अब डॉक्टर्स बनाएंगे आपको वर्जिन

16.6एक ही कॉलेज में पढ़ने वाले दिव्या और रोहित एक दूसरे से प्यार करते थे. पढाई खत्म करने के बाद दोनों की प्लेसमेंट भी एक ही कंपनी में हो गई. दोनों ने जिंदगी भर साथ रहने का फैसला किया और लिव इन रिलेशनशिप में रहने लगे. शुरुआत में तो सब ठीक था, लेकिन कुछ समय बाद दोनों के रिश्ते खराब हो गए और दोनों अलग हो गए. इधर दिव्या के घर वाले इसकी शादी के लिए जोर डाल रहे थे. पर दिव्या को डर था कि उसका अतीत भविष्य को बर्बाद कर देगा.

एक दूसरे केस में बचपन में अपने ही रिश्तेदार द्वारा शोषण का शिकार हुई नम्रता की शादी होने वाली थी, लेकिन अब वह इस बात से परेशान थी की उसके पति को उसके पिछली जिंदगी के बारे में पता चल जाएगा. (दोनों केस में नाम बदल दिए गए है).

इन दोनों की समस्याओं का एक ही समाधान है हायम्नोप्लास्टी. वर्जिनिटी को वापस पाने के लिए हायम्नोप्लास्टी का सहारा आजकल लडकियां खूब ले रही हैं. इस तकनीक से उन्हें काफी मदद मिलती है जो नहीं चाहती कि उनके अतीत का प्रभाव आने वाले जीवन पर पड़े.

लडकियां ही नहीं शादी शुदा महिलाएं भी पति के साथ जाकर इस सर्जरी को करा रही हैं. डॉक्टरों का कहना है कि रिश्ते में खूबसूरत पलों को वापस पाने में हायम्नोप्लास्टी काफी कारगर है. डॉक्टरों का कहना है कि महिलाओं के कुंआरेपन यानी वर्जिनिटी को लेकर समाज में काफी संकुचित धारणा है. आज वैवाहिक जीवन के लिए लड़की की वर्जिनिटी काफी मायने रखता है. इस सर्जरी से लड़कियों और शादी शुदा महिलाओं के लिए वर्जिनिटी को वापस पाना आसान हो गया है. विदेशों में ही नहीं भारत में भी महिलाएं यह सर्जरी काफी संख्या में करा रही हैं.

एलएनजेपी अस्पताल, दिल्ली के सर्जन कनसल्टेंट पीएस भंडारी कहते हैं कि यह सर्जरी इतनी नैचुरल होती है कि इसकी पहचान कहीं से नहीं हो सकती. हाइमन एक पतली सी झिल्ली होती है जो वजाइनल एंट्रेंस को ब्लॉक करती है. डॉक्टर यह भी मानते हैं कि हाइमन के फटने की कई और वजहें भी हो सकती हैं. स्पोटर्स और फिजिकल ऐक्टिविटीज के दौरान भी लड़कियों में हाइमन टिशू टूट जाता है. ऐसी स्थिति में भी यह सर्जरी कारगर हो सकती है.

क्या है प्रक्रिया?

डॉक्टर पीएस भंडारी कहते हैं कि इस सर्जरी की खास बात यह है कि पेशेंट सुबह ऐडमिट होता है और शाम तक उसे अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है. सर्जरी में अधिकतम एक घंटे का वक्त लगता है. इसके लिए प्राइवेट पार्ट के टिशू से ही हाइमन का निर्माण किया जाता है. इसमें दिए गए स्टिच दो से तीन हफ्ते में अपने आप खत्म हो जाते हैं.

कहां है उपलब्ध-

सरकारी और प्राइवेट दोनों अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध है. यह सुविधा दिल्ली सरकार के एलएनजेपी अस्पताल में फ्री ऑफ कॉस्ट कराया जा सकता है, जबकि प्राइवेट हॉस्पिटल्स में 50 से 60 हजार रूपये का खर्च आता है.

 

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