सितारे नहीं, इस चुनाव के महानायक हैं नरेंद्र मोदी

MMMMMMMMMMMMफिल्म कलाकारों और खिलाड़ियों के स्टार पॉवर को भुनाने के लिए पार्टियां उन्हें टिकटदेती रही हैं, ये स्टार भी अपनी फेस वैल्यू के बल पर चुनाव जीतते रहे हैं. पर इस बार का चुनाव कुछ अलग इबारत लिख रहा है. इस बार के चुनाव के एक मात्र महानायक हैं नरेंद्र मोदी. उनके नाम का सहारा लेकर उनकी पार्टी से खड़े सितारों ने भारी बहुमत से जीत दर्ज कराई है. कई और सितारे और खिलाड़ी जो दूसरी पार्टियों की टिकट से चुनाव लड़े लोकप्रियता के बावजूद हार गए.

रवि किशन

भोजपुरी फिल्मों के अमिताभ बच्चन कहे जाने वाले रवि किशन की जौनपुर में लोकप्रियता को देखते हुए कांग्रेस ने रवि किशन को उनके क्षेत्र से टिकट दिया है. कांग्रेस लोकसभा चुनाव में अपनी जीत दर्ज कराने के लिए ए़डी चोटी का जोर लगा रही है. चूंकि भोजपुरी बेल्ट में रवि किशन खुब लोकप्रिय हैं, ऐसे में कांग्रेस को उम्मीद थी कि रवि किशन यहां से जरूर जितेंगे, पर रवि किशन यहां से नरेंद्र मोदी की लहर में बह गए. यहां से भारतीय जनता पार्टी की टिकट पर कृष्ण प्रताप जीत गए, जबकि रवि किशन 6ठें नंबर पर रहे.

गुल पनाग और किरण खेर

भ्रष्टाचार को मुद्दा बना कर ल़डने वाली आम आदमी पार्टी ने चंडीग़ढ से अभिनेत्री गुल पनाग को उम्मीदवार बनाया है. उनके अपोजिट यहां से भाजपा की उम्मीदवार अभिनेत्री किरण खेर थीं. नई-नई राजनेता बनीं गुल पनाग अपनी जीत को सुनिश्‍चित करने के लिए खुब मेहनत कर रही हैं. मिस इंडिया रह चुकी 35 वर्षीय गुल लोगों से मिलने के लिए त़डके 5 बजे उठ कर अपने दिन की शुरुआत करती हैं. गुल पनाग एक अच्छी वक्ता होने के अलावा स्पोर्ट्स पर्सन और समाज सेविका भी हैं. दो नेत्रियों की जंग में कांग्रेस ने यहां से पवन कुमार बंसल कांगे्रस के उम्मीदवार थे. पवन कुमार बंसल यहां से 4 बार सांसद रह चुके हैं, जबकि बसपा ने यहां से जन्नत जहां को उम्मीदवार बनाया है. भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ने के कारण किरण को फायदा हुआ और वह यहां से विजयी रहीं. दूसरे नंबर पर यहां से कांग्रेस के पवन कुमार बंसल हैं और आम आदमी पार्टी से गुल पनाग तीसरे नंबर पर हैं.

परेश रावल  (भारतीय जनता पार्टी)  हिंदी फिल्मों के जाने-माने अभिनेता परेश रावल को भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात के अहमदाबाद ईस्ट से अपना प्रत्याशी बनाया है. परेश रावल यहां से चुनाव जीत गए हैं.

नगमा

नगमा को कांग्रेस ने मेरठ सीट से उम्मीदवार बनाया था. नगमा ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत वर्ष 2003 में की थी और उन्हें एक बार राज्य सभा सदस्य के लिए भी चुना गया था. नगमा ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत सलमान खान के साथ फिल्म बागी से की थी. नगमा भोजपुरी और दक्षिण भारतीय सिनेमा में भी लोकप्रिय हैं. पर वह अपनी लोकप्रियता को यहां से भुना नहीं पाईं, वह चुनाव हार गईं.  भारतीय जनता पार्टी के राजेंद्र अग्रवाल यहां से विजयी रहे जबकि नगमा यहां से चौथे नबर पर रहीं.

स्मृति ईरानी

अमेठी लोकसभा सीट पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को चुनौती देने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने स्मृति ईरानी को टिकट दिया. स्मृति ने यहां से नामांकन दाखिल करते समय कहा था कि उनका मुकाबला सीधे राहुल गांधी से है, आम आदमी पार्टी से नहीं. इस बार अमेठी इतिहास रचेगा, क्योंकि इस बार राहुल को यहां से पराजय का सामना करना पड़ेगा. उन्हें सपोर्ट करने के लिए नरेंद्र मोदी भी अमेठी गए और उन्होंने कहा की इस क्षेत्र के विकास के लिए उन्होंने अपनी छोटी बहन स्मृति को यहां भेजा है. पर कांग्रेस के गढ में स्मृति और मोदी दोनों का जादू आखिर नहीं चला. राहुल गांधी यहां से जीत गए और स्मृति को यहां से पराजय का सामना करना पड़ा. स्मति इरानी यहां से दूसरे नंबर पर रहीं.

राखी सावंत, महेश मांजरेकर और कमाल आर खान

अभिनेता और फिल्म मेकर महेश मांजरेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना की टिकट पर मुंबई के नॉर्थ-वेस्ट से चुनाव लड़ा. उनके अपोजिट कांग्रेस से गुरुदास कामत थे, गुरुदास कामत कांग्रेस के यूनियन मिनिस्टर और जनरल सेक्रेटरी भी रह चुके हैं, जबकि शिवसेना से इस क्षेत्र के उम्मीदवार थे गजानन किर्तिकर. वहीं प्रोड्यूसर एक्टर कमाल आर खान भी इस क्षेत्र से समाजवादी पार्टी से उम्मीदवार थे, जबकि आम आदमी पार्टी ने यहां से मयंक गांधी को उम्मीदवार बनाया था. आइटम गर्ल राखी सावंत भी यहां से नई राजनीतिक पार्टी राष्ट्रीय आम पार्टी बनाकर चुनाव लड़ा था, पर राखी हार गईं. यहां से गजानन चंद्रकांत किर्तिकर शिवसेना से जीत गए. महेश मंजरेकर यहां से तीसरे नंबर पर रहे.

जावेद जाफरी

आम आदमी पार्टी ने बॉलीवुड के मशहूर एक्टर जावेद जाफरी को लखनऊ लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार बनाया था. जावेद जाफरी बेहतरीन डांसर और कॉमेडियन हैं. लखनऊ सीट पर बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह उनके प्रतिद्वंद्दी थे. जावेद जाफरी यहां से चुनाव हार गए. भारतीय जनता पार्टी के राजनाथ सिंह यहां से चुनाव जीत गए, जबकि कांग्रेस की रीता बहुगुणा जोशी यहां से दूसरे नंबर पर रहीं.

राम्या

दक्षिण भारत की मशहूर अभिनेत्री और कर्नाटक के मांड्या संसदीय क्षेत्र से वर्तमान सांसद राम्या चुनाव हार गई हैं. राम्या इस बार भी मांड्या सीट पर चुनाव लड़ीं. राम्या अपोजिट थे जेडी (एस) के उम्मीदवार सीएस पुत्ताराजू. इससे पहले मांड्या सीट पर हुए उप चुनाव में राम्या ने पुत्ताराजू को 47,622 वोटों से मात दी थीं.

जया प्रदा

आरएलडी की टिकट पर जया प्रदा ने बिजनौर से चुनाव लड़ा था. वह यहां से जीत गई हैं. पहली बार जयाप्रदा रामपुर सीट से खड़ीं हुई थीं, उनके यहां से लड़ने के कारण यहां की राजनीति में ग्लैमर जरूर आ गया था, लेकिन उन्हें बाहरी होने का दंश भी झेलना पड़ा था. उनके अपोजिट यहां से थे भारतीय जनता पार्टी से कुंवर भारतेंद्र चुनाव जीत गए. जया प्रदा यहां से चौथे नंबर पर रहीं.

बाबुल सुप्रियो

भारतीय जनता पार्टी ने आसनसोल वेस्ट बंगाल से गायक और अभिनेता बाबुल सुप्रियो को उम्मीदवार बनाया था. बाबुल यहां से चुनाव जीत गए हैं.

बप्पी लाह़िडी

बप्पी लाह़िडी जाने माने संगीत निर्देशक और गायक है. उनकी लोकप्रियता को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें कोलकाता के हुगली जिले के श्री रामपुर से उम्मीदवार बनाया था.  यहां तृणमूल कांग्रेस से कल्यान बनर्जी जीत गए हैं, जबकि दूसरे नंबर पर कम्यूनिष्ट पार्टी से तिर्थंकर रे हैं और तीसरे नंबर पर बप्पी लाहिडी हैं.

मनोज तिवारी

भोजपुरी गायक और अभिनेता मनोज तिवारी बिहार और उत्तर प्रदेश में काफी लोकप्रिय हैं. उनकी लोकप्रियता को देखते हुए भाजपा ने उन्हें दिल्ली की नार्थ-ईस्ट लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था, मनोज तिवारी यहां से चुनाव जीत गए हैं. इससे पहले मनोज तिवारी समाजवादी पार्टी की टिकट से गोरखपुर से चुनाव ल़ड चुके हैं.

राज बब्बर

अभिनेता राज बब्बर कांग्रेस से फिरोजाबाद के एमपी हैं. पिछले चुनाव में उन्होंने यहां से समाजवादी पार्टी प्रमुख की पत्नी डिंपल यादव को हराया था. पर इस चुनाव में वह हार गए हैं. यहां से उनके प्रतिद्वंद्वी विजय कुमार सिंह चुनाव जीत गए हैं और राज बब्बर यहां से दूसरे नंबर पर हैं.

विनोद खन्ना

पंजाब के गुरुदासपुर से भारतीय जनता पार्टी ने विनोद खन्ना को उम्मीदवार बनाया था. पहले के लोकसभा चुनावों में भी वह दो बार विजयी रहे थे. विनोद खन्ना ने 1997 में भाजपा ज्वाइन की थी और 1998 में गुरुदासपुर से लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी. इसके बाद वह केंद्रीय मंत्री बने. 2004 में भी उन्होंने गुरुदासपुर से एकबार फिर जीत दर्ज की, लेकिन 2009 के लोकसभा चुनाव में वह हार गए थे. पर इस बार विनोद खन्ना यहां से जीत गए हैं.

शत्रुघ्न सिन्हा

शत्रुघ्न सिन्हा बिहार के पटना साहिब से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार थे. वह यहां से सांसद भी थे. वह केंद्रीय मंत्री और साथ ही तीन बार राज्य सभा सदस्य भी रह चुके हैं. शत्रुघ्न सिन्हा यहां से चुनाव जीत गए हैं.

हेमा मालिनी

ड्रीमगर्ल हेमा मालिनी डायरेक्टर, प्रोड्यूसर, क्लासिकल डांसर और कोरियोग्राफर भी हैं. उन्होंने 2004  में भारतीय जनता पार्टी ज्वाइन की थी. वह पार्टी की कर्मठ सदस्य हैं. मार्च 2010 में वह पार्टी की जनरल सेक्रेटरी चुनी गईं. वह मथुरा से भाजपा उम्मीदवार थी और चुनाव में उन्होंने जीत का परचम लहराया.

प्रकाश झा

राजनीतिक और सामाजिक मुद्दे पर गंगाजल, अपहरण, राजनीति, चक्रव्यूह, आरक्षण और सत्याग्रह जैसी फिल्में बना चुके फिल्म निर्देशक प्रकाश झा को जनता दल यूनाइटेड ने पश्‍चिमी चम्पारण से लोकसभा का टिकट दिया था. प्रकाश झा ने लोक जनशक्ति पार्टी की टिकट पर बेतिया सीट से 2009 के लोकसभा चुनाव में भाग्य आजमाया था, लेकिन उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था. इस बार यहां से भारतीय जनता पार्टी के डॉक्टर संजय जायसवाल विजयी रहे, जबकि प्रकाश झा यहां से दूसरे नंबर पर रहे.

मुनमुन सेन

बांग्ला, हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम, मराठी, कन्ऩड जैसी कई भाषाओं की फिल्मों में काम कर चुकीं मुनमुन सेन को ममता बनर्जी ने बकुंरा लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था. है. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रदेश से तमाम ऐसे चेहरों को उम्मीदवार बनाया है, जिनसे वोट खींचने की उन्हें जरा भी उम्मीद है. उन्होंने ग्लैमर वर्ल्ड के कई चेहरे को पार्टी में शामिल किया है. यहां से मुनमुन सेन जीत गईं.

दीपक अधिकारी देव

बंगाली अभिनेता देव को ममता बनर्जी ने पश्‍चिम बंगाल के घटाल लोकसभा से उम्मीदवार बनाया था.  युवा वोट को गोलबंद करने के लिए ममता बनर्जी ने देव को टिकट दिया है. देव अभिनेता और गायक हैं. वह युवाओं में काफी लोकप्रिय हैं. दीदी की उम्मीद पर देव खरे उतरे इस क्षेत्र से वह चुनाव जीत गए हैं.

मोहम्मद अजहरुद्दीन

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन उत्तर प्रदेश की मुरादाबाद लोकसभा सीट से कांग्रेस के सांसद रहे हैं. इस बार उनको कांग्रेस ने राजस्थान के सवाई माधोपुर लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा था. अजहरुद्दीन यहां से चुनाव हार गए हैं.  सुखबीर सिंह जौनपुरिया भारतीय जनता पार्टी से यहां विजयी रहे और अजहरुद्दीन दूसरे नंबर पर रहे. दरअसल बाहरी होने के कारण उन्हें समर्थन नहीं मिला, पर अजहरुद्दीन का मानना था कि वह भारतीय हैं और कहीं से भी चुनाव लड सकते हैं.

कीति आजाद

कीर्ति भाजपा के टिकट पर इस बार भी बिहार के दरभंगा लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में थे. क्रिकेट के मैदान से राजनीति में आए कीर्ति आजाद के पिता भागवत झा आजाद बिहार के मुख्यमंत्री थे. कीर्ति आजाद 1993 में दिल्ली गोलमार्केट विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं. इसके बाद वह भाजपा के टिकट पर 1999 और 2009 में दरभंगा सीट से सांसद चुने जा चुके हैं. कीर्ति भाजपा के टिकट पर इस बार भी दरभंगा लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में थे. भाजपा लहर और अपनी लोकप्रियता के बल पर कीर्ति आजाद यहां से चुनाव जीत गए हैं.

राज्यवर्धन

भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाडी युवराज सिंह के पिता निशानेबाज रहे हैं. राज्यवर्धन सिंह राठौर ने राजस्थान में भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह और पार्टी के पीएम प्रत्याशी नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में भाजपा में शामिल होकर राजनीति की शुरुआत की. भाजपा ने उन्हें जयपुर गांव लोकसभा सीट से चुनाव मैदान में उतारा. राज्यवर्धन एथेंस ओलंपिक में भारत के एकमात्र पदक जीतने वाले खिलाड़ी थे. वर्ष 2004 में उनको राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. राज्यवर्द्धन यहां से चुनाव जीत गए हैं.

मोहम्मद कैफ

क्रिकेट में असफलता के बाद मोहम्मद कैफ ने राजनीति में भाग्य आजमाई. कैफ ने आखिरी मैच दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 2006 में एक दिवसीय मैच खेला था. कैफ अंर्तराष्ट्रीय क्रिकेट से खराब प्रदर्शन के कारण बाहर चल रहे थे. कैफ कांग्रेस के टिकट पर उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद फूलपूर लोकसाभा सीट से चुनाव मैदान में थे. यहां से भारतीय जनता पार्टी की टिकट पर केशव प्रसाद मौर्या ने बाजी मार ली, जबकि दूसरे नंबर पर यहां से समाजवादी पार्टी से धर्म राज सिंह पटेल रहे, तीसरे नंबर पर बहुजन समाज पार्टी से कपिल मुनी करवरिया रहे, जबकि अपने स्टार पॉवर के रूतबे के बावजूद मोहम्मद कैफ चौथे स्थान पर रहे.

बाइचुंग भूटिया और प्रसून बनर्जी

बंगाल की मुख्मयंत्री ममता बनर्जी ने भी खिलाड़ियों की पॉवर पहचाना और फुटबाल टीम के स्टार खिलाड़ी रहे बाइचुंग भूटिया और प्रसून बनर्जी को दीदी ने टिकट दिया. बाइचुंग भूटिया दार्जिलिंग लोकसभा सीट से चुनाव लड़े, पर भूटिया यहां से हार गए. भारतीय जनता पार्टी के एसएस अहलूवालिया यहां से विजयी रहे. दीदी ने फुटबॉल के लोकप्रिय खिलाड़ी रहे प्रसून बनर्जी को हावडा से टिकट दिया. प्रसून पश्‍चिम बंगाल के सबसे बड़े फुटब़ॉल क्लब मोहन बागान के कप्तान भी रहे हैं और इस समय तृणमूल कांग्रेस की खेल शाखा के अध्यक्ष भी रहे. तृणमूल सांसद अंबिका बनर्जी के निधन से खाली हुई सीट पर उन्होंने चुनाव लड़ा था. दीदी को प्रसून की लोकप्रियता पर पूरा-पूरा भरोसा था और प्रसून ने भी दीदी को निराश नहीं किया. हावडा से वह भारी मतों से जीत गए.

 

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