जब मंदाकिनी की खूबसूरती पर डॉन का दिल आया

mandakiniबेहद खूबसूरत दिखने वाली मंदाकिनी का जन्म 30 जुलाई 1963,  में एक एंग्लो-इंडियन (इंग्लैंड-भारतीय) परिवार में हुआ था. उनका नाम यासमीन जोसफ था. उनके पिता जोसफ एक ब्रिटिश नागरिक हैं और माता भारतीय मुस्लिम हैं. मंदाकिनी सुपरहिट फिल्म राम तेरी गंगा मैली  में अपनी श्रेष्ठ भूमिका के लिए जानी जाती हैं.1985 में हिंदी फिल्म सिनेमा में एक ऐसी एक्ट्रेस ने कदम रखा था, जो आज भी फिल्म राम तेरी गंगा मैली  से लोगों के बीच में पहचान बनाए हुए है. कहने को यह बात 29 साल पुरानी हो चुकी है, लेकिन इस अभिनेत्री का चेहरा आज भी दर्शक भूला नहीं पाए हैं. मंदाकिनी ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 1985 में की थी. उन्होंने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत बंगाली फिल्म अंतारेर भालोबाशा  से की थी, लेकिन इसी साल उन्होंने फिल्म मेरा साथी  के साथ हिंदी सिनेमा में भी कदम रखा था. 1985 में उन्होंने दो फिल्में आर-पार  और राम तेरी गंगा मैली  की. राज कपूर के डायरेक्शन में बनी राम तेरी गंगा मैली  बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई. इस फिल्म ने मंदाकिनी के  करियर को नया मुकाम दिया और उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया. बॉलीवुड में मंदाकिनी की जीवन-यात्रा अत्यंत छोटी रही. फिल्म राम तेरी गंगा मैली  में मंदाकिनी के कुछ विवादस्पद दृश्य र्िेंल्माए गए थे. इन आपत्तिजनक दृश्यों के बावज़ूद र्िेंल्म को सेंसर बोर्ड ने मंजूरी दे दी और फिल्म सुपरहिट हुई. मंदाकिनी को इस नमांकित किया गया था.

उसके बाद मंदाकिनी ने फिल्म डांस-डांस, लोहा, प्यार करके  देखो, शेषनाग, नाग-नागिन, जोरदार  आदि फिल्मों में अभिनय किया और सफलता की ओर आगे बढ़ती रहीं. मंदाकिनी को बोल्ड सीन्स देने से परहेज नहीं था. शायद यही व़जह रही कि उनका फिल्मी करियर रफ्तार के साथ आगे बढ़ा.1985 में मेरा साथी से शुरू हुआ मंदाकिनी का करियर 1996 में फिल्मजोरदार  के साथ समाप्त हो गया. फिल्मों से संन्यास लेने के दो साल पहले यानी 1994 में मंदाकिनी का नाम अंडरवर्ल्ड डॉन दाउद इब्राहिम के साथ भी जुड़ा. कहा जाता है कि दाउद मंदाकिनी की खूबसूरती का दीवाना था. शारजाह के मैच में मंदाकिनी के साथ दाऊद की तस्वीर ही काफी थी डॉन के साथ उनकी नजदीकियों का बताने के लिए. 80 के दशक में दर्शकों के दिल पर राज करने वाली मंदाकिनी इन दिनों तिब्बतन योगा की क्लासेस चलाती हैं और वो दलाई लामा की फॉलोअर हैं.