बिहार विधानसभा चुनाव : 26 जगहों पर मोदी की रैली 11 जगहों पर मिली हार

bihar electionप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद बिहार में 26 चुनावी सभाएं की थीं. इससे पहले 4 परिवर्तन रैलियां भी हुईं. कुल मिलाकर राजनीतिक सभाओं की बात करें तो प्रधानमंत्री ने बिहार में 30 रैलियां की थीं, लेकिन इन रैलियों में जुटी भीड़ वोट में नहीं बदल सकी. चुनाव की तारीखों के एलान के बाद पीएम ने जिन 26 जगहों में प्रचार किया था, उनमें से 11 सीटें बीजेपी हार गई है.

पहले दौर में पीएम के प्रचार का हाल
पहले दौर के चुनाव में प्रधानमंत्री ने 2 अक्टूबर को बांका से चुनाव प्रचार की शुरुआत की थी. बांका जिले में विधानसभा की 5 सीटें हैं. एक बांका सीट को छोड़कर बाकी 4 सीटें महागठबंधन के खाते में गई हैं. 8 अक्टूबर को मुंगेर की सभा में प्रधानमंत्री ने शैतान वाले बयान को लेकर लालू पर हमला बोला था.

मुंगेर जिले में विधानसभा की 3 सीटें हैं. इन तीनों सीटों पर भाजपा को हार का सामना करना प़डा है. मुंगेर सीट राजद के और जिले की दो अन्य सीटें (तारापुर और जमालपुर) जेडीयू के खाते में गई हैं. 8 तारीख को ही पीएम ने बेगूसराय, समस्तीपुर और नवादा में भी सभाएं की थीं. बेगूसराय में एनडीए का खाता भी नहीं खुल सका. यहां की सातों सीटें महागठबंधन के खाते में गई हैं.

इसके अलावा समस्तीपुर में भी भाजपा का यही हाल रहा, यहां की भी सभी 10 सीटें महागठबंधन के खाते में गई हैं. भाजपा का सूपड़ा साफ हो गया है. नवादा की रैली में प्रधानमंत्री ने दादरी कांड पर अपनी चुप्पी तोड़ी थी. नवादा की पांच विधानसभा सीटों में से केवल दो पर भाजपा जीत दर्ज कर सकी, बाकी तीन सीटें महागठबंधन के खाते में गईं.

कुल मिलाकर यदि पहले दौर की बात करें तो बेगूसराय और समस्तीपुर जैसे ब़डे जिलों में पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया. पहले दौर में प्रधानमंत्री ने 5 सभाएं की थीं जिनमे से 2 जगह पार्टी जीती और 3 जगह हार गई.

दूसरे दौर में पीएम के प्रचार का हाल
दूसरे दौर के चुनाव प्रचार की शुरुआत पीएम ने 9 अक्टूबर को औरंगाबाद से की थी. उस दिन पीएम औरंगाबाद और सासाराम गए थे. औरंगाबाद सीट पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है. औरंगाबाद सीट से भाजपा के रामाधार सिंह विधायक हुआ करते थे. इस बार नीतीश और लालू की लहर का कहर उनपर भी टूटा.

रोहतास (सासाराम) जिले की बात करें तो यहां की एक सीट एनडीए गठबंधन में शामिल राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (आरएलएसपी) जीतने में सफल हुई, जबकि इस जिले के दिग्गज भाजपा नेता रामेश्वर चौरसिया हार गए. जिले की 7 में से 6 सीटें महागठबंधन के खाते में गईं. इसके बाद पीएम ने कैमूर और जहानाबाद में रैली की थी.

कैमूर जिले की 4 में से 4 सीटें बीजेपी के खाते में गईं, लेकिन जहानाबाद की सभी तीन सीटें महागठबंधन के खाते में चली गईं. यहां की मखदूमपुर सीट पर जीतन राम मांझी को हार का सामना करना पड़ा. दूसरे दौर में पीएम ने 4 सभाएं कीं, इस दौर में भी भाजपा को हार का सामना करना प़डा.

तीसरे दौर में पीएम के प्रचार का हाल
28 अक्टूबर को तीसरे दौर की वोटिंग हुई थी. 25 तारीख को पीएम ने 4 सभाएं की थीं. इस दिन उनकी पहली सभा छपरा के मढौरा में आयोजित हुई थी.

मढौरा सीट पर बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा जबकि हाजीपुर शहर की सीट बीजेपी जीतने में सफल रही. पीएम ने यहां सभा की थी. इसके अलावा पटना में पीएम ने रैली की थी, वहां पार्टी को जीत मिली. नालंदा के बिहारशरीफ में भी पीएम ने सभा की थी. यहां की 7 सीटों में से 6 भाजपा हार गई. 26 अक्टूबर को पीएम ने बक्सर में सभा की थी. बक्सर में एक भी सीट भाजपा को नहीं मिली.

चौथे दौर में पीएम के प्रचार का हाल
चौथे दौर के चुनाव प्रचार की शुरुआत पीएम ने सीवान से की थी. सीवान शहर की सीट को छोड़कर भाजपा जिले की अन्य सीटें हार गई. सीवान जिले में कुल 8 सीटें हैं. 27 अक्टूबर को प्रधानमंत्री ने बेतिया, सीतामढ़ी और मोतिहारी में रैलियों को संबोधित किया था.

बेतिया शहर सीट पर पिछले 15 सालों से भाजपा का क़ब्जा था. लेकिन उसे यहां भी मुंह की खानी पड़ी. सीतामढ़ी सीट पर साल 2003 से भाजपा का क़ब्जा था. लेकिन इस बार यहां से भाजपा उमीदवार सुनील पिंटू को हार का सामना करना प़डा. मोतिहारी से भाजपा के प्रमोद कुमार जीत गए.

30 अक्टूबर को गोपालगंज और मुज़फ्फरपुर में पीएम की रैली थी. इन दोनों सीटों पर भाजपा को जीत हासिल हुई. लेकिन इन जिलों में भाजपा के सहयोगी दलों का प्रदर्शन बेहद खराब रहा. कुल मिलाकर चौथे दौर में 6 जगहों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभाएं हुईं. यहां की चार सीटों पर भाजपा को जीत हासिल हुई.

पांचवें दौर में पीएम के प्रचार का हाल
पांचवें दौर के चुनाव के लिए पीएम ने 1 और 2 नवंबर को तीन-तीन सभाएं की थीं. 1 नवंबर को मधुबनी, मधेपुरा, कटिहार में उनकी सभायें हुईं, मधेपुरा सीट भाजपा हार गई. 2 नवंबर को दरभंगा, पूर्णिया और फारबिसगंज में पीएम ने 3 सभाएं की थीं. इन तीनों शहरों में बीजेपी ने जीत हासिल की लेकिन इन जिलों की अन्य सीटों में पार्टी का प्रदर्शन खराब रहा.
(लेखक एबीपी न्यूज़ से जु़डे हैं)