ऐसे बनते हैं बोल्‍ट

कुछ साल पहले अगर आपसे पूछा जाता कि दुनिया के सबसे तेज़ दौड़ने वाले किस देश के होते हैं, तो शायद आप ठीक-ठीक जवाब नहीं दे पाते. लेकिन लगातार दो ओलंपिक में उसैन बोल्ट और शैली आन फ्रेजर की तेज़ी को महसूस करने के बाद सबके लिए यह बताना आसान हो गया है कि दुनिया में सबसे त़ेज इंसान (पुरुष/महिला) जमैका में मिलते हैं. दुनिया के ऩक्शे पर जमैका जैसे देश को ढूंढ पाना आसान नहीं है. वेस्टइंडीज कहलाने वाले कैरेबियाई द्वीप समूह में जमैका एक छोटा-सा देश है. आबादी के हिसाब से दुनिया के 137वें पायदान के इस देश की आबादी महज़ 29 लाख है. आबादी में अधिकांश लोग अफ्रीकी मूल के हैं. क्रिकेट इस देश का सबसे लोकप्रिय खेल है, जिसने दुनिया को जिमी एडम्स, कर्टनी वाल्श, माईकल होल्डिंग और क्रिस गेल जैसे बेहतरीन क्रिकेट खिलाड़ी दिए. 2008 में बीजिंग ओलंपिक में बेहतरीन प्रदर्शन करने के बाद दुनिया में जमैका की एक अलग पहचान बन गई. इसके बाद जमैका को बोल्ट के नाम से जाना जाने लगा.

आबादी में अधिकांश लोग अफ्रीकी मूल के हैं. क्रिकेट इस देश का सबसे लोकप्रिय खेल है, जिसने दुनिया को जिमी एडम्स, कर्टनी वाल्श, माईकल होल्डिंग और क्रिस गेल जैसे बेहतरीन क्रिकेट खिलाड़ी दिए. 2008 में बीजिंग ओलंपिक में बेहतरीन प्रदर्शन करने के बाद दुनिया में जमैका की एक अलग पहचान बन गई. इसके बाद जमैका को बोल्ट के नाम से जाना जाने लगा.

1962 में अंग्रेजी हुकूमत से आज़ादी पाने वाले जमैका ने 1948 में पहली बार ओलंपिक में भाग लिया था. 1948 में लंदन ओलंपिक में जमैका ने एक स्वर्ण और दो रजत पदक जीतकर सबको हैरान कर दिया था. जमैका की ओर से पहला स्वर्ण पदक पुरुषों की 400 मीटर दौड़ में ऑर्थर विंट ने जीता था. हर्ब मेकेनले और ऑर्थर विंट ने जो सिलसिला शुरू किया, वह आज भी जारी है. 6 अगस्त, 2012 को जमैका ने अपनी आज़ादी के 50 साल पूरे किए. इसका जश्न बोल्ट ने ओलंपिक में पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर बनाया. ऐसा नहीं है कि स़िर्फ पुरुषों ने जमैका को ओलंपिक में पदक दिलवाए हों, बल्कि महिला वर्ग में भी जमैका हमेशा पदक जीतता रहा है. आज तक ओलंपिक में जमैका ने कुल 62 पदक जीते हैं, जिनमें 16 स्वर्ण, 27 रजत और 19 कांस्य पदक शामिल हैं. 62 पदकों में से 32 पदक महिला एथलीटों ने जीते हैं, जिनमें 4 स्वर्ण और 13 रजत पदक शामिल हैं. जमैका ने आज तक जीते कुल पदकों में से एक केवल पदक साइक्लिंग में जीता है, बाक़ी सभी पदक एथलेटिक्स में ही जीते हैं. 1968 से लेकर 2012 तक जमैका कभी भी ओलंपिक से खाली हाथ नहीं लौटा है. हर बार कोई न कोई पदक उनके हाथ ज़रूर लगा है. बीजिंग ओलंपिक जमैका के लिए सबसे सफल ओलंपिक रहा है, जिसमें जमैका ने 6 स्वर्ण पदकों सहित कुल 11 पदक अपने नाम किए थे. इसमें से 3 स्वर्ण पदक अकेले बोल्ट ने जीते थे.

एथलेटिक्स जमैका के ताने बाने में बसा हुआ है. यहां के अधिकांश स्कूलों में खेल पाठ्‌यक्रम का हिस्सा हैं. इसलिए जमैका के अधिकांश बच्चे बहुत ही कम उम्र में खेलों के साथ जुड़ जाते हैं. प्राथमिक शिक्षा के दौरान प्रभावित करने वाले विद्यार्थियों को जमैका के सर्वश्रेष्ठ खेल संस्थानों में दाखिला दिया जाता है. जमैका की सबसे प्रमुख एथलेटिक्स स्पर्धा को चैंप कहा जाता है, जिसकी शुरुआत 1910 में राजधानी किंग्सटन में सबीना पार्क मैदान से हुई थी. इस स्पर्धा में जमैका के स्कूली बच्चे शिरकत करते हैं. इस स्पर्धा में भाग लेने वाले 19 साल से कम उम्र के खिलाड़ियों को देशी और विदेशी कोचों के सामने अपना टेलेंट दिखाने का मौक़ा मिलता है. यह प्रतियोगिता जमैका में बहुत लोकप्रिय है. प्रतियोगिता के दौरान लगभग 20 से 25 हज़ार खिलाड़ियों के बीच मुक़ाबला होता है, जिसे अंतरराष्ट्रीय मुक़ाबलों के लिए अच्छी तैयारी के रूप में देखा जाता है. इस प्रतियोगिता में कुछ मुक़ाबले विश्वस्तरीय भी होते हैं. यह जमैका में होने वाली सभी अंडर-19 की समापन प्रतियोगिता होती है. इस प्रतियोगिता में सफल रहने वाले एथलीट्‌स को पेन रिले प्रतियोगिता में भाग लेने का मौक़ा मिलता है, जिसमें जमैका के सर्वश्रेष्ठ स्कूल और विश्वविद्यालयों का मुक़ाबला अमेरिका के सर्वश्रेष्ठ स्कूल और विश्वविद्यालयों से होता है. इस तरह जमैका में नए खिलाड़ियों की खेप तैयार होती है. खेलों की जमैका की जीडीपी में 2 प्रतिशत की भागीदारी है. साथ ही जॉब देने में भी 2 प्रतिशत का योगदान खेलों का ही है. जमैका की नई स्पोट्‌र्स पॉलिसी का विजन स्पोट्‌र्स फॉर ऑल है. इस पॉलिसी का मुख्य उद्देश्य जमैका के हर नागरिक के लिए खेलों को सुलभ बनाना और अधिक से अधिक लोगों की खेलों में भागीदारी ब़ढाना है.

जमैका की 53 प्रतिशत आबादी 30 साल से कम उम्र की है. इस नीति के तहत स्कूल में पढ़ाई के साथ-साथ खेलों को प्रोत्साहित करना है, जिसमें बच्चों को अभ्यास के लिए पर्याप्त समय देने के साथ-साथ शारीरिक शिक्षा शिक्षक की तैनाती करना आवश्यक कर दिया है. सरकार देश के शारीरिक शिक्षा और खेल संस्थानों को पर्याप्त आर्थिक सहयोग प्रदान करेगी, जिससे खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सभी सुविधाएं देश में उपलब्ध हो सकें. इसके साथ ही खेलों के संपूर्ण विकास के लिए खिलाड़ियों की विभिन्न ज़रूरतों जैसे पोषाहार, मेडिकल, इंश्योरेंस, उनके रहने और आवागमन की व्यवस्था करना शामिल है, ताकि वह बेहतर तरीक़े से खेलों के लिए तैयारी कर सकें. यूनेस्को ने 1978 में खेल और शारीरिक शिक्षा को लोगों का मूल अधिकार बताया था. जमैका लोगों को यह अधिकार देने की कोशिश में जुटा हुआ है. शायद यह जमैका को दुनिया भर में एथलेटिक्स के क्षेत्र में मिल रही सफलता का राज़ है, जो दुनिया के लिए एक मिसाल है.

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