अब अखिलेश का जमाना : अमर

amar singhसमाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान पर एक बार फिर तीखे प्रहार करके पूर्व सपा नेता अमर सिंह ने पुराने दिनों की वापसी के संकेत दिए. इस संकेत को आधिकारिक पुष्टि तब मिल गई, जब दो दिनों बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव एवं अमर सिंह लखनऊ में एक साथ एक मंच पर दिखे.

प्रेम एवं सौहार्द इतना दिखा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अमर सिंह के लिए कुर्सी छोड़ दी और दूसरी कुर्सी पर बैठे. इतना काफी है, लोगों को समाजवादी पार्टी में आने वाले दिनों में होने वाले बदलावों का संकेत पढ़ने के लिए.

अभी पिछले दिनों अमर सिंह ने मिर्जापुर में आजम खान पर तीखे प्रहार किए. दादरी मसले पर संयुक्त राष्ट्र जाने की बात पर अमर सिंह ने कटाक्ष करते हुए पूछा कि क्या वह फिर अमेरिका में अपने कपड़े उतरवाना चाहते हैं? ग़ौरतलब है कि अमेरिका में सख्त सुरक्षा जांच का विरोध कर आजम खान वहां जाने से इंकार कर चुके हैं.

अमर सिंह ने कहा कि आजम एक बार अखिलेश के साथ अमेरिका गए थे, तब एयरपोर्ट पर उनके कपड़े उतरवा दिए गए थे. अब वह क्यों यूएन जाना चाहते हैं? उन्हें क्या फिर से अपने कपड़े उतरवाने हैं? अमर ने यह भी कहा, आजम पर बोलकर मैं जान नहीं गंवाना चाहता.

आजम काफी ताकतवर नेता हैं, इसलिए उनके खिला़फ कुछ नहीं कहना चाहता. मैंने एक बार उनके खिला़फ बोला था, तो मुझे पार्टी से निष्कासित कर दिया गया. पता नहीं, अब कुछ बोलूंगा, तो ज़िंदगी से ही निष्कासित कर दिया जाए. फिर मैं क्या करूंगा? मेरी दो छोटी-छोटी बच्चियां हैं, इसलिए जान नहीं गंवाना चाहता.

अमर सिंह ने मुलायम को भी नहीं बख्शा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा किए जाने के मसले पर अमर सिंह बोले, जब नेता जी ही मोदी से हाथ मिला लिए, तो हमारी क्या बिसात है? जब नेता जी को ही मोदी से कोई गिला-शिकवा नहीं है, तो हम क्यों नाराज़ रहें? हम मोदी की आलोचना नहीं कर रहे हैं, लेकिन उनकी तारी़फ भी नहीं कर रहे हैं.

अमर सिंह ने इशारे-इशारे में सपा प्रमुख मुलायम को राजनीति से रिटायर होने की सलाह भी दे दी. उन्होंने कहा, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी और मुलायम सिंह यादव का दौर खत्म हो चुका है. जमाना अखिलेश यादव और उनके जैसे लोगों का है. सपा में वापसी के मसले पर उन्होंने कहा, अमर सिंह को घर में रखना ही होता, तो निकाला क्यों जाता? मुझे मेरे बर्थडे के दिन ही पार्टी से निकाल दिया गया था.

राजनीति में दृश्य कितनी तेजी से बदलता है, यह इस प्रकरण में सा़फ-सा़फ दिखा. दो दिनों बाद लखनऊ में मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव एवं अमर सिंह बड़े सौहार्दपूर्ण और आदरपूर्ण भाव से एक साथ मंचस्थ दिखे. मौक़ा भले ही मेदांता अवध अस्पताल के शिलान्यास का था, लेकिन सियासत तो मंच पर दिख ही रही थी.

इसी मंच से मुलायम बसपा पर निशाने साध रहे थे और अखिलेश अमर को अंकल-अंकल कहकर पुकार रहे थे. मुलायम ने कहा कि बसपा सरकार ने लखनऊ में मेदांता अस्पताल नहीं खोलने दिया था, जबकि पूर्ववर्ती सपा सरकार उसके लिए ज़मीन मंजूर कर चुकी थी, लेकिन बसपा सरकार बनते ही मायावती ने ज़मीन की मंजूरी निरस्त कर दी.

अब सपा की सरकार आई, तो यह अस्पताल शुरू हो रहा है. स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन ने चुटकी भी ली कि डॉ. त्रेहन ने सही किया कि पांच साल पहले नहीं आए, नहीं तो उनकी दुर्गति हो जाती. शिलान्यास कार्यक्रम में मेदांता सिटी के निदेशक डॉ. नरेश त्रेहन भी शरीक थे.

मुलायम ने कहा कि डॉ. त्रेहन से उनके पुराने रिश्ते हैं. वह 2006 से ही डॉ. त्रेहन से कह रहे थे कि यूपी में अस्पताल खोलें, लेकिन लोकतंत्र की यही दिक्कत है कि हम काम करते हैं और दूसरे उसमें अड़ंगा लगा देते हैं. पर हमने हार नहीं मानी और आज अस्पताल बनने जा रहा है. मुलायम ने सरकार और मुख्यमंत्री की खूब तारी़फ भी की और कहा, जब हम मुख्यमंत्री थे, तब सात मेडिकल कॉलेज थे, अब 23 हो गए हैं.

मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवाद किसी क्षेत्र में आया हो या न आया हो, पर दवाई और बीमारी के क्षेत्र में आ गया है. चाहे वह ग़रीब हो या अमीर या किसी भी स्तर का हो, सबका इलाज एक है.

सबको कोई भी बीमारी हो सकती है और उसका इलाज भी एक जैसा ही होगा. इस मा़ैके पर सपा के पूर्व महासचिव अमर सिंह ने कहा कि डॉक्टरों के लिए हर इंसान एक बराबर है. वह खून यह देखकर नहीं लेते कि यह हिंदू का खून है या मुसलमान का, सबके खून का रंग एक होता है. शाकाहारी हो या मांसाहारी, सबको कोई भी बीमारी हो सकती है और सबको एक ही जैसा इलाज मिलता है.

डॉ. त्रेहन ने बताया कि उनके साथ पिछले 20 वर्षों से ऐसे डॉक्टरों की टीम तैयार है, जो उनके एवं उनकी कोर टीम के सदस्यों के बराबर अनुभव और विशेषज्ञता वाली है. हर विभाग के ऐसे विशेषज्ञ डॉक्टरों को लखनऊ लाया जाएगा. जहां ज़रूरत होगी, वह और उनकी कोर टीम के सदस्य कभी भी लखनऊ आ सकते हैं.

लखनऊ में अस्पताल शुरू होने के बाद प्रदेश के कई शहरों में मेदांता अवध का सैटेलाइट सेंटर बनाया जाएगा, जिसका ब्लूप्रिंट तैयार है. वाराणसी, इलाहाबाद, गोरखपुर एवं कानपुर समेत कई शहरों के नाम तय भी हो चुके हैं. प्रदेश में टीबी के बढ़ते मामलों से निपटने के लिए भी ब्लूप्रिंट तैयार है.

टीबी के गंभीर मरीजों के इलाज और बीमारी से बचाव के उपायों को लेकर जल्द ही प्रदेश में एक कार्यक्रम शुरू हो सकता है, जिसमें उद्योगपति रतन टाटा और सुपरस्टार अमिताभ बच्चन भी शामिल होंगे. डॉ. त्रेहन की टीम ने इस प्रोजेक्ट के लिए प्रदेश सरकार से टीबी के मरीजों से संबंधित आंकड़े मांगे हैं. प

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