हर तरफ अन्ना ही अन्ना

बिहार का शायद ही कोई ऐसा कोना हो, जहां अन्ना हजारे की 30 जनवरी की रैली को लेकर तैयारियां और लोगो का उत्साह चरम पर न हो. लोगों को इंतज़ार है तो बस अन्ना हजारे और जनरल वीके सिंह के पटना पहुंचने का. गांधी मैदान में होने वाली उनकी जनतंत्र रैली से बिहार के लोगों को बहुत सारी उम्मीदें हैं. सूबे के लोगों को इस बात का गर्व है कि भ्रष्टाचार की लड़ाई का शंखनाद करने के लिए अन्ना हजारे ने बिहार की धरती को ही चुना. यही वजह है कि रैली की व्यवस्था में लगे लोग पीछे छूट रहे हैं और जनता खुद पहल कर जनतंत्र रैली की तैयारी में रात दिन जुटी हुई है. हर कोई अपने-अपने स्तर पर जनतंत्र रैली को सफल बनाने में जुटा है. उन्हें अन्ना हजारे पर भरोसा है. उन्हें यह अहसास है कि भ्रष्टाचार के खिला़फ जो निर्णायक मुहिम अन्ना हजारे बिहार की धरती से छेड़ने वाले हैं, उससे देश की व्यवस्था में बदलाव ज़रूर आएगा.

पटना में पहली बार ऐसा लग रहा है कि हर कोई नेतृत्व कर लोगों को जोड़ने में लगा है, ताकि जनतंत्र रैली ऐतिहासिक हो सके. इंडिया अगेंस्ट करप्शन के संजय सिसोदिया कहते हैं कि लोगों का उत्साह देखकर लगता है कि सही मायनों में पहली बार पटना में जनता की रैली हो रही है. उन्होने कहा कि हर ज़िले में अन्ना के चाहने वाले जनसंपर्क के काम में जुट गए हैं. स्वामी सहजानंद सरस्वती सामाजिक विचार मंच के रोहित सिंह का दावा है कि जनतंत्र रैली से यह सा़फ हो जाएगा कि लोग भ्रष्टाचार मुक्त भारत चाहते हैं. दरअसल, जनतंत्र रैली के लिए समाज के सभी वर्गों और संगठनों के लोग काम कर रहे हैं. इसी मंच से जुड़े उपेंद्र यादव मानते हैं कि बिहार में अन्ना का ऐतिहासिक स्वागत होगा तथा दुनिया यह देखेगी कि बिहार से भ्रष्टाचार के खिला़फ मज़बूत संदेश गया है. डॉक्टरों एवं वकीलों के कई संगठनों ने भी जनतंत्र रैली का समर्थन किया है. छात्रों में इस रैली को लेकर ज़बरदस्त उत्साह है. वकील शिखा सिंह का कहना है कि ज्ञान और क्रांति की धरती बिहार विश्व प्रसिद्ध है. किसी भी क्रांति का ज्ञान संगत होना बहुत ज़रूरी है, तभी सफलता का चांस ज़्यादा माना जाता है. अन्ना हजारे जी की यह मुहिम सौ फीसद कामयाब होगी. मैं उनका समर्थन ज़रूर करूंगी. डॉ. शोभा चौबे (एडवोकेट) का कहना है कि हर बड़े आंदोलन का बिगुल बिहार में ही फूंककर सत्ता को हिला देने का काम किया गया. गांधी जी और जेपी के आंदोलन ने पूरे राष्ट्र की युवा शक्ति को झकझोर कर रख दिया. विश्वनाथ प्रताप सिंह ने भी अपने आंदोलन के लिए बिहार को चुना. बिहार वह उर्वर भूमि है, जहां जिस भी आंदोलन का बीजारोपण हुआ, वह आंदोलन ज़बरदस्त सफल हुआ. सच्चे मन से पूरी ताक़त लगाने पर आंदोलन ज़रूर कामयाब होगा. इस आंदोलन ने पूरी युवा शक्ति को भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक मंच पर खड़ा कर दिया है. अन्ना जी का आंदोलन सफल तो होना ही है और मैं समर्थन ज़रूर करूंगी. वरिष्ठ वकील दीनू कुमार का कहना है कि महात्मा गांधी जी ने आज़ादी का आंदोलन बिहार से शुरू किया था. देश को आज़ादी मिल गई, लेकिन भ्रष्टाचार से आज़ादी नहीं मिली. भ्रष्टाचार हटाने के लिए अन्ना जी ने अपने आंदोलन के लिए पटना को चुना. बिहार राजनीतिक जगह है. उनका मुद्दा सर्वमान्य हो गया है. आंदोलन पूरी तरह सफल होगा. निश्चित रूप से मैं इसका समर्थन करूंगा. अन्ना हजारे की रैली मे बेगूसराय, खगड़िया, सहरसा समेत कोसी इलाक़े से हज़ारों समाजसेवी शिरकत करेंगे. अन्ना हजारे के दिल्ली के सहयोगी ओम तत्सत ने बताया कि उनके पौत्र बाबूलाल शौर्य इंडिया एगेंस्ट करप्शन के ज़िला संयोजक हैं. उन्होंने कहा कि ज़िले में समाजसेवियों की कमी नहीं है. यहां के लोग भ्रष्टाचार के विरोध में आयोजित होने वाली रैली को सफल बनाने के लिए गांव-गांव में संपर्क साध रहे हैं. ई धर्मेंद्र ने बताया कि रैली के लिए लोगों से संपर्क किया जा रहा है. भारत स्वाभिमान ट्रस्ट से जुड़े गोपाल दहलान, उमाशंकर प्रसाद, नरेंद्र जी, सुशील कुमार आदि ने बताया कि रैली में भाग लेने के लिए खगड़िया से बस रिजर्व की जा रही है. उधर, बेगूसराय ज़िले में भी अन्ना हजारे को देखने एवं सुनने के लिए जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है. कैंसर अवेयरनेस सोसायटी के ज़िला सचिव डॉ. रतन प्रसाद, डॉ. कामिनी आदि ने बताया कि अन्ना हजारे की रैली ज़रूर सफल होगी. शिवप्रकाश भारद्वाज, राजेश श्रीवास्तव, अनिल कुमार आदि ने बताया कि रैली को लेकर कई टोले मे संपर्क साधा गया है. लोग साथ चलने को तैयार हैं. उधर, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा आदि में भी हजारे की रैली को लेकर लोगों का उत्साह चरम पर है. विजय सोनी, ललित सोनी, विजय गुप्ता, उदयकांत झा आदि ने बताया कि कोसी इलाक़े से लोग का़फी संख्या में पटना जाएंगे. इसके लिए राज्यरानी एक्सप्रेस तथा कोसी एक्सप्रेस का चयन किया गया है. सुपौल, मधेपुरा से लोगों को सहरसा जंक्शन पर आने को कहा गया है.
उधर, गया में अन्ना हजारे की रैली को लेकर गया में भी सरगर्मी है. अन्ना हजारे के इंडिया अगेंस्ट करप्शन से जुड़े अमित आनंद ने बताया कि जनतंत्र रैली के संदर्भ में गया में लोगों को जागरूक किया जा रहा है और रैली में भाग लेने का आह्ववान किया जा रहा है. पटना के गांधी मैदान में आयोजित अन्ना हजारे की सभा को लेकर चंपारण का राजनीतिक तापमान बढ़ गया है और सर्दी के इस मौसम में भी आईएसी के कार्यकर्ता एवं समर्थक इस सभा को ऐतिहासिक बनाने के लिए जनसंपर्क अभियान कर लोगों को पटना पहुंचने का आमंत्रण दे रहे हैं. कार्यकर्ता एवं समर्थक व्याप्त भ्रष्टाचार को उखाड़ फेंकने के लिए अन्ना का साथ देने की अपील करते नहीं थक रहे हैं. आईएसी के संयोजक रामाधार ठाकुर ने बताया कि पटना के गांधी मैदान में चंपारण से ऐतिहासिक भीड़ पहुंचेगी. उन्होंने बताया कि चंपारण तमाम आंदोलनों में आगे रहा है. इसलिए इस आंदोलन में भी आगे रहेगा. दूसरी तऱफ जेपी सेनानी एवं प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता रायसुंदर देव शर्मा ने बताया कि अन्ना के तमाम आंदोलनों में चंपारण की जनता शामिल होगी और भ्रष्टाचार को उखाड़ फेंकने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

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2 thoughts on “हर तरफ अन्ना ही अन्ना

  • January 26, 2013 at 1:15 AM
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    आप को क्या लगता है की आम आदमी पार्टी को वोट देना अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस को वोट देना नहीं होगा ?कांग्रेस को पुनः सत्ता में लाने का कुत्सित प्रयास आप न ही करें तो देश के लिए बहुत ही अच्छा होगा | एक बार बीजेपी को दो तिहाई तब फिर आगे आपकी पार्टी को देखा जायेगा ,समझ गए तरुण,मिश्राजी |समाज सेवा और राजनीति में किसान जैसा धैर्य चाहिए, तो लोहा गर्म रहते उस पर चोट करने का स्वभाव भी जरूरी है। “बंदर स्वभाव” का किसान अपने ही बोए आम के फल का स्वाद कभी नहीं चख सकता | “सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे शन्तु निरामयाः।
    सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चितदुःखभाग्भवेत॥”
    ऊँ शान्तिः शान्तिः शान्तिः।
    सभी सुखी हों, सभी निरापद हों, सभी शुभ देखें, शुभ सोचें; कोई कभी भी दुःख को प्राप्त न हो। वह सबके लिए शान्ति की कामना करता है। इसीलिए अभी एकमा\त्र बीजेपी ही हल है |“~~~~~~~~~~~~परशुराम

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    • February 1, 2013 at 5:27 PM
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      गलत कह रहे हो दोस्त अबकी तो अगले पांच साल किसी भी पार्टी को नही सिर्फ आम आदमी अब अपनी खुद की पार्टी बनाएगा और वोट सिर्फ उसे ही देगा, बहुत हो गया सबको आजमाते आजमाते. देश का खजाना तो भारस्तो ने तो लगभग लगभग लुट ही लिया है लगभग तो सत्ता के लोभी और लालची ही निकले, अब तो ६५ सालो से लुट रहे कांग्रेस, भाजपा, सपा, बसपा और हरेक पार्टियों के भ्रस्तो (कोर्रुप्ट्स) का हिसाब होगा, लुटा हुआ धन देश हित में लगाया जाएगा भ्रस्तो के लिए चौराहे पर फांसी का प्रावधान लाया जाएगा

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