लोग गौर से सुन रहे हैं गायिका फौज़िया अर्शी की आवाज़

कॉमेडी फिल्म होगया दिमाग़ का दही से फिल्मी दुनिया में बतौर निर्देशक पदार्पण करने वाली फौज़िया अर्शी कई विधाओं में माहिर हैं. उन्होंने फिल्म होगया दिमाग़ का दही में तिहरी भूमिका अदा की हैं. फिल्म की निर्देशक होने के साथ-साथ वह संगीतकार और गायिका भी हैं. उन्होंने अपनी फिल्म में दो गीतों में अपनी आवाज भी दी है. मौला मेरे मौला कव्वाली में उन्होंने कैलाश खेर के साथ सुर मिलाये हैं, वहीं फिल्म का एक अन्य गीत कभी तो सुन गौर से में अपनी आवाज दी है. उनका गाया गीत कभी तो सुन गौर से फिल्म के रिलीज होने से पहले ही सुर्खियां बटोर रहा है, श्रोता उनके इस गीत की खुलेदिल से तारीफ कर रहे हैं.

फौजिया अर्शी ने जब इस गीत को अपनी फेसबुक वॉल पर शेयर किया तो उनकी बॉल पर गाने की तारीफ में आ रहे कमेंट्‌स की बाढ़ सी आ गई. गाने की तारीफ में मोहम्मद फराज़ हुसैन लिखते हैं बेहतरीन आवाज़…बेहतरीन गीत. वहीं आगा अब्दुल अलीम खान लिखते हैं मैलोडियस वॉइस…कीप इट अप. समीक्षकों की नज़र बहुत दिनों बाद इस तरह का कोई मैलोडियस गीत आया है. लोग इस गीत की सराहना कर रहे हैं. वहीं रितेश शर्मा कहते हैं कि ये बेहतरीन गीतों की श्रेणी में लंबे समय तक याद किया जाने वाला गीत साबित होगा. आपकी आवाज़ का जादू लोगों के सिर चढ़कर बोलेगा. फिल्म मेकर के बाद आप एक संगीतकार के रूप में बेहद सफल हो सकती हैं.

इस मधुर गीत के लिए आपको बधाई. फौजिया अर्शी मूल रूप से भोपाल की रहने वाली हैं. भोपाल के रहने वाले रफात अली का कहना है कि इस गाने बहुत पंसद आया. यह बेहतरीन गीत है. बेहतरीन नज्म, एक भोपाली ही इतने बेहतरीन तरीके से गा सकता है.आपकी फिल्म के लिए शुभकामनायें मैं सपरिवार यह फिल्म देखने जाउंगा. वहीं हेमंत कुमार पाठक लिखते हैं सरगम का एक और उभरता सितारा. बिजेंद्र दुबे गीत की तारीफ में कहते हैं सुभानअल्लाह…बहुत मस्त जबरजस्त. वहीं सलीम रज़ा खान कहते हैं गौर से सुना, अर्शी जी वेरी नाइस.

स्वीट वॉइस. अफशीन अहमद का कहना है कि माशा अल्लाह फौज़िया आपकी आवाज बहुत अच्छी है. बतौर निर्देशक फौजिया का इंम्तिहान में पास होना बाकी है लेकिन बतौर संगीतकार और गायिका वह प्रशंसकों की नज़र में पास हो गयी हैं.