जॉली एलएलबी- क़ानून व्यवस्था पर कटाक्ष

फिल्म जॉली एलएलबी भारतीय न्याय व्यवस्था पर एक व्यंग है. इस फिल्म को पत्रकार से फिल्म निर्देशक बने सुभाष कपूर ने बनाया है. फिल्म की पटकथा उनके निजी अनुभवों पर आधारित है. उनका मानना है कि अदालतों की असलियत वैसी नहीं है, जैसी फिल्मों में दिखाई जाती है, वहां अदालत का जो परिदृश्य होता है, असल में वैसा होता नहीं. फिल्मों में गीता पर हाथ रखकर कसमें खिलाई जाती हैं, लेकिन सच तो यह है कि मैंने कभी अदालतों में गीता नहीं देखी. वास्तव में अदालतों के  कक्ष लोगों से भरे होते हैं. वहां अक्सर काम के बोझ से दबा न्यायाधीश होता है और अदालती प्रक्रियाओं से ऊबने वाले लोग होते हैं. सुभाष कपूर ने अपनी इस फिल्म में अदालतों की वास्तविकता दिखाई है. वह मानते हैं कि पूरी अदालती प्रक्रिया में काफी मनोरंजन और हास्य होता है, जिससे प्रेरित होकर उन्होंने फिल्म जॉली एलएलबी बनाई है. गौरतलब है कि सुभाष कपूर इससे पहले भी दो फिल्में बना चुके हैं. उनकी पहली फिल्म वर्ष 2007 में सलाम इंडिया आई थी, जो कब आई और चली गई किसी को पता भी नहीं चला. इसके बाद पिछले साल उनकी एक और फिल्म फंस गए रे ओबामा आई, जिसे लोगों ने काफी पसंद किया. इस फिल्म ने काफी सुर्खियां बटोरीं. उनकी यह फिल्म वैश्विक अर्थव्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर चुकी मंदी के गंभीर प्रभावों पर एक व्यंग्य थी. हालांकि जॉली एलएलबी की योजना काफी पहले से वह बना रहे थे, लेकिन तब उन्हें मंदी के कारण कोई निर्माता नहीं मिल पा रहा था. उस दौरान उन्हें फंस गए रे ओबामा का आइडिया आया और वह फिल्म जॉली एलएलबी बन गई. अब एक साल बाद उनकी फिल्म को कई निर्माताओं ने हाथोंहाथ लिया.  फिल्म के मुख्य कलाकार हैं अरशद वारसी, बोमन ईरानी, अमृता राव और सौरभ शुक्ला. फिल्म 15 मार्च को रीलिज हो रही है. कई तरह की भूमिकाओं में दिख चुके अरशद वारसी इस फिल्म में वकील की भूमिका में हैं. कहा यह भी जा रहा है कि इस फिल्म में पहले शाहरुख खान को लिया जा रहा था, लेकिन अरशद वारसी को इस फिल्म के रोल के लिए परफेक्ट माना गया है. फिल्म की कहानी अरशद वारसी(जॉली) के इर्द-गिर्द घूमती है. अरशद एक स्ट्रगलिंग लॉयर है. वह जीवन में कुछ बड़ा करना चाहता है. वह मेरठ से आकर दिल्ली की अदालत में काम करना चाहता है. उसके आदर्श हैं बोमन इरानी, लेकिन वह अपने आदर्श बोमन इरानी के अगेंस्ट कोर्ट केस साइन करता है. वहीं इस फिल्म में अमृता एक स्कूल शिक्षक के किरदार में हैं. फिल्म के म्यूजिक डायरेक्टर हैं तनु वेड्‌स मनू फेम क्रसना. इससे पहले भी वह लत लग गई…और झूठ बोलया… जैसे गानों से डिमांड में रहे हैं.