जूनियर विश्व कप हॉकी में चमक रहा भारत

जूनियर विश्व कप हॉकी के शुरुआती मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहद शानदार प्रदर्शन किया है. भारतीय टीम ने कड़कड़ाती ठंड के बीच अपने अभियान की बेजोड़ शुरुआत करते हुए पहले कनाडा और उसके बाद इंग्लैंड को धूल चटाते हुए अगले दौर में मजबूती से कदम बढ़ा दिया है.

दुधिया रौशनी में भारतीय खिलाड़ियों के चमकदार प्रदर्शन ने भविष्य की नई तस्वीर पेश की है. टीम का हौसला बढ़ाने के लिए सीनियर कोच भी खास तौर पर भारतीय खिलाड़ियों पर नजर बनाये हुए हैं.

भारतीय टीम ने भले ही कनाडा के खिलाफ शुरुआती मिनटों में थोड़ी जल्दीबाजी दिखाई हो, लेकिन बाद में उसने लय पकड़ते हुए कनाडा को 4-0 से पराजित कर अपने अभियान की शानदार शुरुआत की. इसके बाद भारतीय टीम ने इंग्लैंड को भी चारो खाने चित कर दिया.

भारतीय टीम ने एक बेहद कड़े मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका को 2-1 से पराजित कर क्वार्टर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया. इस मुकाबले में दोनों ही टीमों के खिलाड़ियों ने गजब का खेल दिखाया. शुरुआत में भारतीय टीम ने अपना हमलावर खेल यहां भी जारी रखा.

मैच के पहले हाफ में टीम इंडिया पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील करने में भले ही नाकाम रही हो, लेकिन मैदान पर उसके खिलाड़ी लगातार मेहमान टीम के लिए खतरा बने रहे.

इसी दौरान मैच के पहले हाफ में गजब की हॉकी प्रदर्शन करते हुए मेजबान टीम के हरजीत सिंह के द्वारा गोल करने के बाद भारतीय खेल प्रेमी झूम उठे. इसके बाद दक्षिण अफ्रीका टीम ने भी भारतीय गोल पोस्ट में घुसकर कई बार ताकतवर खेल दिखाया, लेकिन भारतीय रक्षा पंक्ति इसको बेहद आसानी से नाकाम करने में सफल रही.

इसी हाफ में दक्षिण अफ्रीका की टीम को पहला पेनाल्टी कॉर्नर मिला और उसको गोल में बदलने में टीम कामयाब रही. दक्षिण अफ्रीका की तरफ से 28वें मिनट में लायन ने पेनाल्टी कार्नर के सहारे गोल दागकर अपनी टीम को 1-1 की बराबरी पर ला दिया. पहले हाफ के खत्म होने से पूर्व भारतीय खिलाड़ी अरमान कुरैशी दक्षिण अफ्रीकी डी में गेंद लेकर घुस गए लेकिन दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों ने भारतीय टीम को रोक दिया.

इस तरह से पहला हाफ 1-1 की बराबरी पर खत्म हुआ. दूसरे हाफ में भारतीय टीम ने चढ़कर खेलना शुरू कर दिया. इसके बाद दक्षिण अफ्रीका की रक्षा पंक्ति चरमराती हुई दिखी. मैच के 55वें मिनट में मनदीप सिंह ने शानदार गोल दागकर अपनी टीम को 2-1 की शानदार जीत दिलाई. इस तरह से टीम इंडिया जूनियर हॉकी विश्व हॉकी क्वार्टर फाइनल में प्रवेश कर लिया है.

इससे पूर्व कनाडा के खिलाफ टीम के सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शुमार मनदीप सिंह, हरमनप्रीत सिंह, वरुण कुमार और अजित पांडेय ने अपनी हॉकी की बदौलत भारत को सफलता दिलाई.

हालांकि मेजबान टीम कुछ मौकों पर नाकाम दिखी, लेकिन फिर जल्दी ही इससे उबर गई. कनाडा के खिलाफ मुकाबले में कई बार भारतीय खिलाड़ी कनाडा के गोल पोस्ट तक बेहद आसानी से पहुंच गए. शुरू के 15 मिनट छोड़ दिए जाएं तो इसके बाद मैदान पर भारतीय खिलाड़ियों की ही हुकूमत साफ-साफ देखी जा सकती थी.

मैच के 35वें मिनट में मनदीप सिंह ने दिलेरी का परिचय देते हुए कनाडा के डी में घुसकर शानदार रिवर्स हिट लगाकर टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी. इसके बाद भारतीय हॉकी लगातार कनाडा पर दबाव बनाए रखने में सफल रही. हालांकि इस दौरान कनाडा ने भी कई गोल करने के अवसर गंवाए. पहले हाफ तक भारतीय टीम इसी स्कोर पर रही.

दूसरे हाफ में टीम ने एक बार फिर हमला करना शुरू किया. मैच के 46वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर के सहारे डैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह ने कनाडा के गोलकीपर को छकाते हुए गोल दागकर अपनी टीम को 2-0 की बढ़त दिला दी. इसके बाद तो कनाडा टीम पूरी तरह से मैच से बाहर दिखी और भारत ने 60वें और 66वें मिनट में गोल कर इस मुकाबले को 4-0 से अपने नाम कर लिया. इस जीत के साथ भारतीय खेमों में खुशी की लहर देखी जा सकती थी.

टीम इंडिया का अगला मुकाबला मजबूत इंग्लैंड से था लेकिन भारतीय टीम ने आसानी से इस चुनौती को भी ध्वस्त कर टूर्नामेंट में दूसरी जीत दर्ज की. इस मुकाबले में टीम इंडिया ने इंग्लैंड को 5-3 के अंतर से रौंद कर टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी को और मजबूती दे दी. इंग्लैंड के खिलाफ टीम इंडिया ने एक बार फिर उम्मीद के मुताबिक मेहमान टीम के होश ठिकाने लगा दिए.

हालांकि मैच के शुरुआती मिनटों में इंग्लैंड ने गोल दाग कर स्टेडियम में सनसनी फैला दी थी, लेकिन भारत ने जवाबी हमला करते हुए 24वें मिनट में हरजीत सिंह की समझदारी की बदौलत परविंदर सिंह ने गोल दाग कर टीम को बराबरी पर ला दिया. इसके बाद मेजबान टीम ने जोरदार हमला कर इंग्लैंड की रक्षा पंक्ति को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया.

पहले हाफ के समाप्त होने से पूर्व अरमान कुरैशी ने मौके का फायदा उठाते हुए टीम को एक और सफलता दिलाई. इसके साथ ही पहले हाफ में टीम इंडिया 2-1 से बढ़त बनाने में सफल रही. दूसरे हाफ में भारतीय खिलाड़ी इंग्लैंड टीम को छोड़ने के मुड में नहीं थे, हालांकि इस दौरान इंग्लैंड कई मौकों पर भारतीय खिलाड़ियों को चकमा देने में कामयाब रही.

दूसरे हाफ में मिले पेनाल्टी कॉर्नर में हरमनप्रीत ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन जारी रखते हुए एक और गोल कर स्कोर को 3-1 कर दिया. इसके बाद तो भारतीय खिलाड़ियों ने लगातार काउंटर अटैक कर इंग्लैंड की टीम के नाक में दम कर दिया. कप्तान हरजीत सिंह और वरुण कुमार ने दबाव बनाते हुए स्कोर को 5-1 कर दिया.

इसके बाद इंग्लैंड की टीम ने कुछ गोल कर अपना सम्मान बचाने की कोशिश की लेकिन अब तक काफी देर हो चुकी थी. इस तरह से टीम इंडिया ने इंग्लैंड को 5-3 से पराजित कर अपने अभियान को मजबूती दे दी. टीम इंडिया ने लीग मैचों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन किया है. कुल मिलाकर भारतीय हॉकी टीम इस बार करिश्मा करने में सफल हो सकती है. अब यह देखना रोचक होगा कि भारतीय जूनियर टीम दुनिया की सर्वश्रेष्ठ टीमों के खिलाफ कैसी हॉकी खेलती है.