ओवैसी ने उड़ाई लालू-नीतीश की नींद

owisiऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सीमांचल के मुस्लिम बाहुल्य किशनगंज में एक बड़ी सभा करके बिहार, खासकर महा-गठबंधन की राजनीति में भूचाल ला दिया. राजद, जद (यू) एवं कांग्रेस के नेता सकते में हैं. वैसे तो सामाजिक इंसाफ फ्रंट-बिहार के बैनर तले मुख्य मुद्दा सीमांचल की बदहाली को बनाया गया, लेकिन छिपा एजेंडा अल्पसंख्यकों के जज्बात उभारना था.

ओवैसी ने सीमांचल की बदहाली के लिए नीतीश कुमार, राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव और कांग्रेस को ज़िम्मेदार बताते हुए भाजपा के ख़िलाफ़ जद (यू), राजद एवं कांग्रेस महा-गठबंधन के समानांतर खुद को खड़ा करने की कोशिश की. चुनाव के ऐन मा़ैके पर ओवैसी का दौरा काफी गंभीरता से लिया जा रहा है. मुस्लिम बाहुल्य सीमांचल के विधानसभा क्षेत्र ओवैसी के सॉफ्ट टारगेट हैं. किशनगंज, पूर्णिया, अररिया, कटिहार एवं सुपौल में मुस्लिम आबादी के मद्देनज़र ओवैसी की पार्टी एक खास योजना पर काम कर रही है, जिसकी कमान कोचाधामन से राजद के विधायक रहे अख्तरुल ईमान को सौंपी गई है.

ओवैसी के अनुसार, दो महीने पहले अख्तरुल ईमान ने उनसे मिलकर सीमांचल की बदहाली और जातीय-सामाजिक परिस्थितियों की चर्चा की, उसके बाद ही किशनगंज में जनसभा करने का निर्णय लिया गया. भाषण के दौरान ओवैसी ने विधानसभा चुनाव लड़ने के मुद्दे पर अपने पत्ते नहीं खोले, लेकिन उनके हाव-भाव से साफ़ हो गया कि वह बहुत जल्द चुनावी बिसात पर अपने मोहरे सजाने वाले हैं. स्पष्ट है कि सीमांचल मेंएआईएमआईएम की मौजूदगी से महा-गठबंधन को बड़ा झटका लग सकता है.

सूत्र बताते हैं कि ओवैसी बिहार में 25-30 मुस्लिम बाहुल्य विधानसभा क्षेत्रों में अपने प्रत्याशी उतार सकते हैं. ओवैसी का यह प्लान नीतीश और लालू के लिए ख़तरे की घंटी है. ओवैसी साफ़ कहते हैं कि मुसलमान किसी पार्टी के बंधुआ मज़दूर नहीं हैं. अवाम अपने हिसाब से तय कर लेगी कि चुनाव में किसके साथ जाना है.

मेरे एजेंडें में दलित, अति पिछड़े एवं पसमांदा मुसलमान हैं

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों के बेबाक जवाब दिए.

आरोप है कि बिहार विधानसभा चुनाव में आप सेक्युलर ताकतों को कमज़ोर करने वाले हैं…

हम समाज के सबसे पिछड़े दलित, अति पिछड़े एवं अल्पसंख्यकों को साथ लेकर चल रहे हैं. क्या उनकी आवाज़ उठाना सेक्युलर ताकतों को कमज़ोर करना है.

जद (यू) का कहना है कि हम लोग सेक्युलर ताकतों को इकट्ठा कर रहे हैं और सेक्युलरिज्म के नाम पर भाजपा से अलग हुए…

गोधरा में जब ट्रेन जली, तब रेल मंत्री कौन था?

क्या आपके एजेंडे में स़िर्फ मुसलमान हैं?

मेरे एजेंडें में दलित, अति पिछड़े एवं पसमांदा मुसलमान हैं. मैं इन सबको एक प्लेटफॉर्म पर लाने का काम कर रहा हूं.

आरोप है कि आप स़िर्फ मुसलमानों को अपनी पार्टी का टिकट देते हैं…

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मैंने 12 में से छह हिंदू उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें चार ओबीसी और दो दलित थे.

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