ग़रीबो को उनका हक़ कैसे मिलेगा?

10जिस देश की अधिकांश आबादी ग़रीब हो, वहां यह ज़रूरी हो जाता है कि ग़रीबों से जु़डी योजनाओं को ईमानदारी से लागू किया जाए. लेकिन व्यवहार में अब तक यही देखने को मिला है कि ग़रीबों के विकास के लिए बनाई गई लगभग सभी योजनाओं में भ्रष्टाचार का बोलबाला रहा है, चाहे वह मनरेगा हो या इंदिरा आवास योजना. सभी सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार की वजह से इसका फ़ायदा उन लोगों तक नहीं पहुंच पाता है, जो इसके हक़दार होते हैं या जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत होती है. आए दिन ग़रीबों के लिए बनी योजनाओं में घोटाले की ख़बर आती रहती है. इस अंक में हम ऐसी ही एक समस्या पर बात कर रहे हैं, जो सीधे-सीधे ग़रीबों के अधिकार और उनके विकास से जु़डी हुई है.

बीपीएल सूची. यानी जिस सूची के आधार पर ग़रीबों को बहुत-सी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकता है, मसलन सस्ता राशन, इंदिरा आवास का लाभ या फिर पेंशन. ज़ाहिर है, सरकारी सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए बहुत सारे लोग किसी भी प्रकार से अपना नाम बीपीएल सूची में शामिल करवा लेते हैं. नतीजतन, जो ज़रूरतमंद लोग हैं और जिन्हें वाक़ई सरकारी मदद की ज़रूरत होती है, वे इससे वंचित रह जाते हैं. कई राज्यों में तो यहां तक होता है कि बीपीएल सूची में एपीएल श्रेणी के लोग भी अपना नाम दर्ज करवा लेते हैं. ज़ाहिर है, ऐसी घटनाएं सरकारी अधिकारियों और स्थानीय स्तर के जनप्रतिनिधि (पंचायत प्रतिनिधियों) की मिलीभगत के बिना संभव नहीं हैं. इस अंक में ऐसा ही एक आवेदन प्रकाशित किया जा रहा है, जिसके इस्तेमाल से आप बीपीएल सूची में पारदर्शिता बनाने का दबाव डाल सकते हैं और साथ ही सूची तैयार करते समय उसमें होने वाली गड़बड़ियों को पकड़ भी सकते हैं या उसका ख़ुलासा कर सकते हैं. हम उम्मीद करते हैं कि आप इस आवेदन का इस्तेमाल ज़रूर करेंगे और अन्य लोगों को भी इसके लिए उत्साहित करेंगे.

 

 

बीपीएल के चयन के लिए किए गए सर्वे का विवरण

 

सेवा में,

लोक सूचना अधिकारी

(विभाग का नाम)

(विभाग का पता)

 

विषय : सूचना के अधिकार अधिनियम-2005 के तहत आवेदन.

 

महोदय,

……………………….ग्राम में ग़रीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के सर्वे के  संबंध में निम्नलिखित सूचनाएं प्रदान करें:

 

1. उपरोक्त गांव में कितने ग़रीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) कार्डधारी हैं? उनकी सूची निम्नलिखित विवरण के साथ उपलब्ध कराएं:

क. कार्डधारक का नाम

ख. पिता का नाम

ग. कार्ड संख्या

घ. कार्ड पर सदस्यों की संख्या (यूनिट)

2. उपरोक्त कार्डधारियों का ग़रीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) का कार्ड किस आधार पर बनाया गया? इस संबंध में कार्डधारी द्वारा प्रस्तुत किए गए दस्ताव़ेज की प्रति उपलब्ध कराएं.

3. उपरोक्त गांव में ग़रीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के परिवारों का सर्वे पिछली बार कब हुआ था? उस सर्वे रिपोर्ट की प्रति उपलब्ध कराएं, साथ ही सर्वे करने वाले अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम और पद बताएं?

4. ग़रीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के परिवारों के सर्वे के समय परिवारों के चयन के लिए क्या मापदंड/मानक बनाए गए हैं? इस संबंध में समस्त शासनादेशों/नियमों एवं निर्देशों की प्रतियां उपलब्ध कराएं.

5. उपरोक्त सर्वे के उपरांत क्या कोई पुन:निरीक्षण (रिव्यू)किया गया? यदि हां, तो समस्त दस्तावेज़ों की प्रतियां उपलब्ध कराएं.

6. पुन:निरीक्षण (रिव्यू) के  संबंध में समस्त शासनादेशों/नियमों एवं निर्देशों की प्रतियां उपलब्ध कराएं.

7. सर्वे के दौरान किसी अनियमितता का मामला सामने आया है? यदि हां, तो शिकायत पर क्या कार्रवाई की गई? विवरण दें.

मैं आवेदन फीस के रूप में 10 रुपये अलग से जमा कर रहा/रही हूं.

या

मैं बीपीएल कार्डधारी हूं, इसलिए सभी देय शुल्कों से मुक्त हूं. मेरा बीपीएल कार्ड नं…………..है.

यदि मांगी गई सूचना आपके विभाग/कार्यालय से संबंधित नहीं हो, तो सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 की धारा 6 (3) का संज्ञान लेते हुए मेरा आवेदन संबंधित लोक सूचना अधिकारी को पांच दिनों की समयावधि के अंतर्गत हस्तांतरित करें. साथ ही अधिनियम के प्रावधानों के तहत सूचना उपलब्ध कराते समय प्रथम अपील अधिकारी का नाम और पता अवश्य बताएं.

 

भवदीय

नाम:

पता:

फोन नं:

संलग्न:

(यदि कुछ हो)

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One thought on “ग़रीबो को उनका हक़ कैसे मिलेगा?

  • April 9, 2013 at 10:00 PM
    Permalink

    जनकारी देनें के लिए …….आभार

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