कोइ सरहद ना इन्हे रोके….

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हिंदुस्तान-पाकिस्तान का रिश्ता ही कुछ ऐसा है कि दोनों देशों के बीच मोहब्बत और नफरत साथ-साथ चलती हैं. कुछ दिनों पहले फ़राज हैदर की एक फिल्म आई थी वार छोड़ ना यार. फिल्म में दिखाया गया था कि किस तरह सीमा पर एक-दूसरे के ख़िलाफ़ बंदूक तान कर खड़े रहने वाले सैनिकों में इतने अच्छे संबंध बन जाते हैं कि वे
एक-दूसरे को अपने देश के स्वादिष्ट व्यंजन खिलाते हैं. अंताक्षरी खेलते हैं. सलमान, शाहरुख, ऐश्‍वर्या, काजोल, लता, आशा के जितने दीवाने हिंदुस्तान में हैं, उतने ही पाकिस्तान में भी. ठीक वैसे ही मेहदी हसन, ग़ुलाम अली, फ़रीदा ख़ानम, मुन्नी बेगम, आबिदा परवीन, बेगम अख्तर जैसे फनकारों के भारत में लाखों-करोड़ों चाहने वाले हैं, पर न चाहते हुए भी आदेश मिलने पर सैनिक एक-दूसरे पर गोलियां चलाते हैं. दोनों देशों के बीच नफरत का बीज बोने वाले लोगों के अपने फ़ायदे हैं. दोनों देशों में होने वाले आंतकी गतिविधियों और हिंसा के लिए एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते हैं. क्रिकेट में जीत-हार पर दोनों देशों में जश्‍न और मातम मनाया जाता है. किसी और देश से हार या जीत पर इतनी खुशी और दुख नहीं होता, जितना एक-दूसरे से हारने या जीतने पर होता है, पर कला जगत के लिए सरहदों का यह अंतर मिट जाता है. कलाकारों की दोनों देशों में कद्र है. पाकिस्तान के युवाओं में एक तरफ भारत के लिए नफरत के बीज बोए जाते हैं और भारत के ख़िलाफ़ आतंकी गतिविधियों में उनका ब्रेन वॉश कर इस्तेमाल किया जाता है, वहीं पाकिस्तान के हज़ारों-लाखों युवा बॉलीवुड फिल्मों के दीवाने हैं. बॉलीवुड में काम करना उनका सपना है. कई पाकिस्तानी कलाकार बॉलीवुड में काम कर रहे हैं. उनके परफॉर्मेंस को यहां पसंद किया जा रहा है. कई पाकिस्तानी कलाकारों ने बॉलीवुड में काम किया और कुछ एक फिल्मों के बाद सफलता न मिलने पर वापस चले गए. इन दिनों भी कई पाकिस्तानी कलाकार बॉलीवुड में स्ट्रगल कर रहे हैं. उन्होंने इसे ही अपना घर मान लिया है.
सोमी अलीः सोमी का बचपन करांची में बिता. सात साल की उम्र में वह अपने परिवार के साथ फ्लोरिडा शिफ्ट हो गईं. वह भी एक आम पाकिस्तानी की तरह बॉलीवुड फिल्मों की दीवानी थीं. किशोरावस्था में वह सलमान की इस क़दर दीवानी हुईं कि उन्होंने बॉलीवुड में ही करियर बनाने का निर्णय ले लिया. वह सलमान से मिलने का सपना लिए मुंबई आईं, यहां वह मॉडलिंग और फिल्में करने लगीं. उनकी कुछ फिल्में हैं: अंत, कृष्ण अवतार, यार गद्दार, तीसरा कौन, आओ प्यार करें, आंदोलन, माफिया. सोमी की दीवानगी को देखते हुए सलमान भी उनके प्यार में पड़ गए, पर दोनों का रिश्ता किसी मोड़ पर पहुंचता, इससे पहले ही वह ऐश्‍वर्या की नीली आखों में खो गए. सोमी यह बर्दाश्त न कर सकीं और वापस फ्लोरिडा चली गईं. सोमी अब डॉक्यूमेंट्री फिल्म मेकर हैं और वह नो मोर टियर्स नाम से वूमेन वायलेंस के ख़िलाफ़ एक
एनजीओ भी चलाती हैं. उन्होंने रिश्ता टूटने के लिए किसी को ज़िम्मेदार न मानते हुए अपने प्यार से नफरत के साथ दूर होने के बजाए दोस्ती का नाम दे दिया. सलमान और सोमी आज भी अच्छे दोस्त हैं.
मोहसीन ख़ान: पाकिस्तानी हसीनाओं को भारत में काफ़ी पसंद किया जाता है, लेकिन बॉलीवुड हसीनाओं के दीवाने भी पाकिस्तान में हैं. तभी पाकिस्तान के स्टार क्रिकेटर मोहसीन ख़ान बॉलीवुड ब्यूटी रीना रॉय के प्यार में पड़े. दोनों सरहदों की दूरियां मिटा कर एक हो गए. रीना मोहसीन संग पाकिस्तान चली गईं तो मोहसीन पत्नी और बॉलीवुड प्रेम की ख़ातिर भारत आ बसे और क्रिकेट छोड़ फिल्मों में काम करने लगे. उन्होंने महानता, घुंघट, बेटा, मैडम एक्स, द एलीफैंट वॉक, जन्नत, लाट साहब, साथी, प्रतिकार, गुनहगार कौन, फतेह, बंटवारा, त्यागी जैसी कुछ फिल्मों में काम किया. बॉलीवुड में उन्हें कुछ खास पहचान नहीं मिली और रीना के साथ भी उनके संबंध ख़राब होने लगे. रीना से अलगाव के बाद मोहसीन वापस लौट गए. अब वह पाकिस्तान में क्रिकेट कोच और चयनकर्ता हैं. जावेद शेख: पाकिस्तान के जाने माने अभिनेता और फिल्म निर्देशक जावेद का सपना था बॉलीवुड में काम करना. 2005 में वह मुंबई आ गए. उन्होंने शिखर, राफ्ता-राफ्ता, जानेमन, नमस्ते लंदन, ओम शांति ओम, अपने, माई नेम इज एंथोनी गोनसाल्विस, जन्नत, हंसते-हंसते, मनी है तो हनी है, युवराज, रोड टू संगम, हम तुम और घोस्ट, सदियां, कजरारे और न जाने कब से, जैसी बॉलीवुड फिल्में कीं. उनके निर्देशन में बनी फिल्म खुले आसमान के नीचे की शूटिंग चार देशों पाकिस्तान, भारत, अरब और ऑस्ट्रेलिया में हुई है. उन्होंने यहां घर भी ले लिया है और अपने नए घर से उन्हें बेहद लगाव है.
सलमा आगा: करांची, पाकिस्तान के एक पठान परिवार में जन्मी सलमा ने बहन सबीना के साथ उर्दू में कुछ सॉन्ग्स निकाले, जो हिट हुए. राजकपूर ने जब ऋषि और नीतू की शादी की रिसेप्शन पार्टी दी तो उन्होंने अपनी कजन सलमा की मां को भी बुलाया. तब बीआर चोपड़ा अपनी फिल्म तलाक तलाक तलाक की नायिका की तलाश में थे. यह बात सलमा को पता चली. वह मुंबई आईं और चोपड़ा ने उन्हें निकाह के लिए साइन कर लिया. उन्होंने निकाह का गाना दिल के अरमा आंसुओं में बह गए भी गया. उन्हें फिल्म फेयर बेस्ट फिमेल प्लेबैक अवॉर्ड मिला. उनकी कुछ और बॉलीवुड फिल्में हैं: ज्वाला दारू, कसम पैदा करने वाले की, सलमा, ऊंचे लोग, मार्केट, फायर, महावीरा, पांच फौलादी, फोर्स, नंबर वन, पति पत्नी और तवायफ, मीत मेरे मन के, गहरा राज. पर इन फिल्मों से वह कुछ ख़ास मुक़ाम नहीं बना पाईं.
जेबा बख्तियार: पाकिस्तानी अभिनेत्री जेबा की ख़ूबसूरती और मासूमियत को भारत में भी काफ़ी पसंद किया गया. ऋषि कपूर के साथ पाकिस्तान और हिंदुस्तान के रिश्तों पर आधारित इस फिल्म में उन्होंने कमाल का अभिनय किया. क्लर्क, देशवासी, हिना, मोहब्बत की आरजू, स्टंटमैन और संजय दत्त के साथ जय विक्रांता जैसी फिल्मों में उन्होंने काम किया, लेकिन दर्शकों ने उन्हें कुछ ख़ास तवज्जो नहीं दिया.
मीरा (इर्तिजा रूआब): लाहौर में जन्मीं मीरा ने शुरुआत मॉडलिंग से की. बॉलीवुड में उनकी पहली फिल्म थी नज़र. सोनी राजदान की इस फिल्म में मीरा के अपोजिट थे अस्मित पटेल. इस फिल्म में उनके बोल्डनेस की काफ़ी चर्चा हुई. कसक, सिमरन, ओम अल्लाह, पांच घंटे में पांच करोड़ जैसे बॉलीवुड फिल्मों में वह दिखीं, पर सभी फिल्में फ्लॉप रहीं. काफ़ी हाथ-पांव मारने के बाद भी मीरा कुछ ख़ास न कर सकीं और पाकिस्तान लौट गईं.
नर्गिस फ़ाख़री: पाकिस्तानी पिता की संतान नर्गिस अमेरिकन मॉडल और अभिनेत्री हैं, पर इम्तियाज अली की फिल्म रॉकस्टार में रणबीर कपूर के साथ काम करने के बाद उन्होंने बॉलीवुड में ही करियर बनाने का फैसला कर लिया. 2013 में वह सुजीत सिरकर की फिल्म मद्रास कैफे में वॉर कॉरेस्पोंडेंट जया साहनी के किरदार में दिखीं. वहीं फिल्म फटा पोस्टर निकला हीरो में वह आइटम डांस करती नजर आईं. कम ही फिल्मों से उन्होंने बॉलीवुड में अपनी पहचान बना ली है.
अली जफ़र: अली जफ़र बॉलीवुड में जाना-पहचाना नाम बन चुका है. उन्होंने कई सफल फिल्मों में काम किया है. इन दिनों वह यामी गौतम के साथ अपनी फिल्म टोटल स्यापा की सफलता से काफ़ी खुश हैं. यह फिल्म भारत-पाक संबंधों पर आधारित है और रोमांस और हास्य से भरपूर है. उनकी पहली फिल्म 2010 में तेरे बिना लादेन और इसी साल उनकी एक और फिल्म लव का द एंड भी आई. 2011 में कटरीना और इमरान ख़ान के साथ उनकी फिल्म मेरे ब्रदर की दुल्हन आई. यह फिल्म भी सफल रही थी. 2012 में उनकी दो फिल्में लंदन, पेरिस और न्यूयॉर्क और चश्मेबद्दूर आई थी. सभी फिल्में औसतन ठीक चलीं.
वीना मलिक: रावलपिंडी की वीना ने कई हिंदी फिल्मों में काम किया. गली गली में चोर है, तेरे नाल लव हो गया, दाल में कुछ काला है, ज़िंदगी 50-50, सुपरमॉडल उनकी फिल्में हैं, पर फिल्मों से ज़्यादा वह कंट्रोवर्सी क्वीन के रूप में मशहूर हुईं.
सारा लोरेन (मोनालिजा): विशेष भट्ट के डायरेक्शन में बनी फिल्म मर्डर थ्री में पाकिस्तानी अभिनेत्री सारा के अभिनय और ख़ूबसूरती दोनों की तारिफ हुई. फिल्म को कुछ ख़ास सफलता नहीं मिली, लेकिन इस फिल्म से उन्हें ज़रूर पहचाना जाने लगा. बहुत कम लोगों को पता होगा कि यह सारा की पहली फिल्म नहीं थी. जी हां उनकी पहली फिल्म थी 2010 में पूजा भट्ट की कजरारे. इस फिल्म में उनके अपोजिट थे हिमेश रेशमिया. फिल्म फ्लॉप रही. 2014 में उनकी तीन फिल्में रिलीज होने वाली हैं.
हुमैमा मलिक: क्वेटा, पाकिस्तान की हुमैमा ने 14 साल की उम्र से ही मॉडलिंग शुरू कर दिया था. फिर वह टीवी धारावाहिकों में काम करने लगीं. उनकी पहली फिल्म थी बोल. तभी उन पर विधु विनोद चोपड़ा की नज़र पड़ी. चोपड़ा ने उन्हें अपनी फिल्म चिट्ठियां में साइन कर लिया. 2014 में हुमैमा इमरान हाशमी के साथ फिल्म शातिर में नजर आएंगी.
मेहरीन सईद: मेहरीन पाकिस्तान में इनफॉर्मेशन फॉर फाइनांशियल ऐड प्रोफेशनल्स की सीईओ हैं. अभिनेत्री एवं मॉडल होने के साथ ही वह 50 हॉटेस्ट एशियन महलाओं की सूची में 16वें नंबर पर हैं और एशिया की सेक्सी महिलाओं की सूची में उनकी रैंकिग 10 है. मेहरीन एक सफ़ल व्यवसायी और लॉरियल की स्पोक्स पर्सन भी हैं. उन्हें अपनी फिल्म में लेने के लिए कई भारतीय फिल्मकार इच्छुक हैं, लेकिन उन्होंने फिल्मकार संजय पूरन सिंह की फिल्म साइन की, पर वीजा न मिल पाने के कारण उन्हें यह फिल्म छो़डनी प़डी. मेहरीन ने कहा कि उन्हें मलाल है कि वह फिल्म नहीं कर पाईं.
मुस्कान ख़ान: पाकिस्तान की प्रतिभाशाली अभिनेत्री और गायिका मुस्कान ख़ान कबीर राज की फिल्म जस्ट एसएमएस में राज बब्बर और रवीना टंडन के साथ स्क्रीन स्पेश शेयर करती नज़र आएंगी. उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि वह बॉलीवुड फिल्मों में काम करने को लेकर काफ़ी उत्सुक थीं. आख़िरकार उनका सपना सच हो ही गया.
साशा आगा. सलमा आगा कई बॉलीवुड फिल्में करने के बाद भी कुछ ख़ास मुकाम नहीं बना पाईं, लेकिन अब उनके अधूरे सपने को पूरा करने की काशिश में लगी हैं उनकी बेटी शासा. शासा आगा 2013 में फिल्म औरंगजेब में अर्जुन कपूर के साथ नज़र आ चुकी हैं. फिल्म तो सफल नहीं हुई, लेकिन साशा ने इस फिल्म में जमकर अंग प्रदर्शन किया. अब उनकी अगली फिल्म है देसी कट्टे. इस फिल्म में उनके साथ हैं सुनील सेट्ठी और टीया बाजपेयी.
मीशा साफ़ी: लाहौर, पाकिस्तान की सिंगर मॉडल और अभिनेत्री मीशा ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 2013 में मीरा नायर की हॉलीवुड फिल्म द रिलक्टेंट फंडामेंटलिस्ट से की. साल 2013 की सबसे ज़्यादा पैसे कमानेवाली बॉलीवुड फिल्म भाग मिल्खा भाग में वह मिल्खा सिंह की दोस्त पेरिजाद की भूमिका में दिखीं.

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