जिसे बोर्ड ने किया फेल, वह निकली स्टेट टॉपर

rajsthanक्या आप इमेजिन कर सकते हैं कि जिसे बोर्ड परीक्षा में एक विषय में फेल कर दिया गया हो, वह रिवैल्युएशन के बाद स्टेट में चौथी रैंकिंग हासिल कर ले. प्रियंका शर्मा को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने पॉलिटिकल साइंस में फेल कर दिया था. रीवैल्युएशन के बाद उसने राजस्थान में चौथी रैंक हासिल की है. वह टोंक जिला के मलपुरा क्षेत्र में एक गवर्नमेंट सीनियर सेकंडरी स्कूल की छात्रा है. उसेे पॉलिटिकल साइंस में सिर्फ 27 नंबर मिले थे. वहीं, जब शिक्षकों ने प्रियंका की कॉपी को दोबारा चेक किया, तो उसे पॉलिटिकल साइंस में 50 नंबर ज्यादा मिले.

हालांकि प्रियंका को रीवैल्युएशन के रिजल्ट के लिए चार महीने तक इंतजार करना पड़ा. राजस्थान बोर्ड की इस गलती के कारण प्रियंका अपने प्रिय विषय को पढ़ने का विकल्प नहीं चुन सकी थी. उसने बताया कि उन्होंने रिजल्ट आने के पहले दिन ही रीवैल्युएशन के लिए आवेदन किया था. अपने कैरियर को देखते हुए प्रियंका ने बोर्ड से यह आग्रह किया था कि एक हफ्ते के अंदर स्कोर जारी किए जाएं, लेकिन बोर्ड ने उसकी एक न सुनी.

इतना ही नहीं, वह राज्य के टॉपरों को मिलने वाली 1 लाख रुपए के नकद पुरस्कार से भी वंचित रह गई. प्रियंका ने बताया कि मैंने जीवन में कभी भी 60 फीसदी से कम नंबर नहीं हासिल किए हैं. मुझे पता था कि मेरे साथ कुछ गलत हुआ है. प्रियंका को भूगोल में 99, अंग्रेजी में 95, हिंदी में 97 और वैकल्पिक हिन्दी में 89 अंक आए थे. उसे पॉलिटिकल साइंस में मात्र 27 नंबर मिले थे. इसे उन्होंने रिवैल्युएशन के लिए चैलेंज किया था.

प्रियंका का कहना है कि बोर्ड की इस गलती के लिए किसी अधिकारी को जिम्मेदार जरूर ठहराया जाना चाहिए. आगे उन्होंने बताया कि मैं ये भी चाहती हूं कि मुझे वे सभी पुरस्कार व नगद राशि मिले, जो बोर्ड की गलती के कारण किसी और को दे दिए गए हैं. वहीं प्रियंका के स्कूल प्रिंसिपल गिरधर सिंह का कहना है कि बोर्ड की इस गलती का खामियाजा एक होनहार छात्रा को भुगतना पड़ रहा है. इन दिनों प्रियंका काफी मानसिक पीड़ा से गुजरी है.