हर दिल अजीज आशा भोसले

asha-bhosleजन्मदिन ,08 सितंबर

08 सितंबर को आशा भोसले 82 साल की हो गईं, लेकिन आज भी उनकी आवाज़ का जादू फीका नहीं पड़ा है. हिन्दी फिल्मों के ग्लैमरस गीतों की जब बात आती है तो सबसे पहले दिमाग में चुलबुली, नटखट और जिन्दादिल गायिका आशा भोसले का नाम सबसे पहले जहन में आता है. ऐसे तो उन्होंने हिंदी फिल्मों के लिए हर तरह के गाने गाये. लेकिन केबरे गीतों के लिए उन्हें विशेष रुप से याद किया जाता है.

स्वर सम्राज्ञी लता मंगेशकर की छोटी बहन होने के  बावजूद आशा भोसले ने अपनी कड़ी मेहनत और गायिकी की अपनी बेजोड़ कला की बदौलत फिल्म जगत में अपना अलग मुकाम बनाया. आशा भोसले ने साल 1943 में अपने करियर की शुरुआत की और पिछले सात दशकों से लोगों के दिल पर राज करती आ रही हैं. हर वर्ग के लोग उनके गीतों के प्रशंसक हैं.

मेरा कुछ सामान से लेकर कमबख्त इश्क जैसे ऐसे बहुत से गीत हैं जो हर किसी को मदहोश कर देते हैं. आशा भोसले उन तमाम कलाकारों में से हैं, जिन्होनें आर डी बरमन, ओ पी नैय्यर, गुलज़ार और शंकर-जयकिशन जैसे दिग्गजों के साथ काम किया और नये दौर के महान संगीत निर्देशक एक आर रहमान के साथ भी उसी गर्म जोशी के साथ काम कर रही हैं. आशा जी ने न सिर्फ कैबरे गाने गाये या फिर लाइव म्यूजिक को अपना सहारा बनाया बल्कि फिल्म उमराव जान फिल्म के शास्त्रीय शैैली के गीतों को भी अपनी आवाज भी दी.

आशा भोसले के गाये गानों में आंखो की मस्ती के, झुमका गिरा रे, परदे में रहने दो, दम मारो दम, पिया तू अब तो आजा, मेरा कुछ समान तुम्हारे पास है ऐसे न जाने कितने गाने अपने ज़माने में हिट हुए बल्कि आज भी लोगों के दिल और जुबां पर बसते हैं. जब आशा के  सुर और पंचम दा के  संगीत का मिलन हुआ, तब आशा शादी शुदा थीं और तीन बच्चो की मां थीं. आर डी बरमन आशा से 6 साल छोटे थे लेकिन इन सब के बावजूद इन दोनों को जो चीज एक दूसरे के करीब लाई वह थी संगीत.

आशा भोसले और आर डी बर्मन की पहली मुलाकात तब हुई जब आर डी महज़ 13 साल के  थे और आशा 19 साल की. आर डी बर्मन के पिता सचिन देब बर्मन ने दोनों की मुलाकात कराई. उस मुलाक़ात में पिता के आदेश पर पंचम दा ने आशा के पैर छुए थे. आशा भोसले ने 16 वर्ष की  उम्र में अपने से 15 साल बड़े गणपत रॉव भोसले से भागकर शादी की थी. तीन बच्चे होने के बाद दोनों के बीच दूरियां बढ़ गईं और दोनों 1960 में अलग हो गए. इस रिश्ते के टूटने का असर कभी उनके संगीत पर नहीं पड़ा और वो लगातार मशहूर होती गईं.

वह आसमान की बुलंदियों को छूने लगीं. वहीं दूसरी ओर पंचम दा आशा की गायकी के दीवाने होते जा रहे थे. वह अपनी हर फिल्म में आशा से ही गाने गवाते और इसी दौरान इन दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई. साल 1970 में आर डी ने रीता पटेल नाम की लड़की से शादी कर ली थी. आशा उस दौर में बिलकुल अकेली थीं. कुछ समय बाद पंचम और उनकी पत्नी के  बीच दरार आ गई. दोनों अलग हो गए. इसके बाद आरडी भी तनहा थे और उनके दिल में आशा के लिये प्यार पनपने लगा.

आशा और आरडी ने समझ लिया कि शायद दोनों एक-दूसरे के लिये ही बने हैं और 50 वर्ष की उम्र में आशा भोसले ने आर डी बर्मन से शादी करने का निर्णय किया. हालांकि इस शादी ने हर किसी को चौंका दिया, लेकिन एक दूजे के बने इन दो परिन्दों ने किसी की परवाह नहीं की.

ऐसे तो आशा भोसले को कई पुरस्कारों से नवाज़ा गया है लेकिन साल 1981 में फिल्म उमराव जान के गीत दिल चीज़ क्या है आप मेरी जान लीजिये और वर्ष 1986 में फिल्म इजाजत के गीत मेरा कुछ सामान तुम्हारे पास पड़ा है लिये राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से नवाजा गया. साल 2005 में उन्हें उनके एलबम आज जाने की जिद न करो के लिये एम टीवी ईमेज बेस्ट फीमेल पॉप ऐक्ट जैसे पुरस्कार से भी नवाज़ा गया.

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