जनतंत्र यात्रा : सरकार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे : अन्ना

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अन्ना हज़ारे की जनतंत्र यात्रा का चौथा चरण बीते 5 जुलाई को मध्य प्रदेश के रीवा से शुरू हुआ, जहां उन्होंने एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने उन्हें धोखा दिया है. अन्ना ने बताया कि पिछले दिनों उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है कि यदि मानसून सत्र में जन लोकपाल बिल संसद में पास नहीं किया गया, तो वह अक्टूबर में एक बार फिर से रामलीला मैदान में आमरण अनशन पर बैठेंगे.

मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश करते ही बड़ी संख्या में लोगों ने अन्ना हज़ारे का जोरदार स्वागत किया. रीवा के बाद अन्ना हज़ारे 6 जुलाई को रामपुर, चुरहट एवं सीधी पहुंचे. जनतंत्र यात्रा के दूसरे दिन भी अन्ना हज़ारे ने अपना आक्रामक रुख बरकरार रखते हुए कहा कि सारी राजनीतिक पार्टियां एक जैसी हैं. देश में अब केवल सत्ता बदलने से काम नहीं चलेगा, बल्कि पूरी व्यवस्था में बदलाव की ज़रूरत है. 7 जुलाई को अन्ना बियोहारी और कटनी गए. कटनी में जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है. सरकार लोकपाल के अपने वादे से मुकर गई है और इसीलिए उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे.

8 जुलाई को वह जबलपुर और सिवनी पहुंचे. भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ जनतंत्र यात्रा पर निकले अन्ना हज़ारे ने 9 जुलाई को चिंदवाड़ा, मुलताई और बैतूल में लोगों को संबोधित किया. चिंदवाड़ा में उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देशवासियों को लोक लुभावन वादों के जरिए गुमराह कर रही है और वह जन लोकपाल पर कुछ नहीं बोलती, क्योंकि उसे पता है कि मजबूत जन लोकपाल आने से देश के अधिकांश नेता सलाखों के पीछे होंगे. मुल्ताई में अन्ना हज़ारे को देखने और सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग आए. अन्ना ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि वह किसानों को संगठित करके एक देशव्यापी आंदोलन खड़ा करेंगे. उनका मानना है कि पहले लोकपाल ज़रूरी है और उसके बाद किसानों के हितों के लिए संघर्ष किया जाएगा. अन्ना ने कहा कि किसानों एवं ग्रामसभा की सहमति के बिना किसानों की एक इंच ज़मीन भी अधिग्रहीत नहीं की जानी चाहिए. चिंदवाड़ा और मुल्ताई के बाद अन्ना ने बैतूल में जनता को संबोधित किया. हमेशा की तरह यहां भी बड़ी संख्या में लोग अन्ना को देखने और सुनने के लिए पहुंचे. अन्ना ने कहा कि वह संपूर्ण व्यवस्था में परिवर्तन को लेकर ही लोगों के बीच जा रहे हैं. उनका पहला लक्ष्य लोकपाल बिल संसद से पारित कराना है.

10 जुलाई को अन्ना हज़ारे ने इटारसी और होशंगाबाद में लोगों को संबोधित किया. उन्होंने केंद्र सरकार को उसके पक्षपात पूर्ण और ढुलमुल रवैए के लिए खरी-खोटी सुनाई. 11 जुलाई को अन्ना भोपाल पहुंचे. भोपाल में लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ ल़डाई को लेकर गंभीर नहीं है. सरकार ने मजबूत लोकपाल को लेकर देश को धोखा दिया है. 12 जुलाई को अन्ना रायसेन और सागर पहुंचे. यहां भी उन्होंने जनसभाओं को संबोधित किया.

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