वाह रे मोदी, आह रे मोदी!

15203233_10211478162776112_2940884177663393156_nकतार है कि खत्म ही नहीं हो रही. दो हफ्ते से ज्यादा हो गए, लेकिन बैंक या एटीएम के आगे लाइन लगी है. बैंक में कैश है नहीं, एटीएम बूथ खाली पड़े हैं, और देश का युवा कैशलेेस होने के ख्वाब देख रहा है. एक घंटे लाइन में लगने के बाद एटीएम पर कैश खत्म हो जाता है. लोग-बाग दौड़कर दूसरे एटीएम के आगे खामोशी से लाइन में लग जाते हैं. कौन कहता है कि मोदी कुछ नहीं कर रहे. पूरे देश को लाइन में लगा दिया, ये क्या कम है? लाइन में लगा एक युवक कह रहा था, भई एक जगह से दो हजार कैश निकाल कर आया हूं. फिर से लाइन में लगा हूं. मकान मालिक को किराया देना है. आज नहीं दिया, तो घर से बाहर निकाल देगा. बताता है कि गार्ड एक एटीएम से एक ही कार्ड यूज करने दे रहा था.

चाय-पानी मुफ्त

paniwalaसुबह एक जगह साइन बोर्ड पर नजर पड़ी. कोई कांग्रेस के सज्जन थे. लिखा था, बैंक की कतार में लगे लोगों को चाय-पानी मुफ्त. सुविधा के लिए महोदय ने अपना फोन नंबर भी नीचे डाल दिया था. आज जब मैं भी एटीएम की लाइन में लगा, तब उनका ध्यान आया. कुछ देर लाइन में लगा रहा. तो एक सज्जन पानी की थैली बांटते दिखे. उनसे पूछा, भाई कांग्रेसी हो. कहा, नहीं. मैंने फिर कुरेदा, तो जरूर किसी एनजीओ से होगे. उसने फिर कहा, नहीं. मेरी शंका बनी रही. मैंने पूछा तो फिर पानी की थैली क्यों बांट रहे हो. उसके जवाब से मैं निरुत्तर रह गया. कहा, लोगों को प्यासे लाइन में लगा देखा, तो इच्छा हुई कि क्यों न इन्हें पानी पिला दूं. काश कि हमारे मुखर मोदी और मौनी आरबीआई गवर्नर को भी कुछ सद्ज्ञान मिल पाता.

 

दस पुरुष पर एक महिला जाएं एटीएम में

एक एटीएम पर पुरुषों की लंबी लाइन लगी थी. कुछ महिलाएं अलग लाइन लगा कर खड़ी हो गईं. पुरुषों ने पहले तो महिलाओं की अलग लाइन का विरोध किया. पर बात न बनती देख, मौन साध लिया. इतने में एक नेता टाइप युवा ने कहा, दस पुरुष पहले एटीएम बूथ में जाएंगे, तब एक महिला जाएगी. तभी एक समाजसेवी महिला ने कहा, नहीं, एक पुरुष अंदर जाएंगे, फिर एक महिला. मचा हल्ला-हंगामा. मोदी की तरह गार्ड ने तुरंत निर्णय लिया, दो पुरुष के बाद एक महिला एटीएम बूथ में जाएगी. लोग सिर झुकाकर खड़े हो गए. पता था, ज्यादा चूं-चपड़ की, तो गार्ड लाइन से खदेड़ देगा.