इमरान ने दी चेतावनी, रैली रोककर दिखाएं नवाज

imran-khanपाकिस्तान में तहरीक-ए-इंसाफ(पीटीआई) पार्टी के नेता इमरान खान इन दिनों प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के खिलाफ मोर्चा खोले हैं. पनामा पेपर्स लीक में नाम आने और पीओके में सर्जिकल स्ट्राइक के बाद से नवाज शरीफ मुश्किलों में घिरे हैं. इमरान प्रधानमंत्री शरीफ के इस्तीफे की मांग करते हुए एक बड़े आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं. वे 2 नवंबर से सरकार के खिलाफ इस्लामाबाद में विरोध-प्रदर्शन की तैयारी में जुटे हैं. उन्होंने इस्लामाबाद को बंद रखने की घोषणा भी की है. रैली में शामिल होने के लिए देशभर से कार्यकर्ता इस्लामाबाद में जुटने लगे हैं. धार्मिक दलों के भी समर्थन में कूद पड़ने से नवाज परेशान हैं. इस विरोध-प्रदर्शन को लेकर पाकिस्तान में सियासी हलचल तेज हो गई है.

सरकार ने विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए इमरान के घर को चारों तरफ से घेर लिया है, ताकि उनके घर से बाहर निकलते ही उन्हें गिरफ्‌तार किया जा सके. इलाके में 50 हजार जवानों की तैनाती कर दी गई है. इस्लामाबाद में हर तरफ कफ्‌र्यू जैसा माहौल है. इस्लामाबाद की तरफ जाने वाले रास्तों को प्रशासन ने ब्लॉक कर दिया है. सड़कों पर जगह-जगह कंटेनर रख दिए गए हैं. नवाज शरीफ चाहते हैं कि प्रशासन की मदद से किसी तरह तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के आंदोलन को रोक दिया जाए. इससे पूर्व इमरान 2014 में भी सरकार के विरुद्ध चार महीने तक इस्लामाबाद में प्रदर्शन कर चुके हैं. फिलहाल इमरान ने आंदोलन के लिए एक ऐसा वक्त चुना है, जब नवाज शरीफ चारों तरफ से मुश्किलों में घिरे हैं. पाकिस्तान में सिक्युरिटी लीक होने के मामले में भी जनता नवाज शरीफ सरकार को ही दोषी ठहरा रही है. वहीं, प्रधानमंत्री नवाज शरीफ इसके लिए आर्मी चीफ राहील शरीफ को दोषी ठहरा रहे हैं. गौरतलब है कि राहील का कार्यकाल जल्द खत्म होने वाला है और नए आर्मी चीफ की नियुक्ति से पूर्व नवाज किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहते हैं. वहीं, नवाज को इस बात की भी आशंका है कि अगर इमरान का आंदोलन पिछली बार की तरह लंबा खिंच गया, तो सरकार के खिलाफ विरोधी लहर पैदा हो सकती है, जिसका खामियाजा उन्हें आगामी चुनाव में भुगतना पड़ सकता है.

प्रशासन द्वारा आंदोलन रोकने की तैयारियों को देखते हुए इमरान खान ने चुनौती दी है कि सरकार उनका आंदोलन और इस्लामाबाद मार्च रोककर दिखाए. उन्होंने पाकिस्तान के एक टीवी चैनल से कहा कि पीटीआई के कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन करेंगे, लेकिन सरकार ने अगर रैली में अड़चन डालने की कोशिश की, तो इससे उत्पन्न अव्यवस्था के लिए सरकार जिम्मेदार होगी. पीटीआई के चेयरमैन ने कहा कि हालिया असंतोष को लेकर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) दो घड़ों में बंट गई है. एक धड़ा अपनी ही सरकार के खिलाफ पीटीआई का समर्थन कर रहा है, वहीं दूसरा धड़ा किसी तरह नवाज शरीफ सरकार को बचाने में जुटा है. उन्होंने कहा कि अगर किसी कारण नवाज शरीफ के खिलाफ उनका आंदोलन कामयाब नहीं रहा, तो वे आगे भी प्रयास जारी रखेंगे. वे बिना थके अंतिम सांस तक नवाज शरीफ के खिलाफ आंदोलन करते रहेंगे. उन्होंने कहा कि नवाज शरीफ और भारत के प्रधानमंत्री मोदी एक ही एजेंडे पर काम कर रहे हैं. दरअसल, नवाज शरीफ मोदी के मकसद को पूरा करने में जुटे हैं. राजनीतिक अव्यवस्था का असर पाकिस्तान के शेयर बाजार पर भी पड़ रहा है. एक महीने के अंदर पाकिस्तान शेयर मार्केट को 400 करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है.

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