योद्धा नागा की ललकार, पाक को देंगे करारा जवाब

nashik-kumbh-mela-sadhus-photoपाकिस्तान का मुकाबला करने के लिए नागा साधुओं ने कमर कस लिया है. वे पाकिस्तान को सबक सिखाने के लिए मैदान में कूद पड़े हैं. उनका कहना है कि अगर पाक पर कार्रवाई करने के लिए केंद्र सरकार को संतों और नागा फौज की जरूरत पड़ी, तो नागा साधु इसके लिए तैयार हैं.

मोदी से मांग रहे परमिशन 

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि अगर मोदी सरकार अमेरिका के अंदाज में पाकिस्तान को करारा सबक नहीं सिखा सकती, तो उसे नागा साधुओं को पाकिस्तान पर हमले की इजाजत दे देनी चाहिए. नागा साधु अकेले ही पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दे सकने में सक्षम हैं. साधु-संतों की सर्वोच्च संस्था अखाड़ा परिषद ने मोदी सरकारा पर सुरक्षा मामलों में ढुलमुल रवैया अख्तियार करने का भी आरोप लगाया है.

एक के बदले दस सिर लाने वाले कहां गए?

महंत नरेंद्र गिरि ने कहा कि एक के बदले दस सिर लाने का दावा करने वाले आज चुप क्यों हैं? उन्होंने कहा कि मोदी सरकार को सवा सौ करोड़ देशवासियों की भावनाओं का ख्याल रखना चाहिए. पाकिस्तान पर हमला बोलकर उसे मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए. आगे उन्होंने कहा कि नागा साधु पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार बैठे हैं. सरकार से इजाजत मिलते ही वे हमला बोलकर उसे करारा सबक सिखा सकते हैं.

आगे बढ़े, तो फिर नहीं हटेंगे पीछे

नरेंद्र गिरी का कहना है कि संतों को शास्त्र के साथ शस्त्र की भी दीक्षा दी जाती है. उन्होंने कहा कि साधुओं ने एक समय मुगलों से भी कड़ी टक्कर ली थी, वैसे ही वे पाक से भी मुकाबला करने के लिए तैयार हैं. एक बार नागा अगर युद्ध के मैदान में आगे बढ़े तो फिर वे पीछे नहीं हटेंगे. गौरतलब है कि जूना निरंजनी सहित कई अखाड़ों के पास नागा संन्यासियों की बड़ी फौज है. नागा साधुओं की ट्रेनिंग सेना के कमांडो की ट्रेनिंग से कम नहीं होती है. प्राचीन काल में अखाड़ों में नागा साधुओं को मठों की रक्षा के लिए एक योद्धा की तरह तैयार किया जाता था. मठों और मंदिरों की रक्षा के लिए इतिहास में नागा साधुओं ने कई लड़ाइयां भी लड़ी हैं.

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