ट्रम्प की एडवाइजरी काउंसिल में होंगी हिलेरी कैंप की नूई

indra-nooyi-donald-trumpयूएस चुनाव में ट्रम्प का विरोध कर चुकीं पेप्सिको की चेयरमैन इंदिरा नूई को डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी एडवाइजरी काउंसिल में जगह दी है. भारतीय मूल की नूई ने यूएस चुनाव में हिलेरी क्लिंटन का समर्थन किया था. उन्होंने ट्रम्प की जीत के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी. चेन्नई में जन्मीं नूई 19 मेंबर्स वाली इस काउंसिल में अकेली भारतीय मूल की एक्जीक्यूटिव हैं.

स्पेसएक्स और टेस्ला के चेयरमैन एलॉन मस्क और उबेर के सीईओ ट्रविस कालनिक को भी काउंसिल में जगह दी गई है. इसमें कई अन्य टॉप बिजनेस लीडर्स भी शामिल हैं. काउंसिल प्राइवेट सेक्टर पर डोनाल्ड ट्रंप को इंडस्ट्री की समस्याओं व सुझाव की जानकारी देगी. काउंसिल को ट्रम्प का स्ट्रैटजिक एंड पॉलिसी फोरम भी कहा जा रहा है. यह सरकार के आर्थिक एजेंडों को पूरा करने में मदद करेगी.

ट्रम्प का विरोध कर चर्चा में रहीं

15 नवंबर को एक कॉन्फ्रेंस में नूई ने कहा था कि 9 नवंबर के बाद मैं लगातार कई सवालों का जवाब दे रही हूं. ये सवाल मेरी बेटियां और मेरे इम्प्लॉइज की तरफ से पूछे गए. वे दुखी और बेहद तनाव में हैं. हमारे अश्‍वेत इम्प्लॉइज रो रहे थे. मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे इस तरह के सवालों के जवाब देने होंगे. लोगों को यह भरोसा दिलाना होगा कि वे इस देश में सुरक्षित हैं. ट्रम्प 20 जनवरी को अमेरिका के 45वें प्रेसिडेंट पद की शपथ लेंगे.

दहशत में थे अश्‍वेत व अप्रवासी

अमेरिका में कई समुदाय इस बात से डरे हैं कि ट्रम्प उनके सिविल और मानवाधिकार खत्म कर देंगे. ट्रम्प ने चुनाव के दौरान इन समुदायों के प्रति आक्रामक प्रचार नीति अपनाई थी, जिससे लोग डरे थे. उन्होंने कैम्पेन के दौरान मुस्लिमों के खिलाफ कड़ा बयान दिया था. देश में मुसलमानों के आने पर रोक की मांग की थी. इतना ही नहीं, लोग इस बात से भी डरे थे कि ट्रम्प प्रशासन अप्रवासी लोगों को देश छोड़ने के लिए भी कह सकता है.

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