नोटबंदी के खिलाफ विपक्ष एकजुट, विरोध में उतरे 13 पार्टियों के 200 सांसद

opposeनोटबंदी के खिलाफ विपक्ष का विरोध अब संसद से बाहर भी एकजुट नजर आने लगा है. मंगलवार को जहां ममता बनर्जी ने दिल्ली में नोटबंदी के खिलाफ प्रदर्शन किया, वहीं बुधवार को 13 विपक्षी पार्टियों के 200 सांसद नोटबंदी के फैसले के विरोध में एकजुट नजर आए. पूर्व प्रस्तावित विपक्ष के इस धरने में तमाम विपक्षी पार्टियों के कई बड़े नेता भी दिखे. कांग्रेस, टीएमसी, सपा, जेडीयू सहित कई दलों के नेता एक सुर में पीएम मोदी के नोटबंदी के खिलाफ सरकार पर हमलावर नजर आए.

संसद परिसर में गांधी मूर्ति के सामने हुए इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस की ओर से राहुल गांधी ने पार्टी सांसदों के साथ इसमें हिस्सा लिया. कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, पीएम को संसद में आकर बोलना चाहिए. इस मामले में घोटाला हुआ है. उसकी जेपीसी जांच होनी चाहिए. राहुल गांधी ने नोटबंदी से संबंधित कई मांगें भी सरकार के समक्ष रखी.

पहली मांगःकांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा, सबसे पहले हमारी मांग है कि पीएम इस देश को रिप्रजेंट करते हैं, तो संसद आएं. उन्हें पूरी डिबेट में बैठना चाहिए. उन्हें उसे सुनना पड़ेगा.

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दूसरी मांगः राहुल गांधी ने नोटबंदी को घोटाले के बाद का कदम साबित करते हुए कहा, हमें लगता है कि इस फैसले के पीछे एक स्कैम है. लगता है कि पीएम और उनके पार्टी प्रेसिडेंट ने अपने लोगों को पहले बताया था. इसकी जेपीसी जांच हो.

तीसरी मांगः सभी पार्टियां, हम सभी ब्लैक मनी के खिलाफ लड़ रहे हैं. सवाल ये है कि क्यों 100 करोड़ लोगों को परेशान किया गया? देश इस हिसाब से नहीं चल सकता. आपने इकोनॉमी को झटका दे दिया.

इससे पहले कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने नोटबंदी को प्रधानमंत्री द्वारा नाम कमाने के फैसले से जोड़ दिया. उन्होंने कहा, पीएम अपना नाम कमाने में लगे हैं. जनता को हो रही असुविधा की ओर उनका ध्यान नहीं है.

गौरतलब है कि मंगलवार को भी राहुल ने मोदी पर नोटबंदी के मसले पर पीएम से सवाल पूछा था. उन्होंने कहा था कि पीएम टीवी और कॉन्सर्ट में बोल सकते हैं, लेकिन संसद में क्यों नहीं बोल सकते?