वाजपेयी सरकार में RBI गर्वनर रहे बिमल जलान ने नोटबंदी पर उठाए गंभीर सवाल

नई दिल्ली (ब्यूरो,चौथी दुनिया) : नोटबंदी के बाद मोदी सरकार लगातार सवालों के घेरे में घिर रही है। कई बड़े अर्थशास्त्रियों ने इस मामले पर सरकार के तरीके पर सवाल उठाए हैं। सवाल उठाने वालों की लिस्ट में पूर्व की एनडीए सरकार में आरबीआई के गर्वनर रहे बिमल जलान का नाम भी शामिल हो गया है।

बिमल जलान ने कहा कि लीगल टेंडर को बंद करने के पीछे कोई वाजिब वजह होनी चाहिए। सरकार को जनता को इस बारे में सही जानकारी देनी चाहिए। उन्होने कहा कि ऐसे फैसले तब लिए जाते हैं जब देश में युद्ध जैसे हालात बनते हैं या फिर देश की सुरक्षा को खतरा होता है। एकाएक ऐसे फैसले नहीं लिए जाने चाहिए।

बिमल जालान ने कहा कि देश में हर किसी के पास कालाधन हैं ऐसा सोचना बिल्कुल गलत है। एक अंग्रेजी अखबार से बात करते हुए जलान ने कहा कि नोटबंदी के बाद सरकार की तैयारी ऐसी होनी चाहिए थी कि जिसके पास कालाधन नहीं है उसे इससे कम से कम परेशानी हो, लेकिन सरकार ऐसा करने में नाकाम नजर आ रही है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बिमल जलान 1997 से लेकर 2003 तक आरबीआई के गर्वनर के पद पर रह चुके हैं।

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