYA KA HAL NAHI HAI. NARI KO KAMJOR SAMAJHANE WALO KO SAKHAT SAJA MILANI CHAHIYE.

  • gagan gamot says:

    महिलाओ के लिए अधिकार जरुरी हे क्योकि महिलाओ को भी जीने का अधिकार हे यदि आप मेरी बात से सहमत हे तो रिप्ले करे|

  • neha says:

    जब बहला फुसला कर और धोखे से कोई मर्द किसी शादीशुदा औरत को अपने साथ भगा कर ले गया हो और और उसे पत्नी का दर्ज देने की बजा बो उसे अकेले किसी कमरे पे छोड़ दे और बापस अपने मायके जाने या किसी और ब्यक्ति के साथ जाने के लिए प्रताड़ित करे तो ऐसी अबस्था में महिला को प्रताड़ना से बचने और अपना हक़ मांगने के लिए क्या करना चाहिए

  • rubina naaz says:

    मेरी शादी २०११ में हुयी ह मेरे पति मेरी बच्चे नही होने डेट हे में प्रेग्नेंट हुयी तो ७ महीने में मेरी बच्चे को पेट में ही मेरी सास और पति ने मरवा दिया सर्फ इस liye क्यों की में दूसरी कास्ट से हु मुझे १ साल से किराये क माकन में छोड़ दिया और किराया या किसी भी प्रकार का कोई खर्च नही दे रहे ह क्या karu

  • rincky mishra says:

    Mere Hus pahle mujhe kai salo tak sharirik,manshik pratDana dete the aur baki sasural Vale mansik ,par ek bar mere .Papa ke kade sabdo me mana karne ke bad ab khoon to nahi nikalte par mansik pratadna itni bada Di ki mujhe unke sath rahna muskil ho gaya jab mai mayke aka gayi to mere 8 sal ke bete ko usake man na hone par bhi le gaye maine job kiya vo bhi pahle hi majbur karke chudva diya mai bete ke bina nahi rah pa rahi kyakaru fir bhi shadi nahi todna chahati hu. Please help me

  • mahesh says:

    पतियों के लिए कोई हेल्प नम्बर हो तो plese हमें de – See

  • Nusrat perveen says:

    Mai patna se hu meri saadi ko 5saal hone ko h mere 2 bache h pr mera pati mujhe 5saal se marta h room me band krke mere bachoo ko bhi marta h pr mai uske khilaf Police me complain ki to un logo ne kuch action nhi liya ..or mujhe h glat bolne lge glat glat swal puchne lage vo puchte h ki tera kisi gair mard se rishta to nhi h isliye tera pati tujhe marta h. Ab ap hi btao mai apni fryad lekar kanha jaun isliye mai chup rehkr uski hr julm sehti hu mera saatth dene wala koi nhi h ap koi rasta bataeye…ek baar ap mujhse baat kre …..plz help me mera no…9625601441 mujhe meri ajadi chahiye…

  • kinjal says:

    My father is doing soo much torcher to my mom..for the reson she never did. Please help what to do.

  • hemlata says:

    Mere pati roz sarab pite h or mere mana karne pr mujhse ladai karte h gandi2 galia dete h mere gr walo ko galia dete h or saas
    sasur bi unka saath dete h or ab mere husband 2 ladki k sath faltering bi kr rahe h Maine khud unki baato ki recording suni h.mai govt job krti hu apni chori pakdi gai to mujh pr ilzaam lagne lage unki mummy bi boli tu bi ti Dr.k sath aati h or mera sara gold bhi bech diya h.meri sister in low 3 h 3no paas hu rehti h Jaldi2 mere gr aati h or apni maa ko shikha 2 kr jati h sasur bi sarab pite h kai baar to dono papa bete hi apas mai ladai karte h ek dusre ko galiya dete h.mere husband ne mere h.d.f.c card se shopping ki52000Rs ki or ab wo ye paise bi nahi de rehe. Pls help me mai kya karu.

  • Vijay says:

    mujhe aur meri wife ko mansik pratarna dene wale mere pariwar k khilaaf mai kya kru .wo mujhe ghar se nikalne k liye pratarit krte h

  • Sarkar ne jitane kanun aurto ke liye banaye hai aaj aurte unka galat upayog kar rahi hai bat bat bar aurte aur uske ghar wale ladke aur use ghar walo ko darate hai aur unhe jhuti mukadamo may fasane ki bate karte hai aur kuch fasa bhi dete hai

  • abhishek sharma says:

    ?kjsyw fgalk o ngst ds dkuwu dk iwjh rjg ls nq:i;ksx gks jgk gSA vxj okLro esa ?kjksa esa ?kqldj ns[kk tk, rks ngst o ?kjsyw fgalk tSlh dksbZ ckr lkeus ugha vk;sxhA ifr iRuh o mlds ifjtuksa dh NksVh NksVh ckrsa gh cM+h cu tkrh gS vkSj ;s eqdnesa cu tkrs gSaA okLro esa bu eqdneksa esa fdlh i{k dks U;k; ugha feyrk gS] ifr&iRuh o cPpksa dk thou t:j cckZn gks tkrk gSA esjs fopkj ls ngst o ?kjsyw fgalk ds okLro esa flQZ 1 izfr’kr ekeys gSaA okLrfod ihfM+rk rks U;k;ky; rd igqap gh ugha ikrh gSA

  • hari mohan gupta says:

    अगर पतियों के लिए कोई हेल्प नम्बर हो तो plese हमें de

  • hari mohan gupta says:

    यार मई तो कहता हु की इस कानून का इस्तेमाल केवल लड़के वालों को परेसा करने के लिए ओ रहा है हम लडको के लिए भी अपनी पत्नियों से जो की फालतू मेंअपने पतियों को परेसान करती है बचाव के लिए कोई कनून होना चाहिए ( बचाव से मेरा मतलब तलाक का नहीं है )हम चाहते है की हमें भी पूरा मैका मिलाना चाहिए अपनी बात रखने का

    • jayram jatav says:

      Me apki baat se 100% sahamat hun gupta hi humare desh ka kanon sach much andha hai. Galti women bhi ho to bhugatna men ko hi padta hai. 75% kes jhute hote hai or usme adhiqtam bath thane me भेथे bethe police walo ka hota hai. Mahilaye apne pareshani batati hai or police wale ulte sidhe kanon or women ko to hamesha se hi 3rd parti ki baat samajh me aati hai or baad me pachhatati hai

  • prabha verma says:

    आप १८१ पर कॉल करके समाधान पा सकते है

  • Sanjay kumar says:

    मै बिहार से बिलोंग करता हु और कई जगह देखा है की औरतो को तरह तरह की यातनाये सहनी पड़ती है, जिसमे से एक का मै वर्णन करना चाहता हु, एक गाँव में मैंने देखा की एक औरत को एक बैगा के कहने पर रत को बारह बजे बिच चौराहे पर पूरा नंगा करके नहलाया गया फिर उसे वैसे ही घर तक ले जाया गया. उस औरत का कसूर इतना था की उसे एक बार गर्भपात हो गया था क्या इसे हम किसी की सहायता से खत्म कर सकते है.

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