स्टीव जॉब्स से प्रेरणा लें उद्यमी

आज दुनिया में कौन आईफोन से परिचित नहीं है. हर कोई उसकी तारी़फ करता है और सभी उसे खरीदना चाहते हैं. उम्दा डिजायन, पतला, किसी भी उम्र का व्यक्ति आसानी से इस्तेमाल कर सकता है.

जब हम इसके बनाने के पीछे का विज्ञान समझते हैं, तो हमें यह कल्पना से परे लगता है और हम सोचने पर मजबूर हो जाते हैं कि एक कंप्यूटर के बराबर ताकतवर प्रोसेसर, बढ़िया कैमरा एवं आवाज़, बेहतरीन डिस्प्ले एक छोटे-से मोबाइल में कैसे आ सकते हैं!

इतनी बड़ी संख्या में आइफोन का निर्माण करना और उन्हें दुनिया के कोने-कोने में एक ही क़ीमत पर बेचना यानी कुल मिलाकर आइफोन बनाने से लेकर बेचने तक की प्रक्रिया एक चमत्कार से कम नहीं है.

हमें एक व्यापारी होने के नाते यह पूरी प्रक्रिया ध्यान से पढ़नी एवं समझनी चाहिए और हमें इसकी सीख अपने व्यापार में लागू करनी चाहिए. आईफोन की कहानी स्टीव जॉब्स नामक व्यक्ति के पिता के गैराज में शुरू होती है, जिसने अपने पिता से लिए 6,000 डॉलर और अपने पिता के गैराज में एप्पल नामक कंपनी की 1977 में स्थापना की.

आज एप्पल दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है. इसके आकार का अनुमान मात्र इस बात से लगाया जा सकता है कि भारत जैसे विशाल देश का जितना भी विदेशी मुद्रा भंडार है, उतना एप्पल कंपनी के पास करंट एकाउंट में कैश रखा हुआ है. हम स्टीव जॉब्स से बहुत कुछ सीख सकते हैं, लेकिन फिलहाल हम पांच बातों पर चर्चा करेंगे.

अलग सोच
आज का युग विचार अर्थव्यवस्था (आइडिया इकोनॉमी) के नाम से जाना जाता है. आज के युग में विचार ही सब कुछ है. बड़ा सोचना और दूसरों से अलग सोचना सबसे खास बात हो गई है. अपने दौर से अलग और आगे की सोचना व्यापार के लिए सबसे ज़रूरी गुण बनकर उभरा है. एप्पल का कोई भी उत्पाद उठा लें, यह बात हमें ज़रूर दिखेगी.

चाहे डिजायन हो या तकनीक, एप्पल ने हमेशा दूसरों से अलग सोचा है. अलग सोचने के मतलब भी अलग-अलग हो सकते हैं. अलग सोचने से यह तात्पर्य नहीं है कि किसी की बढ़ई (कारपेंटर) की दुकान है, तो वह उसे बंद करके इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान खोल ले. अलग सोचने का मतलब यह है कि आप दूसरों से अलग सोचें, अनूठा सोचें और अपने दौर से आगे की सोचें.

जब हम लगातार सोचते हैं, प्रतिदिन नियमित रूप से सोचते हैं, तो एक से एक विचार हमारे दिमाग में आने लगते हैं. कुछ विचार हमें बड़े आकर्षक लगते हैं और हम उन्हें लागू करने के लिए लालायित हो जाते हैं.

यही नाजुक क्षण होता है, लेकिन इस अवस्था में ठहराव ज़रूरी है. लागू करने की जल्दबाजी के बजाय हमें ठहरना चाहिए और अपने सोचने की क्षमता विकसित होने देनी चाहिए.

चंद महीनों बाद हमें अपने व्यापार से जुड़ी हर चीज से संबंधित, हर दिशा में नवीन विचार आने लगते हैं. हम हर काम नए तरीके से सोचने और करने लगेंगे. फिर हम नए विचारों के स्वागत और उन्हें लागू करने के लिए तैयार होते हैं.

यह स्टीव जॉब्स की अलग सोचने की क्षमता ही थी कि अपनी खुद की बनाई कंपनी से बाहर का रास्ता दिखा दिए जाने के बावजूद वह दोबारा शून्य से शुरू करते हैं और पिक्सार जैसी कंपनी बनाकर एनिमेशन संसार में एक क्रांति ला देते हैं.

सरलता और सहजता
एप्पल के सभी उत्पादों में सबसे ज़्यादा सराही जाने वाली चीज है, उसकी सरलता और सहजता. लेकिन, जब हम एप्पल के उत्पादों की अभियांत्रिकी में जाते हैं, तो स्पष्ट रूप से समझ में आता है कि यह सरलता उत्पन्न करना बहुत ही जटिल कार्य है.

इसी तरह जब हम अपने व्यवसाय में कोई कार्य करते हैं, तो उस कार्य की जटिलता या सहजता को महत्व नहीं देते, बल्कि किसी भी तरह वह कार्य हो जाए, उसे महत्व देते हैं.

जबकि अच्छे व्यापारी होने के नाते हमें स्टीव जॉब्स की वह बात समझनी चाहिए कि एक व्यापारी का फर्ज अपने ग्राहकों को उत्पाद देने से ही खत्म नहीं होता, बल्कि हमें एक क़दम और आगे जाकर उन उत्पादों को इस तरह देना चाहिए कि वे सरल व सहज रहें. साथ ही उनके उपयोग से जीवन में आएदिन आने वाली जटिलताएं भी कम हों. सरलता में सब कुछ शामिल होता है.

आपकी दुकान या ऑफिस का डिजायन ऐसा होना चाहिए कि ग्राहक को कम से कम असुविधा हो. आपका सरलता एवं सुगमता से भरा व्यवहार ग्राहक को प्रफुल्लित करने वाला हो. प्रस्तुतिकरण भी एकदम सहज होना चाहिए.

हर छोटी से छोटी प्रक्रिया, जिसका संबंध आपसे या आपके ग्राहक से है, उसमें सरलता का पुट होना ग्राहक के लिए गहरा आकर्षण भर देता है. सरलता एक ऐसा गुण है, जो ग्राहक को बड़ी आसानी से आपका आदी बना देता है.

समयबद्धता
स्टीव जॉब्स ने समयबद्धता और समय प्रबंधन को नए अर्थ दे दिए. उनके लिए यह स़िर्फ समय पर बैठक (मीटिंग) में पहुंचना या कोई काम समय पर करने तक ही सीमित नहीं था, बल्कि समय की सजगता को स्टीव ने एप्पल का ब्रांड बना दिया. एप्पल हमेशा ग्राहक के समय को क़ीमती समझता है यानी कम से कम समय में ग्राहक को अपने समय का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने की सुविधा देना.

इस तरह ग्राहक का जो समय बचता है, उसका उपयोग वह अपने व्यापार में नई ऊंचाइयां छूने के लिए कर सकता है. हमें अपने व्यापार में ग्राहक के समय की महत्ता समझनी होगी. आप जितना ग्राहक के समय की क़ीमत समझते हैं, आपको उसका उतना ही ़फायदा मिलता है. इससे व्यापारी पर ग्राहक का एक अलग ही किस्म का भरोसा विकसित होता है.

ग्राहक राजा है
स्टीव जॉब्स यह बात अच्छी तरह समझते थे कि ग्राहक वह आधार है, जिस पर व्यापार की पूरी इमारत खड़ी होती है. इसलिए एप्पल के हर उत्पाद में ग्राहक की पसंद, ज़रूरत एवं सहूलियत का सबसे पहले ध्यान रखा गया है.

यह बात महात्मा गांधी ने बड़े सुंदर शब्दों में बहुत पहले ही अभिव्यक्त कर दी थी-ग्राहक हमारी दुकान पर आने वाला सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति-आगंतुक है. वह हम पर निर्भर नहीं है. हम उस पर निर्भर हैं.

वह हमारे काम में बाधा नहीं डाल रहा, बल्कि वह हमारे काम का उद्देश्य है. वह हमारे व्यापार से बाहर का नहीं है. वह उसी का हिस्सा है. हम उसकी सेवा करके उस पर एहसान नहीं कर रहे. वह हमें ऐसा करने का अवसर प्रदान करके एहसान कर रहा है.

खुद से परे
सब जानते हैं कि एप्पल को स्टीव जॉब्स ने शुरू किया था. यह स्टीव ही थे, जिन्होंने न स़िर्फ एप्पल की स्थापना की, बल्कि उसके उत्पादों को विशिष्ट स्वरूप प्रदान किया और एप्पल को उस ऊंचाई पर ले गए, जिसे कोई कंपनी छू भी नहीं सकी. आज स्टीव जॉब्स इस दुनिया में नहीं रहे, फिर भी सभी को इस बात से आश्चर्य होता है कि उनके न होते हुए भी एप्पल कंपनी निरंतर नए-नए उत्पाद जैसे आईफोन, आईवॉच, आईपैड आदि की शानदार नई रेंज बाज़ार में उतार रही है.

इसका श्रेय एप्पल की नई टीम को नहीं, बल्कि स्टीव जॉब्स की उस नेतृत्व क्षमता को जाता है, जिसमें उन्होंने अपनी विजनरी सोच से एप्पल कंपनी का भविष्य अपने बिना भी देख रखा था. भारत में कई कंपनियां एक व्यापारी के अथक प्रयासों के आधार पर अच्छा प्रदर्शन करती रहती हैं, लेकिन धीरे-धीरे वे उस व्यापारी पर इतनी निर्भर हो जाती हैं कि उसके कंपनी में न रहने पर यकायक अर्श से फर्श पर आ जाती हैं.

एक अच्छे नेतृत्व और सच्चे नेता की निशानी है कि वह सब कुछ सृजित करता है, सफलता के झंडे गाड़ता है, लेकिन वह किसी को अपने पर निर्भर नहीं बनाता. प्रभावशाली संगठन ऐसे ही खड़े होते हैं.

एक व्यापारी के लिए यह समझना बहुत ज़रूरी है कि वह व्यापार में सब कुछ करने के लिए ज़िम्मेदार है, लेकिन छोटी से छोटी बात भी उस पर निर्भर नहीं होनी चाहिए. स्टीव जॉब्स ने यही कार्यशैली अपनाते हुए एप्पल को इतने कम समय में दुनिया के सबसे बड़े व्यापार में परिवर्तित कर दिया.

हर छोटे से छोटे और बड़े से बड़े व्यापारी के लिए स्टीव जॉब्स की जीवन शैली में गहरे संदेश छिपे हैं. यदि हम उन्हें आत्मसात कर सकें, तो अपने व्यापार को अपने मुहल्ले, शहर या देश में सबसे अच्छा बना पाएंगे.
(लेखक इंवेस्टमेंट बैंकर एवं जेन एडवाइजर्स के सीईओ हैं.)

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