युद्ध अपराधी है थॉमस लुबांगा

War-criminal-,Thomas-Lubangaहेग में पूर्वी कॉगो के संदिग्ध युद्ध अपराधी थॉमस लुबांगा पर अंतराष्ट्रीय अपराध न्यायालय के पहले मुकदमें में लुबांगा पर बच्चों को फौज में भर्ती करने और युद्ध में झोंकने का आरोप है. 2002 से 2003 के बीच ऐसे 30,000 से ज्यादा बच्चों को बाल सिपाही बनाने का आरोप थॉमस लुबांगा पर था.

थॉमस द्यिलो डेमौक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉगो में इतुरी इलाकें के सशस्त्र आंदोलन का नेता था. पूर्वी का इतुरी क्षेत्र वहां पाए जाने वाले सोने की खानों की वजह विभिन्न सशस्त्रों गुटों के बीच संघर्ष का केंद्र बना हुआ था. 1999 से शुरू हुई इस लड़ाई में 60,000 लोगों की मौत हो चुकी है.

लुबांगा ने अपनी सेना के साथ हजारों बच्चों को ट्रेन किया उसी के बाद उन्होंने खून और रेप जैसी घटनाओं को अनजाम दिया. 9-10 साल की उम्र के इन बच्चों को लुबांगा ने कही का नहीं छोड़ा था. बिलकुल बर्बाद कर दिया. वह कभी नहीं भूल सकते जो उन्होंने किया और जो सहा. विश्व में ऐसे कई देश हैं जहां जनता और उस देष की अदालत लुबांगा जैसे अपराधियों के आगे बेबस हैं. पूर्वी कॉगो में रह रहे 16 वर्ष के रूकुंदो न्दारिफीते को अब तक स्कूल जाने की आदत नहीं पड़ी है.

कुछ साल पहले तक वह बाल सैनिक था. जिस उम्र में बच्चों के हाथ में किताबें होनी चाहिए थी. विज्ञान गणित से बेहतर उसे एके 47 बंदूक चलाना आता है. 9 साल की उम्र में वह लोग उसे उठा कर ले गए थे वहां और लोग भी थे.