राहुल को हार का डर सताने लगा है

उत्तर प्रदेश में मिली हार के बाद राहुल ने अपना दायरा सीमित कर लिया है. राहुल गांधी बात भले ही पूरे प्रदेश की करते दिखते हों, लेकिन सच्चाई यही है कि उनका सारा ध्यान अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी पर लगा है. उन्हें अब इस बात का डर सता रहा है कि अगर हालात नहीं बदले तो 2014 के लोकसभा चुनाव में उनके लिए अपनी सीट बचाना भी मुश्किल हो जाएगा. हार के बादल मंडराते देख राहुल तीन महीने में अमेठी की सूरत बदलने की बात कहने लगे हैं. विधानसभा चुनाव के बाद राहुल गांधी का यह उत्तर प्रदेश का पहला दौरा था. राहुल गांधी दिल्ली से सीधे अपने संसदीय क्षेत्र अमेठी पहुंचे. उनकी मनोदशा किसी से छिपी नहीं थी. वह का़फी बदले हुए थे. वह जनता की बेरु़खी का कारण जानने को बेचैन दिखे. साथ ही वह जनता से सीधा संवाद बनाने की कोशिश भी करते रहे. कई जगह राहुल गांधी ने अपने संसदीय क्षेत्र के लोगों से बातचीत करने की कोशिश की. उन्होंने जनता का दिल जीतने के लिए अमेठी में नेशनल पेपर मिल खुलवाने की बात कही. उन्होंने कहा कि अमेठी के हज़ारों युवाओं को इससे रोज़गार मिलेगा. मिल लगाने का खाका केंद्र सरकार ने तैयार कर लिया है. इसका शिलान्यास तीन महीने में कर दिया जाएगा. इसके बाद युवाओं को रोजगार की तलाश में परदेस नहीं जाना पड़ेगा. उनका कहना था कि अमेठी में बेरोजगारी को जड़ से मिटाने के लिए कई और उद्योग लगाए जाने की योजना है. इसके लिए बड़े उद्योग-धंधे चलाने वालों से बातचीत की जा रही है. कई कंपनियां यहां उद्योग स्थापित करना चाहती हैं. मसला ज़मीन को लेकर फंसा हुआ है. उनका कहना है कि ज़मीन की व्यवस्था राज्य सरकार को करनी है.

राहुल के सवालों पर कार्यकर्ताओं ने बेबाकी से कहा कि आपके यहां दलालों का बोलबाला है. आम जनता का कोई काम नहीं होता है. क्षेत्रीय कांग्रेसी नेता बिना थाना-कचहरी के किसी की मदद नहीं कर पाते. कार्यकर्ताओं ने कहा कि केंद्रीय योजनाओं में यहां बहुत घोटाला हो रहा है.

राहुल गांधी ने अमेठी दौरे के तीसरे और आखिरी दिन कहा कि तीन महीने के अंदर वह अमेठी की तस्वीर बदल देंगे. कांग्रेस संगठन में नीचे से ऊपर तक बड़े पैमाने पर फेरबदल करने की बात भी उन्होंने कही. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की समीक्षा बैठक में अमेठी के कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी से कई सवाल किए. एक कार्यकर्ता ने कहा कि आप दस सालों से अमेठी के सांसद हैं, लिहाज़ा क्षेत्र के किन्हीं चार कार्यकर्ताओं के नाम बता दें. इस पर राहुल गांधी चुप्पी साध गए. इससे कार्यकर्ताओं में निराशा बढ़ी है. कार्यकर्ताओं का सम्मान बढ़ाने और उन्हें खुश करने के लिए राहुल गांधी ने कई अन्य योजनाओं का पिटारा खोला. एक तऱफ राहुल अपनी चालें चल रहे थे तो दूसरी तऱफ उपेक्षित कांग्रेसियों ने राहुल पर जमकर भड़ास निकाली. शायद यह पहला अवसर था, जब कार्यकर्ताओं ने उनके सामने ज़ुबान खोली थी. वे पिछले कई दशकों से गांधी परिवार की हां में हां मिलाते रहे हैं. अमेठी, रायबरेली सहित उत्तर प्रदेश में निराशाजनक परिणाम आने के बाद राहुल गांधी पहली बार यहां आए थे. हार से दु:खी राहुल के सामने जनता को बोलने का पूरा मौका मिला. राहुल ने अमेठी के पांचों विधानसभा क्षेत्रों के कार्यकर्ताओं के साथ चुनाव समीक्षा की. जनता की अदालत में राहुल गांधी कठघरे में थे. चुनावी हार का ठीकरा भी जनता ने उन्हीं के सिर फोड़ा. राहुल ने अमेठी के क़रीब तीन हज़ार लोगों से सीधे बातचीत की. राहुल की नज़र उन बूथों पर रही, जिन पर कांग्रेस को हार मिली थी. हार के कारणों की तलाश में राहुल कभी शिक्षक की तरह तो कभी छात्र की तरह नज़र आए.

राहुल के सवालों पर कार्यकर्ताओं ने बेबाकी से कहा कि आपके यहां दलालों का बोलबाला है. आम जनता का कोई काम नहीं होता है. क्षेत्रीय कांग्रेसी नेता बिना थाना-कचहरी के किसी की मदद नहीं कर पाते. कार्यकर्ताओं ने कहा कि केंद्रीय योजनाओं में यहां बहुत घोटाला हो रहा है. जिन सड़कों का निर्माण हुआ, वे जल्दी उखड़ गईं. इंडिया मार्का नल का अभाव है. राजीव गांधी विद्युतीकरण योजना पर मात्र काग़ज़ी काम किया गया. जनता चिल्लाती रहती है, पर किसी की शिकायत पर कोई कार्यवाही नहीं होती. क्षेत्र के क़रीब तीन लाख घरों में आज भी अंधेरा है, जबकि विद्युतीकरण के नाम पर 87 करोड़ रुपये खर्च कर दिए गए. अमेठी की फैक्ट्रियों में स्थानीय लोगों को रोजगार नहीं दिया जाता. इस वजह से लोग रोज़ी-रोटी की तलाश में पलायन कर रहे हैं. इस पर राहुल गांधी ने कहा कि उनसे ग़लती हो गई, मा़फ कर दीजिए, तीन महीने के अंदर सभी खामियां दूर हो जाएंगी. इस मौके पर कई घोषणाएं की गईं. राहुल गांधी की पहल पर जनता से सीधा रिश्ता जोड़ने के लिए एक टोल फ्री नंबर की व्यवस्था की जा रही है. इस नंबर पर यहां की जनता राहुल गांधी से सीधा संवाद करेगी. सांसद निधि का सौ फीसदी इस्तेमाल किया जाएगा. प्रत्येक 15 घरों पर एक इंडिया मार्का हैंडपंप लगेगा. राहुल गांधी हर महीने यहां आकर जनता से मिलेंगे. राहुल ने कहा कि तीन महीने के अंदर पूरा संगठन बदल जाएगा. दलाल कांग्रेसी बाहर होंगे, जनता की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई होगी.

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