मौला मेरे मौला गीत ने बनारस में फैले उन्माद को शांत कर दियाः रेडियो मंत्रा

Mula-Mula-_Hogay-Dimagh-Ka-dahiकहते हैं संगीत में बहुत असर होता है, यह पत्थर को मोम कर सकता है, बुझे हुए दिये को रौशन कर सकता है, बिना बादल के बारिश करवा सकता है. सूफियों और संतो ने संगीत को खुदा या परमात्मा से मिलन का जरिया माना. संगीत का कमाल यह है कि भले ही इसकी तकनीकी बारीरियां श्रोता को समझ में न आयें लेकिन इसका असर अपने दिलो-दिमाग़ पर जरूर महसूस करता है. संगीत के इसी असर की एक मिसाल हाल ही में देश की सांस्कृतिक राजधानी केह जाने वाले बनारस में देखने को मिली.

बनारस में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी. ऐसे में वहां सुरक्षा और लोगों के बीच के भाईचारे को बनाये रखने के लिए पुलिस को कर्फ्यू तक लगाना पड़ा. ऐसे में लोगों के पास खबरे जानने के लिए एफम और टीवी चैनल ही जरिया थे. इन्हीं की मदद से शहर के माहौल को शांत किया जा सकता था और लोगों को शहर के हालात के बारे में सही जानकारी दी सकती थी, ऐेसे में बनारस में एफएम मन्त्रा ने अपने तय कार्यक्रमों में बदलाव करके सूफी संगीत और शांति का संदेश देने वाले गीतों का कार्यक्रम चलाया.

इस दौरान 16 अक्टूबर को रिलीज होने वाली फिल्म होगया दिमाग़ का दही के गीत मौला मेरे मौला को कई बार प्रसारित किया गया. रेडियो मन्त्रा के नेशनल प्रोग्रामिंग हेड अली ज़हीर ने बताया के एक रेडियो स्टेशन होने के नाते, हमारा दायित्व लोगों का मनोरंजन के साथ-साथ उन्हें जोड़ कर रखने और सामाजिक चेतना जगाने का भी है. जब कभी किसी शहर में इस तरह के हादसे होते हैं, रेडियो के माध्यम से हम लोगों को जागरूक करते हैं.

बनारस में कर्फ्यू वाले दिन पूरी रात रेडियो मन्त्रा के आर जे लाइव थे, ताकि लोगों को पल-पल की जानकारियां और अपडेट्‌स दिये जा सकें! संगीत की ऐसे समय में काफी अहम योगदान होता है, इसलिए हमने कर्फ्यू वाली रात रेडियो मन्त्रा का म्यूज़िक मेलो कार्यक्रम डाऊन कर दिया, और सूफ़ी और सॉफ्ट गाने चलाने लगे. हाल ही में रिलीज होने वाली फिल्म होगया दिमाग़ का दही की गीत मौला मेरे मौला जिसे कैलाश खेर और फ़ौज़िया अर्शी ने गाया है, हमारी प्लेलिस्ट में था.

इस गाने ने लोगों को बांधकर रखने में बड़ी भूमिका निभाई, मैं आशा करता हूं कि भविष्य में भी बॉलीवुड में ऐसे अच्छे गाने बनते रहेंगे…जो लोगों को एक अच्छे संदेश के साथ, उन्हें को जोड़े रखने और उनके बीच भाईचारा बनाए रखने में सहायता करंगेे! चौथी दुनिया से बात करते हुए रेडियो मंत्रा के अधिकारी ने बताया कि उनके पास बनारस के आम-खास सभी तरह के लोगों की मौला मेरे मौला गीत के संबंध में सकारात्मक प्रतिक्रियाएं आईं. लोगों ने खुलेदिल से इस गीत की तारीफ की और कहा कि जब तक देश में इस तरह के गीत बनते रहेंगे. देश के लागों के बीच का भाईचारा बना रहेगा. क्योंकि कुछ तो ऐसा है जो लोगों को उनके जमीर की आवाज सुनने के लिए मजबूर कर देता है.